devotionally made & hosted in India
Search
Mic
Android Play StoreIOS App Store
Ads Subscription Disabled
हि
Setting
Clock
Ads Subscription Disabledविज्ञापन हटायें
X

भगवान सूर्य गायत्री मन्त्र - मन्त्र एवं वीडियो

DeepakDeepak

सूर्य गायत्री मन्त्र

श्री सूर्य गायत्री मन्त्र

सूर्य गायत्री मन्त्र भगवान सूर्य को समर्पित गायत्री मन्त्र है। हिन्दु धर्म में गायत्री मन्त्र को अत्यधिक महत्वपूर्ण माना जाता है। धर्मग्रन्थों में विभिन्न देवी-देवताओं को समर्पित गायत्री मन्त्र वर्णित किये गये हैं, जिनमें से सूर्य गायत्री मन्त्र भी एक अत्यन्त विशेष मन्त्र है।

सूर्य गायत्री मन्त्र का जाप करने से साधक के आत्मबल एवं ज्ञान में वृद्धि होती है तथा भगवान सूर्य प्रसन्न होते हैं। सूर्य गायत्री मन्त्र ऊर्जा का भण्डार है तथा इसका जाप करने से आत्मिक ऊर्जा में वृद्धि होती है।

X

॥ सूर्य गायत्री मन्त्र ॥

ॐ आदित्याय विद्महे प्रभाकराय धीमहि
तन्नः सूर्यः प्रचोदयात्॥

मन्त्र का अनुवाद

हे देवी अदिति के पुत्र! आप सर्वव्यापी हैं। हे जगत को प्रकाशित करने वाले देव, हम आपका ध्यान करते हैं तथा सद्बुद्धि की प्राप्ति हेतु प्रार्थना करते हैं। हे भगवान् सूर्य हमारे अन्तर्मन को ज्ञान रूपी प्रकाश से प्रकाशित करें।

  • आदित्याय - देवी अदिति के पुत्र।
  • विद्महे - जो सर्वव्यापी हैं।
  • प्रभाकराय - जगत को प्रकाशित करने वाले।
  • धीमहि - हम आपका ध्यान करते हैं।
  • तन्नः सूर्यः - हे सूर्य भगवान।
  • प्रचोदयात् - हमारे अन्तर्मन को ज्ञान से प्रकाशित करें।
Name
Name
Email
द्रिकपञ्चाङ्ग पर टिप्पणी दर्ज करने के लिये गूगल अकाउंट से लॉग इन करें।
टिप्पणी
और लोड करें ↓
Kalash
कॉपीराइट नोटिस
PanditJi Logo
सभी छवियाँ और डेटा - कॉपीराइट
Ⓒ www.drikpanchang.com
प्राइवेसी पॉलिसी
द्रिक पञ्चाङ्ग और पण्डितजी लोगो drikpanchang.com के पञ्जीकृत ट्रेडमार्क हैं।
Android Play StoreIOS App Store
Drikpanchang Donation