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Deepakदो घटी मुहूर्त | दो घटी मुहूर्त तालिका नई दिल्ली, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र, इण्डिया के लिएDeepak

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 वर्तमान दो घटी मुहूर्त
Day Sun

प्रातः

07:10 ए एम से 07:55 ए एम
00:11:23 Countdown Sandbox
नई दिल्ली, इण्डिया

19

अक्टूबर 2019
शनिवार
शनिवार, अक्टूबर 19, 2019
📅तिथि चुनेंhttps://www.drikpanchang.com/placeholderClose
Day Sunदिवस मुहूर्त
Sunrise06:24 ए एम
प्रातः
06:24 ए एम से 07:10 ए एम
प्रातःCountdown Sandbox
07:10 ए एम से 07:55 ए एम
प्रातः
07:55 ए एम से 08:41 ए एम
सङ्गव
08:41 ए एम से 09:26 ए एम
सङ्गव
09:26 ए एम से 10:12 ए एम
सङ्गव
10:12 ए एम से 10:58 ए एम
मध्याह्न
10:58 ए एम से 11:43 ए एम
मध्याह्न - अभिजित मुहूर्त
11:43 ए एम से 12:29 पी एम
मध्याह्न
12:29 पी एम से 01:14 पी एम
अपराह्ण
01:14 पी एम से 02:00 पी एम
अपराह्ण - विजय मुहूर्त
02:00 पी एम से 02:45 पी एम
अपराह्ण
02:45 पी एम से 03:31 पी एम
सायाह्न
03:31 पी एम से 04:17 पी एम
सायाह्न
04:17 पी एम से 05:02 पी एम
सायाह्न
05:02 पी एम से 05:48 पी एम
Night Starsरात्रि मुहूर्त
Sunset05:48 पी एम
प्रदोष - सायाह्न सन्ध्या
05:48 पी एम से 06:38 पी एम
प्रदोष - 1/2 सायाह्न सन्ध्या
06:38 पी एम से 07:29 पी एम
प्रदोष
07:29 पी एम से 08:19 पी एम
रात्रि
08:19 पी एम से 09:10 पी एम
रात्रि
09:10 पी एम से 10:00 पी एम
रात्रि
10:00 पी एम से 10:51 पी एम
रात्रि
10:51 पी एम से 11:41 पी एम
निशिता - महानिशिता मुहूर्त
11:41 पी एम से 12:31 ए एम, अक्टूबर 20
रात्रि
12:31 ए एम से 01:22 ए एम, अक्टूबर 20
रात्रि
01:22 ए एम से 02:12 ए एम, अक्टूबर 20
रात्रि
02:12 ए एम से 03:03 ए एम, अक्टूबर 20
रात्रि
03:03 ए एम से 03:53 ए एम, अक्टूबर 20
रात्रि
03:53 ए एम से 04:44 ए एम, अक्टूबर 20
अरुणोदय - 1/2 प्रातः सन्ध्या
04:44 ए एम से 05:34 ए एम, अक्टूबर 20
अरुणोदय - प्रातः सन्ध्या
05:34 ए एम से 06:25 ए एम, अक्टूबर 20

टिप्पणी: सभी समय १२-घण्टा प्रारूप में नई दिल्ली, इण्डिया के स्थानीय समय और डी.एस.टी समायोजित (यदि मान्य है) के साथ दर्शाये गए हैं।
आधी रात के बाद के समय जो आगामि दिन के समय को दर्शाते हैं, आगामि दिन से प्रत्यय कर दर्शाये गए हैं। पञ्चाङ्ग में दिन सूर्योदय से शुरू होता है और पूर्व दिन सूर्योदय के साथ ही समाप्त हो जाता है।

दो घटी मुहूर्त क्या है?

