
उत्तराषाढा नक्षत्र - उत्तराषाढा वैदिक ज्योतिष में इक्कीसवाँ नक्षत्र है, जिसका विस्तार 26°40' धनु से 10° मकर तक है।
प्रतीक चिह्न - इस नक्षत्र का प्रतीक चिह्न एक हाथी का दाँत एवं छोटी शैय्या है।
खगोलीय नाम - इस नक्षत्र का खगोलीय नाम σ सैगिटारी (Sagittarii) है।
नक्षत्र के देवता - विश्वदेव, अर्थात सार्वभौमिक देवता ही उत्तराषाढा नक्षत्र के अधिष्ठाता हैं।
शासक ग्रह - उत्तराषाढा नक्षत्र पर सूर्य (सूर्य ग्रह) शासन करता है।
अन्य - उत्तराषाढा का अर्थ है 'विलम्बित विजय'। मान्यताओं के अनुसार, इस नक्षत्र में जन्म लेने वाले जातकों को सर्वाधिक आकर्षक व्यक्तित्व तथा अच्छे व्यवहार के लिये जाना जाता है। ये जातक घोर आक्रामकता के प्रति भी शान्तिपूर्ण व्यवहार का पालन करते हैं। अपनी स्वतन्त्रता की भावना के कारण, वे अकेले रहते हैं तथा कभी-कभी विवाह में कठिनाइयों का सामना करते हैं। अकेलेपन को इस नक्षत्र के पशु, नेवले द्वारा भी दर्शाया जाता है, जिसके साथ मादा नहीं है। माना जाता है कि, वे परिष्कृत, मृदुभाषी, शुद्ध हृदय वाले, निष्पाप होते हैं तथा अनेक मामलों में समाज में बहुत उच्च स्थान पर प्रतिष्ठित होते हैं। मान्यताओं के अनुसार, लग्न में इस नक्षत्र के उदय होने वाले व्यक्ति का व्यक्तित्व अद्भुत होता है।
नक्षत्र अस्त उदय - उत्तराषाढा प्रति वर्ष लगभग 31 दिनों की अवधि के लिये अस्त हो जाता है। उत्तराषाढा नक्षत्र के अस्त एवं उदय होने का समय ज्ञात करने हेतु सम्बन्धित पृष्ठ देखें - उत्तराषाढा अस्त उदय।
नक्षत्र गोचर - उत्तराषाढा को अधिकांश शुभ कार्यों हेतु उत्तम माना जाता है। वर्ष पर्यन्त, चन्द्रमा किस समय उत्तराषाढा नक्षत्र में गोचर कर रहा है, यह ज्ञात करने हेतु उक्त पृष्ठ का अवलोकन करें - उत्तराषाढा नक्षत्र के सभी दिनों की सूचि।