साईंनाथ
1
ॐ श्री साईंनाथाय नमः।
Om Shri Saimnathaya Namah।
जो भक्तों के स्वामी हैं।
लक्ष्मी नारायण
2
ॐ लक्ष्मी नारायणाय नमः।
Om Lakshmi Narayanaya Namah।
जो श्री लक्ष्मी नारायण के अद्भुत रूप में है।
कृष्णमशिवमारूतयादिरूप
3
ॐ कृष्णमशिवमारूतयादिरूपाय नमः।
Om Krishnamashivamarutayadirupaya Namah।
जो कृष्ण, राम, शिव, मारुति आदि के रूपों में हैं।
शेषशायिने
4
ॐ शेषशायिने नमः।
Om Sheshashayine Namah।
जो शेष शय्या पर शयन करते हैं।
गोदावीरतटीशीलाधीवासी
5
ॐ गोदावीरतटीशीलाधीवासिने नमः।
Om Godaviratatishiladhivasine Namah।
जो गोदावरी नदी के तट पर स्थित शिरडी में निवास करते हैं।
भक्तह्रदालय
6
ॐ भक्तह्रदालयाय नमः।
Om Bhaktahradalayaya Namah।
जो भक्तों के हृदय में निवास करते हैं।
सर्वह्रन्निलय
7
ॐ सर्वह्रन्निलयाय नमः।
Om Sarvahrannilayaya Namah।
जो सभी के मन में निवास करते हैं।
भूतावासा
8
ॐ भूतावासाय नमः।
Om Bhutavasaya Namah।
जो सभी जीवों में स्थित हैं।
भूतभविष्यदुभवाज्रित
9
ॐ भूतभविष्यदुभवाज्रिताया नमः।
Om Bhutabhavishyadubhavajritaya Namah।
जो भूत, भविष्य सम्बन्धी विचारों को नष्ट करते हैं।
कालातीताय
10
ॐ कालातीताय नमः।
Om Kalatitaya Namah।
जो समय के बन्धन से परे हैं।
काल
11
ॐ कालाय नमः।
Om Kalaya Namah।
जो स्वयं समय हैं।
कालकाल
12
ॐ कालाय नमः।
Om Kalaya Namah।
जो काल के भी काल हैं।
कालदर्पदमन
13
ॐ कालदर्पदमनाय नमः।
Om Kaladarpadamanaya Namah।
काल का अभिमान नष्ट करने वाले
मृत्युंजय
14
ॐ मृत्युंजयाय नमः।
Om Mrityumjayaya Namah।
जो मृत्यु पर विजय प्राप्त कर चुके हैं।
अमत्य्र
15
ॐ अमत्य्राय नमः।
Om Amatyraya Namah।
जो अमर हैं।
मर्त्याभयप्रद
16
ॐ मर्त्याभयप्रदाय नमः।
Om Martyabhayapradaya Namah।
मृत्यु का भय नष्ट करने वाले
जिवाधारा
17
ॐ जिवाधाराय नमः।
Om Jivadharaya Namah।
जो समस्त जीवों के आधार हैं।
सर्वाधारा
18
ॐ सर्वाधाराय नमः।
Om Sarvadharaya Namah।
जो सभी के आधार हैं।
भक्तावनसमर्थ
19
ॐ भक्तावनसमर्थाय नमः।
Om Bhaktavanasamarthaya Namah।
भक्तों को सामर्थ्यशाली बनाने वाले
भक्तावनप्रतिज्ञाय
20
ॐ भक्तावनप्रतिज्ञाय नमः।
Om Bhaktavanapratijnaya Namah।
जो भक्तों की रक्षा के लिये प्रतिज्ञाबद्ध हैं।
अन्नवसत्रदाय
21
ॐ अन्नवसत्रदाय नमः।
Om Annavasatradaya Namah।
अन्न एवं वस्त्र प्रदान करने वाले
आरोग्यक्षेमदाय
22
ॐ आरोग्यक्षेमदाय नमः।
Om Arogyakshemadaya Namah।
स्वास्थ्य एवं अनुकूलता प्रदान करने वाले
धनमाङ्गल्यप्रदाय
23
ॐ धनमाङ्गल्यप्रदाय नमः।
