
अश्लेशा नक्षत्र - अश्लेशा, वैदिक ज्योतिष में नौवाँ नक्षत्र है, जिसका विस्तार 16°40' से 30° कर्क तक है।
प्रतीक चिह्न - इस नक्षत्र का चिह्न सर्प है।
खगोलीय नाम - यह नक्षत्र हाइड्रा तारामण्डल में δ, ε, η, ρ तथा σ हाइड्रै (Hydrae) को निरूपित करता है।
नक्षत्र के देवता - देवताओं के रूप में पूजे जाने वाले सर्पों अथवा नागों को अश्लेशा नक्षत्र के देवता के रूप में वर्णित किया गया है।
शासक ग्रह - अश्लेशा नक्षत्र पर बुध (बुध ग्रह) का शासन होता है।
अन्य - अश्लेशा को क्लिंगिंग स्टार अथवा नाग के नाम से भी जाना जाता है। यह एक तीक्ष्ण नक्षत्र है। अश्लेषा, केतु का जन्म नक्षत्र है।
नक्षत्र अस्त उदय - अश्लेशा प्रति वर्ष लगभग 40 दिनों की अवधि के लिये अस्त हो जाता है। अश्लेशा नक्षत्र के अस्त एवं उदय होने का समय ज्ञात करने हेतु सम्बन्धित पृष्ठ देखें - अश्लेशा अस्त उदय।
नक्षत्र गोचर - अश्लेशा को अधिकांश शुभ कार्यों हेतु अशुभ माना जाता है। वर्ष पर्यन्त, चन्द्रमा किस समय अश्लेशा नक्षत्र में गोचर कर रहा है, यह ज्ञात करने हेतु उक्त पृष्ठ का अवलोकन करें - अश्लेशा नक्षत्र के सभी दिनों की सूचि।