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2026 चन्द्र ग्रहण का दिन और समय कोहिमा, नगालैंड, भारत के लिए

DeepakDeepak

2026 चन्द्र ग्रहण

Location
कोहिमा, भारत
चन्द्र ग्रहण
3वाँ
मार्च 2026
Tuesday / मंगलवार
भगवान विष्णु असुर राहु का सिर काटते हुए
cause of Eclipse as per Hinduism

चन्द्र ग्रहण का स्थानीय समय

खग्रास चन्द्र ग्रहण - कोहिमा
चन्द्र ग्रहण प्रारम्भ (चन्द्रोदय के साथ) - 05:17 पी एम
चन्द्र ग्रहण समाप्त - 06:46 पी एम
चन्द्रोदय - 05:17 पी एम
स्थानीय ग्रहण की अवधि - 01 घण्टा 29 मिनट्स 12 सेकण्ड्स
उपच्छाया से पहला स्पर्श - 02:16 पी एम
प्रच्छाया से पहला स्पर्श - 03:21 पी एम
खग्रास प्रारम्भ - 04:35 पी एम
परमग्रास चन्द्र ग्रहण - 05:04 पी एम
खग्रास समाप्त - 05:33 पी एम
प्रच्छाया से अन्तिम स्पर्श - 06:46 पी एम
उपच्छाया से अन्तिम स्पर्श - 07:52 पी एम
खग्रास की अवधि - 00 घण्टे 57 मिनट्स 27 सेकण्ड्स
खण्डग्रास की अवधि - 03 घण्टे 25 मिनट्स 17 सेकण्ड्स
उपच्छाया की अवधि - 05 घण्टे 35 मिनट्स 45 सेकण्ड्स
चन्द्र ग्रहण का परिमाण - 1.14
उपच्छाया चन्द्र ग्रहण का परिमाण - 2.18
सूतक प्रारम्भ - 08:30 ए एम
सूतक समाप्त - 06:46 पी एम
बच्चों, बृद्धों और अस्वस्थ लोगों के लिये सूतक प्रारम्भ - 02:21 पी एम
बच्चों, बृद्धों और अस्वस्थ लोगों के लिये सूतक समाप्त - 06:46 पी एम

टिप्पणी: सभी समय १२-घण्टा प्रारूप में कोहिमा, भारत के स्थानीय समय और डी.एस.टी समायोजित (यदि मान्य है) के साथ दर्शाये गए हैं।
आधी रात के बाद के समय जो आगामि दिन के समय को दर्शाते हैं, आगामि दिन से प्रत्यय कर दर्शाये गए हैं। पञ्चाङ्ग में दिन सूर्योदय से शुरू होता है और पूर्व दिन सूर्योदय के साथ ही समाप्त हो जाता है।

चन्द्र ग्रहण का फल | चन्द्र ग्रहण का प्रभाव

Rashiphal Chakra

विभिन्न ज्योतिषीय विश्लेषण पर आधारित इस चन्द्र ग्रहण के प्रभावों को जानने के लिये, मार्च 3, 2026 के चन्द्र ग्रहण का प्रभाव पर क्लिक करें।

मार्च 3, 2026 का चन्द्र ग्रहण

खग्रास चन्द्र ग्रहण मार्च 3, 2026 को दर्शनीय होगा। यह वर्ष 2026 का पहला चन्द्र ग्रहण होगा। यह 1.14 परिमाण का पूर्ण ग्रहण है, इसीलिये समग्रता के समय चन्द्रमा पृथ्वी की प्रच्छाया में पूर्ण रूप से ढक जायेगा। पृथ्वी के वातावरण से अपवर्तित सूर्य की रौशनी चन्द्रमा के जिस भाग पर पड़ेगी, चन्द्रमा का केवल उतना ही भाग प्रबुद्ध होगा और जिसके कारण चन्द्रमा लाल रंग का दिखेगा। समग्रता की सर्वाधिक लम्बी अवधि 57 मिनट और 27 सेकण्ड की होगी।

यह खग्रास चन्द्र ग्रहण पूर्वी एशिया, दक्षिण-पूर्वी एशिया, ऑस्ट्रेलिया, प्रशान्त महासागर, उत्तर अमेरिका के अधिकांश भागों तथा दक्षिण अमेरिका के कुछ उत्तरी क्षेत्रों से दिखायी देगा। इन क्षेत्रों में चन्द्रमा पृथ्वी की प्रच्छाया में पूर्ण रूप से स्थित दिखायी देगा।

