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Deep Malika Puja Vidhi | Deep Malika Puja during Diwali

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Deep Malika Puja Vidhi
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Deep Malika Puja Vidhi
Deep Malika Puja Vidhi
सर्वप्रथम पारिवारिक परम्परा के अनुसार पूज्य पितरों तथा कुल-देवता, ग्राम-नगर-देवताओं के बीच में सरसों के तेल का एक बड़ा दीपक और उसके चारों ओर ग्यारह-इक्कीस-इक्यावन अथवा अधिक छोटे दीपक, एक परात (बड़ी थाली) में रखकर सजा ले। तब 'दीप-देव' का ध्यान करें।
  1. Dhyana (ध्यान)
    Puja should begin with the meditation of Deep-Deva. Following Mantra should be chanted while meditating on Deep-Deva.
    Deep Malika Pujan
    Deep Malika Pujan during Diwali
    Deep Malika Dhyana Mantra

    Bho Dipa! Brahma-Rupastvam Hyandhakara-Vinashakah!
    Grihana Maya Kritam Pujam, Ojastejah Pravardhaya॥

    मन्त्र अर्थ - हे दीप! आप अन्धकार का नाश करनेवाले ब्रह्म-स्वरूप हैं। मेरे द्वारा की गई पूजा को ग्रहण करें और ओज तथा तेज की वृद्धि करें। 
  2. Pushpanjali (पुष्पाञ्जलि)
    After Dhyanam of Deep-Deva, following Mantra should be chanted while worshipping Deep-Deva and take three flowers in Anjali (by joining palm of both hands) and leave them in front or near Deepak.
    Deep Malika Pujan Mantra

    Om Dipa-Vrikshaya Namah।

    मन्त्र अर्थ - दीप-वृक्ष को नमस्कार है। 
    Mantra Translation - My salutations to Deep-Vriksha. 
  3. Prarthana (प्रार्थना)
    After worshipping Deep-Deva, greet Deep-Malika while praying with following Mantra.
    Deep Malika Prarthana Mantra

    Shubham Karotu Kalyanamarogyam Sukha-Sampadam।
    Mama Buddhi-Prakasham Cha Dipa-Jyotirnamoastu Te॥
    Shubham Bhavatu Kalyanamarogyam Pushti-Vardhanam।
    Atma-Tattva-Prabodhaya Dipa-Jyotirnamoastu Te॥
    Dipavalirmaya Datta Grihana Tvam Sureshwari!
    Anena Dipa-Danena Gyana-Drishti-Prada Bhava॥

    मन्त्र अर्थ - दीप-ज्योति शुभ करे, कल्याण करे, आरोग्य करे, सुख-सम्पदा प्रदान करे, मेरी बुद्धि को प्रकाशित करे- दीप-ज्योति-रूपा आप भगवती को नमस्कार। शुभ कल्याण और आरोग्य हो तथा पुष्टि की वृद्धि हो। आत्म-तत्त्व को प्रबुद्ध करने के लिए दीप-ज्योति है। आपको नमस्कार। हे देवेश्वरि! मेरे द्वारा अर्पित दीप-पंक्ति को आप स्वीकार करें और इस दीप-दान से आप मुझे ज्ञान-दृष्टि-दायिनी हों।

    उक्त प्रकार से दीप-मालिका का पूजन करने के बाद दीप-मालिका को नमस्कार करे एवं पञ्च-पात्र से दाहिने हाथ में जल लेकर दीप-मालिका के चारों ओर घुमाते हुए भूमि पर छिड़क दे।

    इसके बाद धान का लावा, लाई, ईख, नारियल, फल एवं मिष्ठान्न आदि उपलब्ध वस्तुएँ चढ़ाए। धान का लावा कलश, भगवान् गणेश एवं भगवती लक्ष्मी की नवीन मूर्तियों, तिजोरी, बही-खातों तथा दीप-मालिका के सम्मुख छिड़क दे। 
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