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धन्वन्तरि पूजा विधि | धन त्रयोदशी पूजन विधि

DeepakDeepak

धन्वन्तरि पूजा विधि

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धन्वन्तरि पूजा विधि

इस पृष्ठ पर हम विस्तृत धन्वन्तरि पूजा विधि का वर्णन कर रहे हैं। दीवाली उत्सव के समय धन्वन्तरि त्रयोदशी के दिन इस पूजा विधि का प्रयोग किया जाता है।

1. आचमन

दाहिने हाथ में स्वच्छ जल लेकर पञ्चपात्र से तीन बार आचमन करें।

Achamana Mantra in Hindi

2. सङ्कल्प

आचमन करने के पश्चात, पञ्चपात्र से जल लेकर अपने दाहिने हाथ की हथेली को स्वच्छ करें। स्वच्छ दाहिने हाथ की हथेली में स्वच्छ जल, अक्षत, पुष्प आदि लेकर पूजा सङ्कल्प मन्त्र का उच्चारण करें।

Sankalpa Mantra in Hindi

मन्त्र अर्थ - ॐ तत्सत् (ब्रह्म ही एक-मात्र सत्य है)। आज ब्रह्मा के प्रथम दिवस के इस दूसरे पहर में, श्वेत-वराह नामक कल्प में, 'जम्बू' नामक द्वीप में, 'भरत' के भू-खण्ड में, अमुक नामक 'प्रदेश' में, अमुक पवित्र 'क्षेत्र' में, 'कलियुग' में, 'कलि' के प्रथम चरण में, अमुक 'संवत्सर' में, कार्तिक 'मास' में, कृष्ण 'पक्ष' में, त्रयोदशी 'तिथि' में, अमुक 'दिवस' में, अमुक 'मैं' में उत्पन्न, अमुक 'नाम' वाला 'मैं', श्रीधन्वन्तरि देवता की प्रसन्नता-पूर्वक आयु, आरोग्य और ऐश्वर्य की अभिवृद्धि के लिए मैं श्रीधन्वन्तरि की पूजा करूँगा।

इस प्रकार सङ्कल्प पढ़कर दाहिने हाथ में लिया हुआ जल अपने सम्मुख छोड़ दे।

3. आत्म-शोधन

सङ्कल्प पाठ करने के पाश्चात, स्वयं के ऊपर तथा पूजा सामग्री पर निम्नलिखित मन्त्र का उच्चारण करते हुये, जल छिड़कें।

Atma Shodhan Mantra in Hindi

मन्त्र अर्थ - अपवित्र हो या पवित्र अथवा किसी भी दशा में हो, जो कमल-नयन इष्ट - देवता का स्मरण करता है, वह बाहर और भीतर दोनों प्रकार से पवित्र हो जाता है।

4. ध्यान

आत्मशुद्धि के उपरान्त, भगवान धन्वन्तरि का ध्यान करके पूजा आरम्भ करें। अपने सामने रखे हुये घी के दीपक की लौ में ध्यान किया जाना चाहिये।

Lord Dhanvantari
भगवान धन्वन्तरि
Dhyana Mantra in Hindi

मन्त्र अर्थ - मैं चार भुजाओंवाले, पीले वस्त्र पहने हुये, सभी प्रकार के आभूषणों से सुशोभित, सुरों और असुरों द्वारा वन्दित भगवान् धन्वन्तरि का ध्यान करता हूँ॥1॥

तरुण, कमल-नयन, सभी अलंकारों से विभूषित, अमृत-पूर्ण कमण्डलु लिये हुये, यज्ञ-भाग को खानेवाले, देवों और दानवों से वन्दित, श्री से युक्त, भगवान् धन्वन्तरि का मैं ध्यान करता हूँ॥2-3॥

5. आह्वान

श्री धन्वन्तरि देवता का ध्यान करने के पश्चात, प्रज्वलित घी के दीपक की लौ के समक्ष दोनों हथेलियों को जोड़कर और दोनों अँगूठों को अन्दर की ओर मोड़कर, आह्वान मुद्रा प्रदर्शित करते हुये निम्नलिखित मन्त्र का उच्चारण करना चाहिये।

