मन्वादि के दिन
परिभाषा
1 कल्प, वैदिक ज्योतिष में समय की इकाई है, जिसे 14 मन्वन्तरों में विभाजित किया गया है। एक कल्प 4.32 अरब सौर वर्षों के समान होता है। प्रत्येक मन्वन्तर के लिये एक तिथि निर्धारित है तथा जिन्हें मन्वादि तिथि के रूप में जाना जाता है। मन्वादि तिथियाँ, दिवंगत आत्माओं के निमित्त श्राद्ध कर्म करने हेतु अत्यन्त महत्त्वपूर्ण मानी जाती हैं।
टिप्पणी
हिन्दु कैलेण्डर में निम्नलिखित तिथियों को मन्वादि के रूप में चिह्नित किया गया है। प्रत्येक मन्वादि तिथि का नामकरण, उस मन्वन्तर के शासक सन्त के आधार पर किया गया है।
- चैत्र, शुक्ल तृतीया - स्वायम्भुव मन्वादि
- चैत्र, शुक्ल पूर्णिमा - स्वारोचिष मन्वादि
- कार्तिक, शुक्ल पूर्णिमा - उत्तम मन्वादि
- कार्तिक, शुक्ल द्वादशी - तामस मन्वादि
- आषाढ़, शुक्ल दशमी - रैवत मन्वादि
- आषाढ़, शुक्ल पूर्णिमा - चाक्षुष मन्वादि
- ज्येष्ठ, शुक्ल पूर्णिमा - वैवस्वत मन्वादि
- फाल्गुन, शुक्ल पूर्णिमा - सावर्णि मन्वादि
- आश्विन, शुक्ल नवमी - दक्ष सावर्णि मन्वादि
- माघ, शुक्ल सप्तमी - ब्रह्म सावर्णि मन्वादि
- पौष, शुक्ल एकादशी - धर्म सावर्णि मन्वादि
- भाद्रपद, शुक्ल तृतीया - रूद्र सावर्णि मन्वादि
- श्रावण, कृष्ण अमावस्या - दैव सावर्णि मन्वादि
- श्रावण, कृष्ण अष्टमी - इन्द्र सावर्णि मन्वादि
अन्य संसाधन
- वर्ष की सभी मन्वादि तिथियों की सूचि का अवलोकन उक्त पृष्ठ पर करें - मन्वादि तिथि कैलेण्डर।
समानार्थी शब्द
मनुआदी
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