

जानिए पण्डितजी के अनुसार आपका वर्ष कैसा रहेगा -
स्वास्थ्य: इस वर्ष आपकी राशि से द्वादश भाव में केतु का प्रत्यक्ष प्रभाव रहेगा। यदि आपको पहले से कोई बीमारी है तो इस वर्ष आपको अधिक सावधान रहना चाहिये। राहु आपको अचानक अस्पताल के चक्कर लगवा सकता है। किन्तु बृहस्पति के कारण आप सकारात्मक बने रहेंगे। वर्ष की शुरुआत में ही आपको समस्या हो सकती है। वर्ष के अन्तिम दो महीनों के दौरान बृहस्पति आपकी राशि से द्वादश भाव में रहने से कफ बिगड़ सकता है। यदि आपको किसी बीमारी को लेकर शंका है तो चिकित्सीय सलाह लें साथ ही आपको जाँच भी अवश्य करा लेनी चाहिये। यह वर्ष पेट में गम्भीर इन्फेक्शन के संकेत दे रहा है। इसीलिये सावधानी रखने में चूक न करें।
आर्थिक स्थिति: इस वर्ष आप पूँजी निवेश की योजना बना सकते हैं। सट्टे और शेयर बाजार से आपको बड़ा लाभ हो सकता है। शनिदेव आपकी आय में निरन्तरता बनाये रखेंगे। मार्च महीने में महँगे इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की खरीदारी कर सकते हैं। जून के बाद नयी नौकरी के लिये तैयारी कर रहे हैं तो उसमें आपकी आय बढ़ सकती है। द्वादश भाव का केतु आपके खर्चों में अचानक वृद्धि करायेगा। इसीलिये किसी को धन देने से सावधानी रखें। मेडिकल खर्चे आपका बजट बिगाड़ सकते हैं। युवाओं के मन में गलत कार्यों में निवेश करने की प्रवृत्ति उत्पन्न होगी।
कौटुम्बिक एवं सामाजिक: पूरे वर्ष शनि आपकी राशि से सातवें भाव में भ्रमण करेगा। आपका सामाजिक दायरा इस वर्ष काफी अच्छा रहेगा। जून माह के बाद निःसन्तान दम्पति सन्तान की योजना बना सकते हैं। गुरु की पञ्चम दृष्टि से सन्तान अत्यन्त आज्ञाकारी रहेगी। उनकी शिक्षा-दीक्षा काफी अच्छी रहने वाली है। हालाँकि आपको अगस्त के बाद उनकी संगत का अत्यधिक ध्यान देना होगा। गुरु की अच्छी स्थिति के कारण आपका पारिवारिक जीवन अच्छा रहेगा। परिवार के कई सदस्यों के लिये उनके करियर और धन के मामले में यह वर्ष शुभ सिद्ध होगा। अप्रैल से जून के बीच माता के स्वास्थ्य का ध्यान रखना होगा।
प्रणय जीवन: वर्ष की शुरुआत प्रेम सम्बन्धों के लिये शुभ रहेगी। विपरीत लिङ्ग के लोग आपसे अत्यन्त प्रसन्न रहेंगे। यदि आप अविवाहित कन्या हैं तो आप रिलेशनशिप में बँध सकते हैं। जनवरी से मार्च तक का समय विवाह के लिये भी अनुकूल है। वैवाहिक रिश्तों में मजबूती होने से आप अत्यधिक सन्तुष्टि का अनुभव करेंगे। लेकिन वर्ष का मध्य भाग जीवनसाथी की सेहत को बुरी तरह प्रभावित कर सकता है। अक्टूबर माह में जीवनसाथी के साथ कुछ मनमुटाव होता रहेगा।
शिक्षा और करियर: वर्ष की शुरुआत में गुरु की पञ्चम दृष्टि राशि से द्वितीय भाव पर पड़ेगी, इसके कारण आपकी शिक्षा की कई तरह की बाधाओं का निवारण होता रहेगा। उच्च शिक्षा में मनचाहा परिणाम मिलने से यह वर्ष आपके लिये अत्यन्त सौभाग्यशाली हो सकता है। प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करने वाले जातकों के लिये मई तक का समय अत्यन्त शुभ रहेगा। विदेश में शिक्षा और करियर के अवसर खोज रहे हैं तो थोड़ी सावधानी रखें आप ठगी का भी शिकार हो सकते हैं। फरवरी, जुलाई और सितम्बर थोड़े कमजोर हो सकते हैं।
समाधान: प्रतिदिन श्रीविष्णु सहस्रनाम स्तोत्र का पाठ करें।
द्रिक पञ्चाङ्ग के पण्डितजी आपके मंगलमय वर्ष की कामना करते हैं।