☰
Search
हि
Sign InSign In साइन इनAndroid Play StoreIOS App StoreSetting
Clock
दीवाली पूजा कैलेण्डर📈📉 शेयर बाजार व्यापार विमर्श📈📉 वस्तु बाजार मासिक रुझान
Mesha Rashifal
मेष
Vrishabha Rashifal
वृषभ
Mithuna Rashifal
मिथुन
Karka Rashifal
कर्क
Simha Rashifal
सिंह
Kanya Rashifal
कन्या
Tula Rashifal
तुला
Vrishchika Rashifal
वृश्चिक
Dhanu Rashifal
धनु
Makara Rashifal
मकर
Kumbha Rashifal
कुम्भ
Meena Rashifal
मीन

Deepak2019 पितृ पक्ष के दौरान त्रयोदशी श्राद्ध तिथि नई दिल्ली, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र, इण्डिया के लिएDeepak

लिगेसी डिजाईन में स्विच करें
2019 महालय पक्ष के दौरान त्रयोदशी तिथि श्राद्ध
📅वर्ष चुनेंhttps://www.drikpanchang.com/placeholderClose
नई दिल्ली, इण्डिया
त्रयोदशी श्राद्ध
26वाँ
सितम्बर 2019
Thursday / गुरूवार
त्रयोदशी श्राद्ध
Shraddha
श्राद्ध अनुष्ठान समय

श्राद्ध अनुष्ठान समय

त्रयोदशी श्राद्ध बृहस्पतिवार, सितम्बर 26, 2019 को
कुतुप मूहूर्त - 11:48 ए एम से 12:36 पी एम
अवधि - 00 घण्टे 48 मिनट्स
रौहिण मूहूर्त - 12:36 पी एम से 01:25 पी एम
अवधि - 00 घण्टे 48 मिनट्स
अपराह्न काल - 01:25 पी एम से 03:49 पी एम
अवधि - 02 घण्टे 24 मिनट्स
त्रयोदशी तिथि प्रारम्भ - सितम्बर 26, 2019 को 11:03 ए एम बजे
त्रयोदशी तिथि समाप्त - सितम्बर 27, 2019 को 07:32 ए एम बजे

टिप्पणी: सभी समय १२-घण्टा प्रारूप में नई दिल्ली, इण्डिया के स्थानीय समय और डी.एस.टी समायोजित (यदि मान्य है) के साथ दर्शाये गए हैं।
आधी रात के बाद के समय जो आगामि दिन के समय को दर्शाते हैं, आगामि दिन से प्रत्यय कर दर्शाये गए हैं। पञ्चाङ्ग में दिन सूर्योदय से शुरू होता है और पूर्व दिन सूर्योदय के साथ ही समाप्त हो जाता है।

2019 त्रयोदशी श्राद्ध

त्रयोदशी श्राद्ध परिवार के उन मृतक सदस्यों के लिये किया जाता है, जिनकी मृत्यु त्रयोदशी तिथि पर हुई हो। इस दिन शुक्ल पक्ष अथवा कृष्ण पक्ष दोनों ही पक्षों की त्रयोदशी तिथि का श्राद्ध किया जा सकता है।

त्रयोदशी श्राद्ध तिथि मृत बच्चों के श्राद्ध के लिये भी उपयुक्त है। इस श्राद्ध तिथि को गुजरात में काकबली एवं बालभोलनी तेरस के नाम से भी जाना जाता है।

त्रयोदशी श्राद्ध को तेरस श्राद्ध के नाम से भी जाना जाता है।

पितृ पक्ष श्राद्ध पार्वण श्राद्ध होते हैं। इन श्राद्धों को सम्पन्न करने के लिए कुतुप, रौहिण आदि मुहूर्त शुभ मुहूर्त माने गये हैं। अपराह्न काल समाप्त होने तक श्राद्ध सम्बन्धी अनुष्ठान सम्पन्न कर लेने चाहिये। श्राद्ध के अन्त में तर्पण किया जाता है।

Kalash
कॉपीराइट नोटिस
PanditJi Logo
सभी छवियाँ और डेटा - कॉपीराइट
Ⓒ www.drikpanchang.com
प्राइवेसी पॉलिसी
Android Play StoreIOS App Store
Drikpanchang Donation