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दैनिक पञ्चाङ्ग में शिववास

DeepakDeepak

शिववास

शिववास

रुद्र अभिषेक शुभ शिव वास के दौरान किया जाता है। शिव वास उस गतिविधि को कहते हैं जिसमें भगवान शिव समय की चलन में शामिल हो। इसीलिये, रुद्र अभिषेक करते समय शिव वास को देखा जाता है।

भगवान शिव निम्नलिखित में से किसी एक स्थान पर निवास कर सकते हैं -

  1. श्मशान में
  2. देवी गौरी के साथ
  3. सभा में
  4. कार्य अथवा क्रीड़ा में
  5. कैलाश पर
  6. वृषभ नन्दी पर विराजमान
  7. रात्रि भोजन में अथवा ध्यान में

रुद्र अभिषेक तब किया जाता है जब भगवान शिव निम्नलिखित किसी गतिविधि में अथवा स्थान पर हो -

  1. देवी गौरी के साथ, जिससे घर में सुख-समृद्धि आती है।
  2. कैलाश पर, जिसके परिणामस्वरूप सुख की प्राप्ति होती है।
  3. नन्दी पर चढ़ते समय, जिसके परिणामस्वरूप सफलता प्राप्त होती है।

रुद्र अभिषेक के लिये निम्नलिखित स्थानों अथवा गतिविधियों से बचना चाहिये।

  1. श्मशान में, जिसके परिणामस्वरूप मृत्यु तुल्य परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।
  2. सभा में, जिसके परिणामस्वरूप गहरा दुःख मिलता है।
  3. काम या क्रीड़ा में, जिसके परिणामस्वरूप कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है।
  4. रात्रि भोजन में या ध्यान करने में, जिसके परिणामस्वरूप परेशानी या पीड़ा मिलती है।
Kalash
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