
टिप्पणी: सभी समय १२-घण्टा प्रारूप में लँकेस्टर, संयुक्त राज्य अमेरिका के स्थानीय समय और डी.एस.टी समायोजित (यदि मान्य है) के साथ दर्शाये गए हैं।
आधी रात के बाद के समय जो आगामि दिन के समय को दर्शाते हैं, आगामि दिन से प्रत्यय कर दर्शाये गए हैं। पञ्चाङ्ग में दिन सूर्योदय से शुरू होता है और पूर्व दिन सूर्योदय के साथ ही समाप्त हो जाता है।
उपच्छाया चन्द्र ग्रहण 2020 में 30 नवम्बर को दर्शनीय होगा। वर्ष 2020 में होने वाले चार चन्द्र ग्रहणों में से यह चौथा चन्द्र ग्रहण होगा।
इस चन्द्र ग्रहण की प्रच्छाया का परिमाण -0.262 एवं उपच्छाया का परिमाण 0.828 होगा। उपच्छाया चन्द्र ग्रहण को आसानी से सामान्य पूर्णिमा से अलग नहीं पहचाना जा सकता है।
क्योंकि यह एक उपच्छाया ग्रहण है इसीलिये हिन्दुओं द्वारा किये जाने वाले किसी भी धार्मिक संस्कार के लिये यह ग्रहण मान्य नहीं होगा। ग्रहण देखने वालो के लिये भी यह बहुत महत्त्वपूर्ण नहीं होगा क्योंकि चन्द्र ग्रहण शायद ही नग्न आँखों के माध्यम से दिखाई देगा। यह उपच्छाया ग्रहण पूर्ण नहीं होगा क्योंकि अधिकतम ग्रहण के दौरान पृथ्वी की उपच्छाया केवल 82% चन्द्रमा को ढाकेगी।
यह उपच्छाया ग्रहण मुख्यतः एशिया के अधिकांश भाग से, यूरोप के अधिकांश भाग से, ऑस्ट्रेलिया, उत्तर अमेरिका, दक्षिण अमेरिका, प्रशान्त महासागर, आर्कटिक महासागर और अटलांटिक महासागर से दिखाई देगा। भारत में, उपच्छाया ग्रहण देश के केवल कुछ उत्तरी और पूर्वी भागों से दिखाई देगा।
यह ग्रहण भारत के अधिकांश भाग से एवं सम्पूर्ण अफ्रीका से दर्शनीय नहीं होगा।
हालाँकि, उपच्छाया ग्रहण भारत के कुछ उत्तरी और पूर्वी भागों से, नेपाल और सिंगापुर में दिखाई देगा लेकिन चन्द्र ग्रहण के दौरान की जाने वाली कोई भी धार्मिक गतिविधियाँ मान्य नहीं होगी।
पटना, राँची, कोलकाता, लखनऊ, वाराणसी और भुवनेश्वर, भारत में कुछ लोकप्रिय शहर हैं, जहाँ उपच्छाया चन्द्र ग्रहण दिखाई देगा।
ग्रहण की दृश्यता के बारे में अधिक जानकारी के लिए कृपया 30 नवम्बर 2020 के उपच्छाया चन्द्र ग्रहण का प्लॉट देखें।
जब चन्द्र ग्रहण मध्यरात्रि (१२ बजे) से पहले लग जाता है परन्तु मध्यरात्रि के पश्चात समाप्त होता है - दूसरे शब्दों में जब चन्द्र ग्रहण अंग्रेजी कैलेण्डर में दो दिनों का अधिव्यापन (ओवरलैप) करता है - तो जिस दिन चन्द्रग्रहण अधिकतम होता है उस दिन की दिनाँक चन्द्रग्रहण के लिये दर्शायी जाती है। ऐसी स्थिति में चन्द्रग्रहण की उपच्छाया तथा प्रच्छाया का स्पर्श पिछले दिन अर्थात मध्यरात्रि से पहले हो सकता है।
इस पृष्ठ पर दिये चन्द्रोदय और चन्द्रास्त के समय लंबन/विस्थापनाभास के लिये संशोधित हैं। लंबन का संशोधन चन्द्रग्रहण देखने के लिये उत्तम समय देता है।
हिन्दु धर्म में चन्द्रग्रहण एक धार्मिक घटना है जिसका धार्मिक दृष्टि से विशेष महत्त्व है। जो चन्द्रग्रहण नग्न आँखों से स्पष्ट दृष्टिगत न हो तो उस चन्द्रग्रहण का धार्मिक महत्त्व नहीं होता है। मात्र उपच्छाया वाले चन्द्रग्रहण नग्न आँखों से दृष्टिगत नहीं होते हैं इसीलिये उनका पञ्चाङ्ग में समावेश नहीं होता है और कोई भी ग्रहण से सम्बन्धित कर्मकाण्ड नहीं किया जाता है। केवल प्रच्छाया वाले चन्द्रग्रहण, जो कि नग्न आँखों से दृष्टिगत होते हैं, धार्मिक कर्मकाण्डों के लिये विचारणीय होते हैं। सभी परम्परागत पञ्चाङ्ग केवल प्रच्छाया वाले चन्द्रग्रहण को ही सम्मिलित करते हैं।
यदि चन्द्रग्रहण आपके शहर में दर्शनीय नहीं हो परन्तु दूसरे देशों अथवा शहरों में दर्शनीय हो तो कोई भी ग्रहण से सम्बन्धित कर्मकाण्ड नहीं किया जाता है। लेकिन यदि मौसम की वजह से चन्द्रग्रहण दर्शनीय न हो तो ऐसी स्थिति में चन्द्रग्रहण के सूतक का अनुसरण किया जाता है और ग्रहण से सम्बन्धित सभी सावधानियों का पालन किया जाता है।