
विशाखा नक्षत्र - विशाखा वैदिक ज्योतिष में सोलहवाँ नक्षत्र है, जिसका विस्तार 20° तुला से 3°20' वृश्चिक तक है।
प्रतीक चिह्न - इस नक्षत्र का प्रतीक एक विजय द्वार अथवा कुम्हार का चाक है।
खगोलीय नाम - यह नक्षत्र α, β, γ तथा ι लिब्री (ι Librae) से सम्बन्धित है।
नक्षत्र के देवता - देवताओं के प्रमुख, इन्द्र तथा अग्नि देव विशाखा नक्षत्र के अधिष्ठाता हैं।
शासक ग्रह - विशाखा नक्षत्र पर गुरु (बृहस्पति ग्रह) का शासन होता है।
अन्य - इस नक्षत्र का दूसरा नाम राधा है, जो सूर्य के जन्म नक्षत्र अनुराधा का पूरक है। विशाखा नक्षत्र राक्षस स्वभाव का है तथा इसकी प्राथमिक प्रेरणा धर्म है। विशाखा उत्तरी क्षेत्र के चार सितारों से निर्मित है।
नक्षत्र अस्त उदय - विशाखा प्रति वर्ष लगभग 15 दिनों की अवधि के लिये अस्त हो जाता है। विशाखा नक्षत्र के अस्त एवं उदय होने का समय ज्ञात करने हेतु सम्बन्धित पृष्ठ देखें - विशाखा अस्त उदय।
नक्षत्र गोचर - विशाखा को अधिकांश शुभ कार्यों हेतु सामान्य माना जाता है। वर्ष पर्यन्त, चन्द्रमा किस समय विशाखा नक्षत्र में गोचर कर रहा है, यह ज्ञात करने हेतु उक्त पृष्ठ का अवलोकन करें - विशाखा नक्षत्र के सभी दिनों की सूचि।