Om Dhanamangalyapradaya Namah।
धन एवं मंगल प्रदान करने वाले
ऋद्धिसिद्धिदाय
24
ॐ ऋद्धिसिद्धिदाय नमः।
Om Riddhisiddhidaya Namah।
ऋद्धि-सिद्धि प्रदान करने वाले
पुत्रमित्रकलत्रबन्धुदाय
25
ॐ पुत्रमित्रकलत्रबन्धुदाय नमः।
Om Putramitrakalatrabandhudaya Namah।
पुत्र, मित्र, पत्नी, एवं सम्बन्धी प्रदान करने वाले
योगक्षेमवहाय
26
ॐ योगक्षेमवहाय नमः।
Om Yogakshemavahaya Namah।
आरोग्य एवं आजीवका प्रदान करने वाले
आपदबान्धवाय
27
ॐ आपदबान्धवाय नमः।
Om Apadabandhavaya Namah।
जो आपदा के समय साथ देने वाले मित्र हैं।
मार्गबन्धवे
28
ॐ मार्गबन्धवे नमः।
Om Margabandhave Namah।
जो जीवन यात्रा के मार्गदर्शक हैं।
भक्तिमुक्तिस्वर्गापवर्गदाय
29
ॐ भक्तिमुक्तिस्वर्गापवर्गदाय नमः।
Om Bhaktimuktisvargapavargadaya Namah।
भक्ति-मुक्ति एवं स्वर्ग-उपवर्ग आदि प्रदान करने वाले
प्रिय
30
ॐ प्रियाय नमः।
Om Priyaya Namah।
जो भक्तों को प्रिय हैं।
प्रीतिवर्द्धनाय
31
ॐ प्रीतिवर्द्धनाय नमः।
Om Pritivarddhanaya Namah।
प्रियता में वृद्धि करने वाले
अन्तर्यामी
32
ॐ अन्तर्यामिणे नमः।
Om Antaryamine Namah।
जो सर्वज्ञ एवं सर्वज्ञता हैं।
सच्चिदात्मने
33
ॐ सच्चिदात्मने नमः।
Om Sachchidatmane Namah।
जो परम सत्य हैं।
नित्यानन्द
34
ॐ नित्यानन्दाय नमः।
Om Nityanandaya Namah।
नित्य आनन्द में लीन रहने वाले
परमसुखदाय
35
ॐ परमसुखदाय नमः।
Om Paramasukhadaya Namah।
जो परम सुख प्रदान करते हैं।
परमेश्वर
36
ॐ परमेश्वराय नमः।
Om Parameshvaraya Namah।
जो सर्वशक्तिमान हैं।
परब्रह्म
37
ॐ परब्रह्मणे नमः।
Om Parabrahmane Namah।
जो परब्रह्म स्वरूप हैं।
परमात्मा
38
ॐ परमात्मने नमः।
Om Paramatmane Namah।
जो सर्वोत्तम आत्मा हैं।
ज्ञानस्वरूपी
39
ॐ ज्ञानस्वरूपिणे नमः।
Om Jnanasvarupine Namah।
जो ज्ञान का मूर्त रूप हैं।
जगतपिता
40
ॐ जगतः पित्रे नमः।
Om Jagatah Pitre Namah।
जो सम्पूर्ण सृष्टि के पिता हैं।
भक्तानां मातृ दातृ पितामहाय
41
ॐ भक्तानां मातृ दातृ पितामहाय नमः।
Om Bhaktanam Matri Datri Pitamahaya Namah।
जो भक्तों के माता, पिता एवं दादा हैं।
भक्ताभयप्रदाय
42
ॐ भक्ताभयप्रदाय नमः।
Om Bhaktabhayapradaya Namah।
भक्तों को भय से मुक्ति दिलाने वाले
भक्तपराधीनाय
43
ॐ भक्तपराधीनाय नमः।
Om Bhaktaparadhinaya Namah।
भक्तों के वश में रहने वाले
भक्तानुग्रहकातराय
44
ॐ भक्तानुग्रहकातराय नमः।
Om Bhaktanugrahakataraya Namah।
भक्तों पर कृपा करने वाले
शरणागतवत्सलाय
45
ॐ शरणागतवत्सलाय नमः।
