


कोई ग्रहण राशिफल उपलब्ध नहीं है...

हिन्दु धर्म में, सूर्य ग्रहण एक धार्मिक घटनाक्रम है। मान्यताओं के अनुसार सूर्य ग्रहण के समय सूर्य देव राहु के अशुभ प्रभाव में आते हैं। इसीलिये, ग्रहण से ग्रसित सूर्य के दर्शन तथा उसके प्रभाव में आने से बचना चाहिये। किसी भी अशुभ प्रभाव से बचने के लिये जप, तप तथा होम आदि गतिविधियाँ की जाती हैं। इस पृष्ठ पर सूतक काल सहित सूर्य ग्रहण का स्थानीय समय दिया गया है।

हिन्दु धर्म में चन्द्र ग्रहण एक धार्मिक घटनाक्रम है। ग्रहण के समय अध्ययन, भोजन, शयन, मनोरञ्जन तथा चन्द्र दर्शन आदि अधिकांश गतिविधियाँ निषिद्ध हैं। यह निषेधकाल ग्रहण के क्षण से बहुत समय पूर्व ही प्रारम्भ हो जाता है। इस लेख में शहर आधारित ग्रहण का समय एवं निषेधकाल दिया गया है। बालकों, रोगियों तथा वृद्ध जनों के लिये लघु निषेधकाल भी उपलब्ध है।

सूतक एक निश्चित समयावधि है जो सूर्य एवं चन्द्र ग्रहण से कुछ समय पूर्व आरम्भ होती है तथा ग्रहण के साथ समाप्त होती है। इस अवधि के दौरान विभिन्न सामान्य गतिविधियाँ जैसे अध्ययन, भोजन, शयन, मनोरञ्जन आदि वर्जित होती हैं तथा अधिकांश मन्दिरों के पट बन्द रहते हैं। इस दौरान गर्भवती स्त्रियों को अधिक सावधान रहना चाहिये।


