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हिन्दु ज्योतिष में पूर्वाषाढा नक्षत्र

DeepakDeepak

पूर्वाषाढा नक्षत्र

पूर्वाषाढा नक्षत्र का विवरण

Purva Ashadha Nakshatra

पूर्वाषाढा नक्षत्र - पूर्वाषाढा वैदिक ज्योतिष में बीसवाँ नक्षत्र है, जिसका विस्तार धनु राशि में 13°20' से 26°40' तक है।

प्रतीक चिह्न - इस नक्षत्र का प्रतीक हाथी का दाँत, पँखा तथा सूप को माना जाता है।

खगोलीय नाम - इस नक्षत्र के खगोलीय नाम δ तथा ε सैगिटारी (Sagittarii) हैं।

नक्षत्र के देवता - अपः नामक जल देवता ही पूर्वाषाढा नक्षत्र के अधिष्ठाता हैं।

शासक ग्रह - पूर्वाषाढा नक्षत्र पर शुक्र (शुक्र ग्रह) का शासन होता है।

अन्य - पूर्वाषाढा का अर्थ, 'शीघ्र विजय' अथवा 'अपराजित एवं अजेय' होता है। पूर्वाषाढा नक्षत्र के जातकों के पास स्पष्ट वाणी का दिव्य उपहार होता है। ये जातक बहुत ही आवेगशील एवं तर्कशील हो सकते हैं, जिसके कारण किसी के लिये भी इन्हें किसी भी प्रकार के वाद-विवाद में परास्त कठिन होता है।

नक्षत्र अस्त उदय - पूर्वाषाढा प्रति वर्ष लगभग 36 दिनों की अवधि के लिये अस्त हो जाता है। पूर्वाषाढा नक्षत्र के अस्त एवं उदय होने का समय ज्ञात करने हेतु सम्बन्धित पृष्ठ देखें - पूर्वाषाढा अस्त उदय

नक्षत्र गोचर - पूर्वाषाढा को अधिकांश शुभ कार्यों हेतु सामान्य माना जाता है। वर्ष पर्यन्त, चन्द्रमा किस समय पूर्वाषाढा नक्षत्र में गोचर कर रहा है, यह ज्ञात करने हेतु उक्त पृष्ठ का अवलोकन करें - पूर्वाषाढा नक्षत्र के सभी दिनों की सूचि

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