Om Sharanagatavatsalaya Namah।
शरण में आने वालों पर करुणा करने वाले
भक्तिशक्तिप्रदाय
46
ॐ भक्तिशक्तिप्रदाय नमः।
Om Bhaktishaktipradaya Namah।
भक्ति एवं शक्ति प्रदान करने वाले
ज्ञानवैराग्यप्रदाय
47
ॐ ज्ञानवैराग्यप्रदाय नमः।
Om Jnanavairagyapradaya Namah।
ज्ञान एवं वैराग्य प्रदान करने वाले
प्रेमप्रदाय
48
ॐ प्रेमप्रदाय नमः।
Om Premapradaya Namah।
प्रेम प्रदान करने वाले
संशयह्रदय दौर्बल्यपापकर्म वासनाक्षयकराय
49
ॐ संशयह्रदय दौर्बल्यपापकर्म वासनाक्षयकराय नमः।
Om Samshayahradaya Daurbalyapapakarma Vasanakshayakaraya Namah।
दुविधा, हृदय की दुर्बलता, पापकर्मों एवं वासना नष्ट करने वाले
ह्रदयग्रन्थिभेदकाय
50
ॐ ह्रदयग्रन्थिभेदकाय नमः।
Om Hradayagranthibhedakaya Namah।
मोह बन्धन को नष्ट करने वाले
कर्मध्वंसिने
51
ॐ कर्मध्वंसिने नमः।
Om Karmadhvamsine Namah।
कर्म का लेख मिटाने वाले
शुद्ध-सत्वस्थिताय
52
ॐ शुद्ध-सत्वस्थिताय नमः।
Om Shuddha-satvasthitaya Namah।
शुद्धता एवं सत्विकता में स्थित रहने वाले
गुनातीतगुणात्मने
53
ॐ गुनातीतगुणात्मने नमः।
Om Gunatitagunatmane Namah।
जो गुणों के धनी हैं।
अनन्तकल्याण गुणाय
54
ॐ अनन्तकल्याण गुणाय नमः।
Om Anantakalyana Gunaya Namah।
अनन्त प्रकार से कल्याण करने वाले
अमितपराक्रमाय
55
ॐ अमितपराक्रमाय नमः।
Om Amitaparakramaya Namah।
जो अत्यधिक पराक्रमी हैं।
जयिने
56
ॐ जयिने नमः।
Om Jayine Namah।
सदैव विजयी होने वाले
दुर्धर्षाक्षोभ्याय
57
ॐ दुर्धर्षाक्षोभ्याय नमः।
Om Durdharshakshobhyaya Namah।
जो अजय एवं अटल हैं।
अपराजिताय
58
ॐ अपराजिताय नमः।
Om Aparajitaya Namah।
कभी पराजित न होने वाले
त्रिलोकेषु अविघातगतये
59
ॐ त्रिलोकेषु अविघातगतये नमः।
Om Trilokeshu Avighatagataye Namah।
तीनों लोकों में निर्विरोध भ्रमण करने वाले
अशक्य-रहीताय
60
ॐ अशक्य-रहीताय नमः।
Om Ashakya-rahitaya Namah।
जिनके लिये कुछ भी असम्भव नहीं है।
सर्वशक्तिमूर्तये
61
ॐ सर्वशक्तिमूर्तये नमः।
Om Sarvashaktimurtaye Namah।
जो सभी शक्तियों का मूर्त स्वरूप हैं।
सुरूपसुन्दराय
62
ॐ सुरूपसुन्दराय नमः।
Om Surupasundaraya Namah।
शुभ एवं सुन्दर रूप वाले
सुलोचनाय
63
ॐ सुलोचनाय नमः।
Om Sulochanaya Namah।
सुन्दर नेत्र वाले
बहुरूप विश्वमूर्तये
64
ॐ बहुरूप विश्वमूर्तये नमः।
Om Bahurupa Vishvamurtaye Namah।
जो संसार में विभिन्न रूपों में स्थित हैं।
अरूपाव्यक्ताय
65
ॐ अरूपाव्यक्ताय नमः।
Om Arupavyaktaya Namah।
जो निराकार हैं।
अचिन्त्याय
66
ॐ अचिन्त्याय नमः।