Avahana Mantra in Hindi

मन्त्र अर्थ - हे देवताओं के ईश्वर! तेज-सम्पन्न हे संसार के स्वामिन्! हे देवोत्तम! आइये, मेरे द्वारा की जानेवाली पूजा को स्वीकार करें।

॥मैं भगवान् श्रीधन्वन्तरि का आवाहन करता हूँ॥

6. पुष्पाञ्जलि

श्री धन्वन्तरि का आह्वान करने के पश्चात, अपने दोनों हाथों की हथेलियाँ जोड़कर, अञ्जलि में पाँच पुष्प में लेकर सामने छोड़ दें तथा निम्नलिखित मन्त्र का उच्चारण करते हुये श्री धन्वन्तरि जी को आसन प्रदान करें।

Pushpanjali Mantra in Hindi

मन्त्र अर्थ - हे देवताओं के ईश्वर! विविध प्रकार के रत्न से युक्त स्वर्ण-सज्जित आसन को प्रसन्नता हेतु ग्रहण करें।

॥भगवान् श्रीधन्वन्तरि के आसन के लिये मैं पाँच पुष्प अर्पित करता हूँ॥

7. स्वागत

श्री धन्वन्तरि को पुष्पासन अर्पित करने के पश्चात, हाथ जोड़कर श्री धन्वन्तरि जी के स्वागत हेतु निम्नलिखित मन्त्र का उच्चारण करें।

Swagat Mantra in Hindi

मन्त्र अर्थ - हे भगवान् धन्वन्तरि! आपका स्वागत है।

8. पाद्य-समर्पण

श्री धन्वन्तरि का स्वागत करने के पश्चात, निम्नलिखित मन्त्र का उच्चारण करते हुये उनके चरण प्रक्षालन हेतु जल अर्पित करें।

Padya Mantra in Hindi

मन्त्र अर्थ - सब प्रकार के कल्याण करने में सक्षम हे देवेश्वर! पैर धोने का जल भक्ति-पूर्वक समर्पित है। उसे स्वीकार करें। हे विश्वेश्वर भगवन्! आपको नमस्कार है।

॥भगवान् श्रीधन्वन्तरि को पैर धोने के लिये यह जल है-उन्हें नमस्कार॥

9. अर्घ्य-समर्पण

पाद्य अर्पण के पश्चात, निम्नलिखित मन्त्र का उच्चारण करते हुये श्री धन्वन्तरि को जल अर्पित करें।

Arghya Mantra in Hindi

मन्त्र अर्थ - हे देवेश्वर! आपको नमस्कार। हे धरती को धारण करनेवाले! आपको नमस्कार। हे जगत् के आधार-स्वरूप! आपको नमस्कार। शिर के अभिषेक के लिये यह जल (अर्घ्य) स्वीकार करें। हे कृपालु परमेश्वर! चन्दन-पुष्प-अक्षत से युक्त, फल और द्रव्य के सहित यह जल शिर के अभिषेक के लिये स्वीकार करें।

॥भगवान् श्रीधन्वन्तरि के लिये अर्घ्य समर्पित है॥

10. गन्ध-समर्पण/चन्दन-समर्पण

निम्नलिखित मन्त्र का उच्चारण करते हुये श्री धन्वन्तरि जी को चन्दन अर्पित करें।

Gandha Samarpan Mantra in Hindi

मन्त्र अर्थ - हे देवोत्तम! मनोहर और सुगन्धित चन्दन शरीर में लगाने हेतु ग्रहण करें।

॥भगवान् श्रीधन्वन्तरि के लिये चन्दन समर्पित करता हूँ॥

11. पुष्प-समर्पण

निम्नलिखित मन्त्र का उच्चारण करते हुये श्री धन्वन्तरि जी को पुष्प अर्पित करें।

Pushpa Samarpan Mantra in Hindi

मन्त्र अर्थ - हे लोकेश्वर! श्वेत गुलाब (सेमन्ती), बकुल, चम्पा, लाल-पीला कमल, पुन्नाग (लोध्र), मालती, कनेर पुष्पों और बेल, मूँगे, तुलसी तथा मालती की पत्तियों द्वारा मैं आपकी पूजा करता हूँ। मुझ पर आप प्रसन्न हों।

