


जानिए पण्डितजी के अनुसार आपका वर्ष कैसा रहेगा -
स्वास्थ्य: वर्ष की शुरुआत में वक्री गुरु आपकी राशि पर रहेंगे जिसके कारण आपको सेहत को हलके में नहीं लेना चाहिये। अपनी जीवनशैली पर विशेष ध्यान देना होगा। नाक-कान-गले की समस्याओं की चपेट में आ सकते हैं। यदि किसी प्रकार के नशे का सेवन करते हैं तो आपको अत्यधिक ध्यान देना होगा। पञ्चम भावस्थ राहु के कारण उदर सम्बन्धी विकार जन्म ले सकते हैं। पित्त जनित व्याधियों की सम्भावना बन सकती है।
आर्थिक स्थिति: आर्थिक दृष्टि से वर्ष शुभफलकारी कहा जा सकता है। किन्तु मार्च 11 से जून 2 के मध्य आपके खर्चे अचानक से बहुत बढ़ सकते हैं। घर की साज-सज्जा में आप अत्यधिक धन खर्च करेंगे। सोना-चाँदी जैसी धातुओं में निवेश कर सकते हैं। शेयर मार्केट में निवेश करना हितकर होगा। किसी परिजन से धन उधार लेन-देन न करें। सितम्बर 18 से अक्टूबर 31 के बीच आप कोई बड़ा लोन लेने की योजना में काम कर सकते हैं।
कौटुम्बिक एवं सामाजिक: परिवार के लोग आपके भावों की ज्यादा कद्र नहीं करेंगे। अपनी बातों को मनवाने की जल्दबाजी न करें। मार्च से जून के बीच घर में मांगलिक कार्यक्रम हो सकते हैं। सन्तान के करियर को लेकर कुछ चिन्ता हो सकती है। पिता को लेकर आप कुछ परेशान रहेंगे। ससुराल पक्ष से सम्बन्ध अच्छे रखें। माता-पिता को तीर्थ यात्रा कराने का विचार बनायेंगे। जनवरी में पिता के साथ कुछ मनमुटाव हो सकता है।
प्रणय जीवन: वर्ष की शुरुआत में गुरु की अमृत दृष्टि आपकी राशि से सप्तम और पञ्चम भाव पर पड़ रही है। जिनके दाम्पत्य जीवन में कलह चल रही हो उन्हें झगड़ा सुलझाने का अवसर प्राप्त होगा। जनवरी से मार्च के बीच गुरु के वक्री होने के कारण अविवाहितों का विवाह कुछ परेशानियों के बाद ही सम्पन्न होगा। प्रेम विवाह को लेकर सहमति बनाने में कोई समस्या नहीं आयेगी। नये प्रेम सम्बन्धों में वासना का भाव अधिक रहेगा। जून के महीने में पुराना रिश्ता टूटने की आशंका है। अगस्त-सितम्बर के बीच भी जीवनसाथी से मनमुटाव हो सकते हैं।
शिक्षा और करियर: वर्ष के शुरुआती महीने करियर की दृष्टिकोण से बहुत ही अच्छे रहेंगे। उच्च शिक्षा में आ रही बाधा दूर होगी। धैर्यपूर्वक काम करें और उतावले विचारों से बचें। भविष्य की योजनाओं को लेकर विचार बनायेंगे। सम्पत्ति से धन लाभ होगा। यह वर्ष शिक्षा के लिये बहुत ही अच्छा है। लेकिन बहुत मेहनत करने के बाद ही सफलता दिख रही है। कारोबार में कुछ नयी रणनीति बना सकते हैं। विदेशों से होने वाला व्यापार लाभप्रद सिद्ध होगा। अक्टूबर से दिसम्बर तक का समय बहुत ही अच्छा होगा।
समाधान: प्रत्येक शनिवार सुन्दरकाण्ड का पाठ करें और हनुमान जी की आरती करें।
द्रिक पञ्चाङ्ग के पण्डितजी आपके मंगलमय वर्ष की कामना करते हैं।