Om Achintyaya Namah।
जो विचार के परे हैं।
सूक्ष्माय
67
ॐ सूक्ष्माय नमः।
Om Sukshmaya Namah।
जो सूक्ष्म रूप में व्याप्त हैं।
सर्वान्तर्यामिणे
68
ॐ सर्वान्तर्यामिणे नमः।
Om Sarvantaryamine Namah।
सब कुछ जानने वाले
मनोवागतीताय
69
ॐ मनोवागतीताय नमः।
Om Manovagatitaya Namah।
जो मन एवं वाणी से परे हैं।
प्रेममूर्तये
70
ॐ प्रेममूर्तये नमः।
Om Premamurtaye Namah।
जो प्रेम का मूर्त स्वरूप हैं।
सुलभदुर्लभाय
71
ॐ सुलभदुर्लभाय नमः।
Om Sulabhadurlabhaya Namah।
जिन्हें प्राप्त करना सरल भी है एवं कठिन भी
असहायसहायाय
72
ॐ असहायसहायाय नमः।
Om Asahayasahayaya Namah।
निःसहाय की सहायता करने वाले
अनाथनाथदीनबंधवे
73
ॐ अनाथनाथदीनबंधवे नमः।
Om Anathanathadinabamdhave Namah।
जो दीन एवं अनाथों के संरक्षक हैं।
सर्वभारभृते
74
ॐ सर्वभारभृते नमः।
Om Sarvabharabhrite Namah।
समस्त जीवों का भार वहन करने वाले
अकर्मानेककर्मसुकर्मिणे
75
ॐ अकर्मानेककर्मसुकर्मिणे नमः।
Om Akarmanekakarmasukarmine Namah।
कर्म रहित होकर भी शुभ कर्म करने वाले
पुण्यश्रवणकीर्तनाय
76
ॐ पुण्यश्रवणकीर्तनाय नमः।
Om Punyashravanakirtanaya Namah।
जिनका कीर्तन सुनने से पुण्य प्राप्त होता है।
तीर्थाय
77
ॐ तीर्थाय नमः।
Om Tirthaya Namah।
जो तीर्थ स्वरूप हैं।
वासुदेव
78
ॐ वासुदेवाय नमः।
Om Vasudevaya Namah।
जो भगवान कृष्ण के रूप में हैं।
सतां गतये
79
ॐ सतां गतये नमः।
Om Satam Gataye Namah।
जो दया-धर्म से युक्त हैं।
सत्परायण
80
ॐ सत्परायणाय नमः।
Om Satparayanaya Namah।
जो समस्त सद्गुणों से युक्त हैं।
लोकनाथाय
81
ॐ लोकनाथाय नमः।
Om Lokanathaya Namah।
जो ब्राह्मण के स्वामी हैं।
पावनानघाय
82
ॐ पावनानघाय नमः।
Om Pavananaghaya Namah।
जो पवित्र रूप में स्थित हैं।
अमृतांशवे
83
ॐ अमृतांशवे नमः।
Om Amritamshave Namah।
जो अमृत का अंश हैं।
भास्करप्रभाय
84
ॐ भास्करप्रभाय नमः।
Om Bhaskaraprabhaya Namah।
सूर्य के समान तेज वाले
ब्रह्मचर्यतपश्चर्यादिसुव्रताय
85
ॐ ब्रह्मचर्यतपश्चर्यादिसुव्रताय नमः।
Om Brahmacharyatapashcharyadisuvrataya Namah।
जो ब्रह्मचारी एवं तपस्वी हैं।
सत्यधर्मपरायणाय
86
ॐ सत्यधर्मपरायणाय नमः।
Om Satyadharmaparayanaya Namah।
सत्य एवं धर्म के मार्ग पर चलने वाले
सिद्धेश्वराय
87
ॐ सिद्धेश्वराय नमः।
Om Siddheshvaraya Namah।
जो समस्त सिद्धियों के स्वामी हैं।
सिद्धसंकल्पाय
88
ॐ सिद्धसंकल्पाय नमः।
Om Siddhasamkalpaya Namah।
सभी संकल्प सिद्ध (पूर्ण) करने वाले
योगेश्वराय
89
ॐ योगेश्वराय नमः।
