

जानिए पण्डितजी के अनुसार आपका वर्ष कैसा रहेगा -
स्वास्थ्य: इस वर्ष शनि आपके चतुर्थ भाव में रहेगा। जिसके कारण आपके ऊपर ढैया का प्रभाव रहेगा। पेट दर्द की शिकायत बढ़ने की सम्भावना बन रही है। मानसिक रोगों से पीड़ित लोगों की सेहत बिगड़ सकती है। वर्ष की शुरुआत में गुरु आपकी राशि पर दृष्टि डालते रहेंगे। जिसके कारण आपको बीमारियों से राहत मिलेगी। जून से सितम्बर के बीच बवासीर के रोगियों को कष्ट देगा। इस दौरान आपको विद्युत उपकरणों से भी बचना चाहिये। इस वर्ष आपको भोजन की शुद्धता का ध्यान रखना चाहिये। वर्ष के अन्त में आपको उत्तम स्वास्थ्य लाभ हो सकता है।
आर्थिक स्थिति: इस वर्ष शनि की दृष्टि षष्टम् स्थान पर पड़ती रहेगी। जिसके कारण आपको आर्थिक रूप से परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। गुरु सप्तम भाव में जून 2026 तक रहेंगे जिसके कारण यह पूरा समय धन के लिये सुखद नहीं रहेगा। जनवरी से अप्रैल के बीच आपको व्यापार में धन हानि होने की आशंका है। हालाँकि आप लोगों की सहायता करने से पीछे नहीं हटेंगे। विवादित मामलों पर धन खर्च करने से आपको बचना चाहिये। जून से सितम्बर के बीच आपको व्यवसाय में धन लाभ हो सकता है। कमीशन और शेयर मार्केट में निवेश से अच्छा आर्थिक लाभ मिलेगा। वर्ष की अन्तिम तिमाही काफी अच्छी रहेगी।
कौटुम्बिक एवं सामाजिक: जनवरी से मार्च के मध्य परिवार के साथ आप काफी अच्छा समय बितायेंगे। जून माह के बाद जब बृहस्पति का गोचर कर्क में होगा तब आपको सामाजिक अवमानना का शिकार होना पड़ सकता है। यद्यपि गुरु की दृष्टि के कारण परिवार में समृद्धि रहेगी। वाहन और सम्पत्ति लाभ से आपका मन प्रसन्न रहेगा। परिवार में कुछ मांगलिक कार्यक्रम हो सकते हैं। सन्तान को करियर में उत्तम सफलता मिलेगी। कड़वी भाषा प्रयोग करने से आपके सम्बन्ध बिगड़ सकते हैं। चाचा और मामा पक्ष के लोगों के साथ आपके तनाव बढ़ने की आशंका है।
प्रणय जीवन: इस वर्ष आपको अत्यन्त परिपक्वता से रिश्तों को सम्भालना होगा। बृहस्पति की सप्तम भाव में स्थिति के कारण परेशानियाँ जन्म ले सकती हैं। फरवरी से अप्रैल के बीच के समय जीवनसाथी से अत्यधिक मनमुटाव हो सकते हैं। इसीलिये इस दौरान धैर्यपूर्वक चलना हितकर होगा। इसके पश्चात् जून में गुरु के गोचर परिवर्तन के बाद परेशानियाँ बढ़ेंगी। यद्यपि शनि की दृष्टि के कारण प्रेम सम्बन्धों में कई बार गलतफहमी का सामना करना पड़ सकता है। विवाह योग्य जातकों का विवाह वर्ष के अन्त में हो सकता है। अक्टूबर के बाद वैवाहिक सुख में वृद्धि होगी।
शिक्षा और करियर: व्यवसाय में नये साझेदार जुड़ सकते हैं। आपको समझौतों के माध्यम से अत्यधिक लाभ भी होगा। वर्ष का शुरुआती भाग व्यापार की दृष्टि से अत्यन्त नकारात्मक हो सकता है। विद्यार्थियों का मन पढ़ाई से उचट सकता है। जून के बाद प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्रों को इस वर्ष सफलता मिलने के योग बन रहे हैं। लम्बे समय से तैयारी कर रहे विद्यार्थियों के लिये वर्ष बहुत अच्छा है। वकालत, मेडिकल और अकाउंट के क्षेत्र से जुड़े लोगों के लिये लाभ की परिस्थितियाँ निर्मित होंगी। तृतीय भाव का राहु विदेश जाकर करियर और शिक्षा के लिये अत्यधिक शुभ रहेगा।
समाधान: प्रत्येक शनिवार को काले तिल, काले वस्त्र और बादाम का दान करें।
द्रिक पञ्चाङ्ग के पण्डितजी आपके मंगलमय वर्ष की कामना करते हैं।