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सूर्यदेव आरती, जय कश्यप-नन्दन - हिन्दी गीतिकाव्य और वीडियो गीत

DeepakDeepak

श्री सूर्यदेव आरती

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॥ आरती श्री सूर्य जी ॥

जय कश्यप-नन्दन भगवान सूर्य की सबसे प्रसिद्ध आरती में से एक है। यह प्रसिद्ध आरती भगवान सूर्य से सम्बन्धित अधिकांश अवसरों पर गायी जाती है।

जय कश्यप-नन्दन,ॐ जय अदिति नन्दन।

त्रिभुवन - तिमिर - निकन्दन,भक्त-हृदय-चन्दन॥

जय कश्यप-नन्दन, ॐ जय अदिति नन्दन।

सप्त-अश्वरथ राजित,एक चक्रधारी।

दुःखहारी, सुखकारी,मानस-मल-हारी॥

जय कश्यप-नन्दन, ॐ जय अदिति नन्दन।

सुर - मुनि - भूसुर - वन्दित,विमल विभवशाली।

अघ-दल-दलन दिवाकर,दिव्य किरण माली॥

जय कश्यप-नन्दन, ॐ जय अदिति नन्दन।

सकल - सुकर्म - प्रसविता,सविता शुभकारी।

विश्व-विलोचन मोचन,भव-बन्धन भारी॥

जय कश्यप-नन्दन, ॐ जय अदिति नन्दन।

कमल-समूह विकासक,नाशक त्रय तापा।

सेवत साहज हरतअति मनसिज-संतापा॥

जय कश्यप-नन्दन, ॐ जय अदिति नन्दन।

नेत्र-व्याधि हर सुरवर,भू-पीड़ा-हारी।

वृष्टि विमोचन संतत,परहित व्रतधारी॥

जय कश्यप-नन्दन, ॐ जय अदिति नन्दन।

सूर्यदेव करुणाकर,अब करुणा कीजै।

हर अज्ञान-मोह सब,तत्त्वज्ञान दीजै॥

जय कश्यप-नन्दन, ॐ जय अदिति नन्दन।

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