Om Yogeshvaraya Namah।
जो समस्त योगियों के स्वामी हैं।
भगवते
90
ॐ भगवते नमः।
Om Bhagavate Namah।
जो सृष्टि के सर्वोच्च स्वामी हैं।
भक्तवत्सलाय
91
ॐ भक्तवत्सलाय नमः।
Om Bhaktavatsalaya Namah।
भक्तों पर करुणा एवं कृपा करने वाले
सत्पुरुषाय
92
ॐ सत्पुरुषाय नमः।
Om Satpurushaya Namah।
जो बुद्धिशाली एवं गुणशाली हैं।
पुरुषोत्तमाय
93
ॐ पुरुषोत्तमाय नमः।
Om Purushottamaya Namah।
जो सम्पूर्ण सृष्टि में सर्वोत्तम पुरुष हैं।
सत्यतत्वबोधकाय
94
ॐ सत्यतत्वबोधकाय नमः।
Om Satyatatvabodhakaya Namah।
सत्य का बोध कराने वाले
कामादिशड्वैरिध्वंसिने
95
ॐ कामादिशड्वैरिध्वंसिने नमः।
Om Kamadishadvairidhvamsine Namah।
काम, क्रोध, मद, लोभ, मोह, मत्सर आदि नष्ट करने वाले
अभेदानन्दानुभवप्रदाय
96
ॐ अभेदानन्दानुभवप्रदाय नमः।
Om Abhedanandanubhavapradaya Namah।
परमानन्द की अनुभूति प्रदान करने वाले
समसर्वमतसम्मताय
97
ॐ समसर्वमतसम्मताय नमः।
Om Samasarvamatasammataya Namah।
सभी धर्मों में समान भाव रखने वाले
दक्षिणामूर्तये
98
ॐ श्री दक्षिणामूर्तये नमः।
Om Shri Dakshinamurtaye Namah।
जो दक्षिणमूर्ति (भगवान शिव) स्वरूप हैं।
वेंकटेशरमणाय
99
ॐ वेंकटेशरमणाय नमः।
Om Vemkatesharamanaya Namah।
जो वेंकटेशरमण (भगवान विष्णु) स्वरूप हैं।
अद्भूतानन्तचर्याय
100
ॐ अद्भूतानन्तचर्याय नमः।
Om Adbhutanantacharyaya Namah।
अद्भुत एवं आनन्ददायक कार्य करने वाले
प्रपन्नार्तिहराय
101
ॐ प्रपन्नार्तिहराय नमः।
Om Prapannartiharaya Namah।
कष्टों का निवारण करने वाले
संसारसर्वदुःख़क्षयकराय
102
ॐ संसारसर्वदुःख़क्षयकराय नमः।
Om Samsarasarvaduhkakshayakaraya Namah।
समस्त सांसरिक दुखों को नष्ट करने वाले
सर्ववित्सर्वतोमुखाय
103
ॐ सर्ववित्सर्वतोमुखाय नमः।
Om Sarvavitsarvatomukhaya Namah।
जो सर्वव्यापी एवं सर्वज्ञानी हैं।
सर्वान्तर्बहिः स्थिताय
104
ॐ सर्वान्तर्बहिः स्थिताय नमः।
Om Sarvantarbahih Sthitaya Namah।
जो सर्वत्र विद्यमान हैं।
सर्वमंगलकराय
105
ॐ सर्वमंगलकराय नमः।
Om Sarvamamgalakaraya Namah।
सभी का शुभ एवं मंगल करने वाले
सर्वाभीष्टप्रदाय
106
ॐ सर्वाभीष्टप्रदाय नमः।
Om Sarvabhishtapradaya Namah।
सभी मनोरथ पूर्ण करने वाले
समरससन्मार्गस्थापनाय
107
ॐ समरससन्मार्गस्थापनाय नमः।
Om Samarasasanmargasthapanaya Namah।
समानता एवं सन्मार्ग की स्थापना करने वाले
समर्थसद्गुरुसाईनाथाय
108
ॐ समर्थसद्गुरुसाईनाथाय नमः।
Om Samarthasadgurusainathaya Namah।
जो सर्वशक्तिमान गुरु स्वरूप हैं।