वैदिक ज्योतिष में एक दिन, सूर्योदय से अगले दिन के सूर्योदय तक माना जाता है। अर्थात दिन सूर्योदय से प्रारम्भ होकर अगले दिन सूर्योदय पर अन्त होता है। सूर्योदय से सूर्यास्त के समय को 30 (३०) घटी (वैदिक समय गणना की इकाई) में विभाजित किया गया है। एवं सूर्यास्त से सूर्योदय के मध्य का समय भी 30 घटी में विभाजित किया जाता है। इसका अर्थ ये है, कि एक पूरे दिन में 60 (६०) घटी होती हैं।

एक पूरा दिन = 60 घटी

1 घटी = 60 पल

1 पल = 60 विपल

घटी समय को मापने की एक वैदिक इकाई है। यह एक दिन का तीसवाँ भाग होती है। यदि आप सूर्योदय से सूर्यास्त के मध्य के समय को 30 भागों में विभाजित करेंगे, तो हमें 1 घटी की अवधि प्राप्त होगी।

बहुत सी वेबसाइट और ज्योतिषी, घटी के समय अवधि को स्थिर समझ, एक घण्टे को 2.5 (ढाई) घटी के बराबर मान लेते हैं जो की सही नहीं है। घटी की अवधि (घटीकाल) स्थिर न होकर स्थान के अनुसार बदलती रहती है। 1 घटी लगभग 24 मिनट की होती है।

सूर्योदय और सूर्यास्त के मध्य की अवधि = 30 घटी

(सूर्योदय और सूर्यास्त के मध्य की अवधि / 30) = 1 घटी

एक दिन में कुल 30 मुहूर्त होते हैं। 15 मुहूर्त दिन में एवं 15 मुहूर्त रात्रि में होते हैं। प्रत्येक मुहूर्त 2 घटी का होता है, इसलिए ये 30 मुहूर्त "दो घटी मुहूर्त" के नाम से भी जाने जाते हैं। इन 30 महुर्तों के नाम निम्नलिखित हैं -

  1. रुद्र मुहूर्त हानिकारक होता है।
  2. आहि मुहूर्त हानिकारक होता है।
  3. मित्र मुहूर्त लाभदायक होता है।
  4. पितृ मुहूर्त हानिकारक होता है।
  5. वसु मुहूर्त लाभदायक होता है।
  6. वाराह मुहूर्त लाभदायक होता है।
  7. विश्वेदेवा मुहूर्त लाभदायक होता है।
  8. विधि मुहूर्त लाभदायक है - सोमवार और शुक्रवार को छोड़कर।
  9. सतमुखी मुहूर्त लाभदायक होता है।
  10. पुरुहूत मुहूर्त हानिकारक होता है।
  11. वाहिनी मुहूर्त हानिकारक होता है।
  12. नक्तनकरा मुहूर्त हानिकारक होता है।
  13. वरुण मुहूर्त लाभदायक होता है।
  14. अर्यमन् मुहूर्त लाभदायक है - रविवार को छोड़कर।
  15. भग मुहूर्त हानिकारक होता है।
  16. गिरीश मुहूर्त हानिकारक होता है।
  17. अजपाद मुहूर्त हानिकारक होता है।
  18. अहिर्बुध्न्य मुहूर्त लाभदायक होता है।
  19. पुष्य मुहूर्त लाभदायक होता है।
  20. अश्विनी मुहूर्त लाभदायक होता है।
  21. यम मुहूर्त हानिकारक होता है।
  22. अग्नि मुहूर्त लाभदायक होता है।
  23. विधातृ मुहूर्त लाभदायक होता है।
  24. कण्ड मुहूर्त लाभदायक होता है।
  25. अदिति मुहूर्त लाभदायक होता है।
  26. जीव/अमृत बहुत ही शुभ होता है।
  27. विष्णु मुहूर्त लाभदायक होता है।
  28. द्युमद्गद्युति मुहूर्त हानिकारक होता है।
  29. ब्रह्म बहुत ही शुभ होता है।
  30. समुद्रम मुहूर्त लाभदायक होता है।
Kalash
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