भारत में चन्द्र ग्रहण की दृश्यता क्षेत्र के अनुसार भिन्न-भिन्न होगी। पूर्वी एवं उत्तर-पूर्वी भारत के कुछ भागों से पूर्ण चन्द्र ग्रहण दिखायी देगा। भारत के अधिकांश भागों से आंशिक चन्द्र ग्रहण दिखायी देगा, जबकि पश्चिमी भारत में प्रच्छाया चन्द्र ग्रहण दिखायी देगा, जहाँ चन्द्रमा का उदय पूर्ण ग्रहण की समाप्ति के बाद होगा।

यह आंशिक चन्द्र ग्रहण यूरोप, पश्चिमी एशिया, अफ्रीका, अटलान्टिक महासागर, हिन्द महासागर तथा ध्रुवीय क्षेत्रों के कुछ भागों से भी दिखायी देगा।

यह चन्द्र ग्रहण मध्य अफ्रीका के कुछ क्षेत्रों तथा समीपवर्ती भागों से दिखायी नहीं देगा, क्योंकि ग्रहण के समय वहाँ चन्द्रमा क्षितिज के नीचे स्थित रहेगा।

नई दिल्ली, मुम्बई, कोलकाता, चेन्नई, बेंगलुरु, हैदराबाद, अहमदाबाद, भुवनेश्वर, पटना, गुवाहाटी, इम्फाल, शिलांग, कोहिमा तथा ईटानगर भारत के कुछ प्रमुख नगर हैं, जहाँ चन्द्र ग्रहण विभिन्न अवस्थाओं में दिखायी देगा।

लीमा, न्यूयॉर्क, टोरंटो, सिडनी, मेलबर्न, लॉस एंजेल्स, सीएटल, वॉशिंगटन डीसी, सैन फ्रांसिस्को, टोक्यो तथा बीजिंग विश्व के कुछ प्रमुख नगर हैं, जहाँ पूर्ण चन्द्र ग्रहण दिखायी देगा।

ग्रहण की दृश्यता के सम्बन्ध में अधिक जानकारी के लिये कृपया मार्च 3, 2026 के पूर्ण चन्द्र ग्रहण का प्लॉट देखें।

चन्द्र ग्रहण के समय पर टिप्पणी

जब चन्द्र ग्रहण मध्यरात्रि (१२ बजे) से पहले लग जाता है परन्तु मध्यरात्रि के पश्चात समाप्त होता है - दूसरे शब्दों में जब चन्द्र ग्रहण अंग्रेजी कैलेण्डर में दो दिनों का अधिव्यापन (ओवरलैप) करता है - तो जिस दिन चन्द्रग्रहण अधिकतम होता है उस दिन की दिनाँक चन्द्रग्रहण के लिये दर्शायी जाती है। ऐसी स्थिति में चन्द्रग्रहण की उपच्छाया तथा प्रच्छाया का स्पर्श पिछले दिन अर्थात मध्यरात्रि से पहले हो सकता है।

इस पृष्ठ पर दिये चन्द्रोदय और चन्द्रास्त के समय लंबन/विस्थापनाभास के लिये संशोधित हैं। लंबन का संशोधन चन्द्रग्रहण देखने के लिये उत्तम समय देता है।

हिन्दु धर्म और चन्द्र ग्रहण

हिन्दु धर्म में चन्द्रग्रहण एक धार्मिक घटना है जिसका धार्मिक दृष्टि से विशेष महत्त्व है। जो चन्द्रग्रहण नग्न आँखों से स्पष्ट दृष्टिगत न हो तो उस चन्द्रग्रहण का धार्मिक महत्त्व नहीं होता है। मात्र उपच्छाया वाले चन्द्रग्रहण नग्न आँखों से दृष्टिगत नहीं होते हैं इसीलिये उनका पञ्चाङ्ग में समावेश नहीं होता है और कोई भी ग्रहण से सम्बन्धित कर्मकाण्ड नहीं किया जाता है। केवल प्रच्छाया वाले चन्द्रग्रहण, जो कि नग्न आँखों से दृष्टिगत होते हैं, धार्मिक कर्मकाण्डों के लिये विचारणीय होते हैं। सभी परम्परागत पञ्चाङ्ग केवल प्रच्छाया वाले चन्द्रग्रहण को ही सम्मिलित करते हैं।

यदि चन्द्रग्रहण आपके शहर में दर्शनीय नहीं हो परन्तु दूसरे देशों अथवा शहरों में दर्शनीय हो तो कोई भी ग्रहण से सम्बन्धित कर्मकाण्ड नहीं किया जाता है। लेकिन यदि मौसम की वजह से चन्द्रग्रहण दर्शनीय न हो तो ऐसी स्थिति में चन्द्रग्रहण के सूतक का अनुसरण किया जाता है और ग्रहण से सम्बन्धित सभी सावधानियों का पालन किया जाता है।

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