॥भगवान् श्रीधन्वन्तरि के लिये पुष्प समर्पित करता हूँ॥

12. धूप-समर्पण

निम्नलिखित मन्त्र का उच्चारण करते हुये श्री धन्वन्तरि को धूप अर्पित करें।

Dhoop Samarpan Mantra in Hindi

मन्त्र अर्थ - वृक्षों के रस से बनी हुई, सुन्दर, मनोहर, सुगन्धित और सभी देवताओं के सूँघने के योग्य यह धूप आप ग्रहण करें।

॥भगवान् श्रीधन्वन्तरि के लिये मैं धूप समर्पित करता हूँ॥

13. दीप-समर्पण

निम्नलिखित मन्त्र का उच्चारण करते हुये श्री धन्वन्तरि जी को दीप अर्पित करें।

Deep Samarpan Mantra in Hindi

मन्त्र अर्थ - हे देवेश्वर! घी के सहित और बत्ती से मेरे द्वारा जलाया हुआ, तीनो लोकों के अँधेरे को दूर करनेवाला दीपक स्वीकार करें। मैं भक्ति-पूर्वक परमात्मा भगवान् को दीपक प्रदान करता हूँ। इस दीपक को स्वीकार करें और घोर नरक से मेरी रक्षा करें।

॥भगवान् श्रीधन्वन्तरि के लिये मैं दीपक समर्पित करता हूँ॥

14. नैवेद्य-समर्पण

निम्नलिखित मन्त्र का उच्चारण करते हुये श्री धन्वन्तरि जी को नैवेद्य अर्पित करें।

Naivedya Samarpan Mantra in Hindi

मन्त्र अर्थ - शर्करा-खण्ड (बताशा आदि), खाद्य पदार्थ, दही, दूध और घी जैसी खाने की वस्तुओं से युक्त भोजन आप ग्रहण करें।

॥यथा-योग्य रूप भगवान् श्रीधन्वन्तरि को मैं नैवेद्य समर्पित करता हूँ-प्राण के लिये, अपान के लिये, व्यान के लिये, उदान के लिये और समान के लिये स्वीकार हो॥

15. आचमन-समर्पण/जल-समर्पण

तदोपरान्त, निम्नलिखित मन्त्र का उच्चारण करते हुये श्री धन्वन्तरि जी को आचमन हेतु जल अर्पित करें।

Achamana Samarpan Mantra in Hindi

मन्त्र अर्थ - नैवेद्य के बाद मैं पीने और आचमन (उत्तरा-पोशन) के लिये, हाथ धोने के लिये, मुख धोने के लिये जल और हाथों में लगाने के लिये चन्दन समर्पित करता हूँ।

16. ताम्बूल-समर्पण

अब निम्नलिखित मन्त्र का उच्चारण करते हुये श्री धन्वन्तरि जी को ताम्बूल, अर्थात पान-सुपारी अर्पित करें।

Tambula Samarpan Mantra in Hindi

मन्त्र अर्थ - पान के पत्तों से युक्त अत्यन्त सुन्दर सुपाड़ी, कपूर और इलायची से प्रस्तुत ताम्बूल आप स्वीकार करें।

॥भगवान् श्रीधन्वन्तरि के मुख को सुगन्धित करने के लिये सुपाड़ी से युक्त ताम्बूल मैं समर्पित करता हूँ॥

17. दक्षिणा

अब निम्नलिखित मन्त्र का उच्चारण करते हुये श्री धन्वन्तरि को दक्षिणा (उपहार) अर्पित करें।

Dakshina Mantra in Hindi

मन्त्र अर्थ - असीम पुण्य प्रदान करनेवाले स्वर्ण-गर्भित चम्पक पुष्प से मुझे शान्ति प्रदान करिये।

