

श्रवण नक्षत्र - वैदिक ज्योतिष में श्रवण बाईसवाँ नक्षत्र है, जिसका विस्तार मकर राशि में 10° से 23°20' तक है।
प्रतीक चिह्न - इस नक्षत्र का प्रतीक, कान अथवा तीन पदचिन्ह हैं।
खगोलीय नाम - इस नक्षत्र के खगोलीय नाम α, β तथा γ एक्विला (Aquilae) हैं।
नक्षत्र के देवता - ब्रह्माण्ड के संरक्षक, भगवान विष्णु श्रवण नक्षत्र के अधिष्ठाता हैं।
शासक ग्रह - श्रवण नक्षत्र पर चन्द्र (चन्द्रमा ग्रह) शासन करता है।
अन्य - श्रवण का अर्थ है 'सुनना', जिसका प्राथमिक प्रतीक कान होता है। यह एक देव अथवा ईश्वरीय नक्षत्र है, जो भगवान कृष्ण की बाँसुरी, स्वर्ग की घण्टियों अथवा ब्रह्माण्डीय ओम की सूक्ष्म ध्वनियों को सुनने की क्षमता रखता है। इस नक्षत्र के जातक सामान्यतः तीव्र बुद्धि वाले होते हैं तथा अन्य संस्कृतियों एवं आध्यात्मिक आयामों का अध्ययन करने की क्षमता रखते हैं।
नक्षत्र अस्त उदय - श्रवण नक्षत्र के अस्त एवं उदय होने का समय ज्ञात करने हेतु सम्बन्धित पृष्ठ देखें - श्रवण अस्त उदय।
नक्षत्र गोचर - श्रवण को अधिकांश शुभ कार्यों हेतु उत्तम माना जाता है। वर्ष पर्यन्त, चन्द्रमा किस समय श्रवण नक्षत्र में गोचर कर रहा है, यह ज्ञात करने हेतु उक्त पृष्ठ का अवलोकन करें - श्रवण नक्षत्र के सभी दिनों की सूचि।