॥भगवान् श्रीधन्वन्तरि के लिये मैं स्वर्ण-पुष्प-रुपी दक्षिणा प्रदान करता हूँ॥

18. प्रदक्षिणा

तत्पश्चात्, निम्नलिखित मन्त्र का उच्चारण करते हुये पुष्पों से प्रतीकात्मक प्रदक्षिणा, अर्थात श्री धन्वन्तरि जी के बायें से दायें परिक्रमा करें।

Pradakshina Mantra in Hindi

मन्त्र अर्थ - पिछले जन्मों में जो भी पाप किये होते हैं, वे सब प्रदक्षिणा करते समय एक-एक पग पर क्रमशः नष्ट होते जाते हैं। हे प्रभो! मेरे लिये कोई अन्य शरण देनेवाला नहीं है, तुम्हीं शरण-दाता हो। अतः हे परमेश्वर! दया-भाव से मुझे क्षमा करो।

॥भगवान् श्रीधन्वन्तरि को मैं प्रदक्षिणा समर्पित करता हूँ॥

19. वन्दना-सहित पुष्पाञ्जलि

तत्पश्चात्, निम्नलिखित मन्त्र का उच्चारण करते हुये श्री धन्वन्तरि जी की वन्दना करें तथा उन्हें पुष्प अर्पित करें।

Vandana Sahit Pushpanjali Mantra in Hindi

मन्त्र अर्थ - हे दया-सागर, श्री महा-देव, कल्याण-कर! हाथों-पैरों द्वारा किये हुये या शरीर या कर्म से उत्पन्न, कानों-आँखों से उत्पन्न या मन के जो भी ज्ञात या अज्ञात मेरे अपराध हों, उन सबको आप क्षमा करें। आपकी जय हो, जय हो।

॥भगवान् श्रीधन्वन्तरि के लिये मैं मन्त्र-पुष्पाञ्जलि समर्पित करता हूँ॥

20. साष्टाङ्ग-प्रणाम

तत्पश्चात्, निम्नलिखित मन्त्र का उच्चारण करते हुये श्री धन्वन्तरि जी को साष्टाङ्ग प्रणाम, अर्थात सम्पूर्ण आठ अङ्गों से प्रणाम करें।

Sashtanga Pranam Mantra in Hindi

मन्त्र अर्थ - सभी का कल्याण करनेवाले, जगत् के आधारभूत आपके लिये मैंने प्रयत्न-पूर्वक यह साष्टाङ्ग प्रणाम किया है-अनन्त भगवान् के लिये, सहस्रों स्वरुपवाले भगवान् के लिये, सहस्रों पैर-आँख-शिर-ऊर और बाहुवाले भगवान् के लिये नमस्कार है।

21. क्षमा-प्रार्थना

पूजन के अन्तिम चरण में निम्नलिखित मन्त्र का उच्चारण करते हुये पूजा के समय हुयी किसी भी ज्ञात-अज्ञात त्रुटि के लिये श्री धन्वन्तरि से क्षमा-याचना करें।

Kshama Prarthana Mantra in Hindi

मन्त्र अर्थ - न मैं आवाहन करना जानता हूँ, न विसर्जन करना। पूजा-कर्म भी मैं नहीं जानता। हे परमेश्वर! मुझे क्षमा करो। मन्त्र, क्रिया और भक्ति से रहित जो कुछ पूजा मैंने की है, हे भगवन्! वह मेरी पूजा सम्पूर्ण हो। मैं रात-दिन सहस्रों अपराध किया करता हूँ। 'मैं दास हूँ'-ऐसा मानकर, हे परमेश्वर! मुझे क्षमा करें। हे भगवन्! मुझे रूप, विजय और यश दें। मेरे शत्रुओं का नाश करें।

तपस्या और यज्ञादि क्रियाओं में जिनके नाम का स्मरण और उच्चारण करने से सारी कमी तुरन्त पूरी हो जाती है, मैं उन अच्युत भगवान् की वन्दना करता हूँ।

यथा-सम्भव प्राप्त उपचार-वस्तुओं से मैंने जो यह पूजन किया है, उससे भगवान् श्रीधन्वन्तरि प्रसन्न हों।

॥भगवान् श्रीधन्वन्तरि को यह सब पूजन समर्पित है॥

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