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2026 बुध तारा अस्त एवं उदय नई दिल्ली, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र, भारत के लिये

DeepakDeepak

2026 बुध अस्त

मर्क्युरी तारा अस्त प्रारम्भ
जनवरी 2, 2026, शुक्रवार को 06:29 ए एम बजे

मर्क्युरी तारा अस्त समाप्त
फरवरी 5, 2026, बृहस्पतिवार को 06:51 पी एम बजे

कुल अस्त अवधि = 35 दिन
1
मर्क्युरी तारा अस्त प्रारम्भ
मार्च 1, 2026, रविवार को 07:10 पी एम बजे

मर्क्युरी तारा अस्त समाप्त
मार्च 18, 2026, बुधवार को 05:30 ए एम बजे

कुल अस्त अवधि = 17 दिन
2
मर्क्युरी तारा अस्त प्रारम्भ
अप्रैल 27, 2026, सोमवार को 05:00 ए एम बजे

मर्क्युरी तारा अस्त समाप्त
मई 23, 2026, शनिवार को 08:01 पी एम बजे

कुल अस्त अवधि = 27 दिन
3
मर्क्युरी तारा अस्त प्रारम्भ
जून 30, 2026, मंगलवार को 08:22 पी एम बजे

मर्क्युरी तारा अस्त समाप्त
जुलाई 25, 2026, शनिवार को 04:34 ए एम बजे

कुल अस्त अवधि = 25 दिन
4
मर्क्युरी तारा अस्त प्रारम्भ
अगस्त 18, 2026, मंगलवार को 05:05 ए एम बजे

मर्क्युरी तारा अस्त समाप्त
सितम्बर 18, 2026, शुक्रवार को 07:09 पी एम बजे

कुल अस्त अवधि = 32 दिन
5
मर्क्युरी तारा अस्त प्रारम्भ
अक्टूबर 25, 2026, रविवार को 06:31 पी एम बजे

मर्क्युरी तारा अस्त समाप्त
नवम्बर 11, 2026, बुधवार को 05:40 ए एम बजे

कुल अस्त अवधि = 17 दिन
6
मर्क्युरी तारा अस्त प्रारम्भ
दिसम्बर 14, 2026, सोमवार को 06:20 ए एम बजे

मर्क्युरी तारा अस्त समाप्त
जनवरी 19, 2027, मंगलवार को 06:39 पी एम बजे

कुल अस्त अवधि = 37 दिन
7

साल में कुल अस्त के दिन = 173 दिन

टिप्पणी: सभी समय १२-घण्टा प्रारूप में नई दिल्ली, भारत के स्थानीय समय और डी.एस.टी समायोजित (यदि मान्य है) के साथ दर्शाये गए हैं।
आधी रात के बाद के समय जो आगामि दिन के समय को दर्शाते हैं, आगामि दिन से प्रत्यय कर दर्शाये गए हैं। पञ्चाङ्ग में दिन सूर्योदय से शुरू होता है और पूर्व दिन सूर्योदय के साथ ही समाप्त हो जाता है।

वैदिक ज्योतिष के अनुसार ग्रह का अस्त होना एक महत्वपूर्ण घटना मानी जाती है। प्रति वर्ष, कुछ दिनों के लिये आकाश में कोई-कोई ग्रह दिखायी नहीं देता है क्योंकि वह सूर्य के अत्यन्त समीप आ जाता है। वर्ष के इन दिनों को ग्रह-अस्त, ग्रह-लोप, ग्रह-मौद्य, ग्रह-मौद्यामि के नाम से जाना जाता है।

अधिकांश शुभ कार्य जैसे विवाह समारोह आदि, शुक्र और गुरु ग्रह के अस्त काल में नहीं किये जाते हैं।

इस पृष्ठ पर, हमने मर्क्युरी ग्रह के अस्त के दिन, समय के साथ, दिये हैं। सूर्य सिद्धान्त के अनुसार, ग्रह के अस्त व उदय होने के अनुमानित समय की गणना कोणीय पृथक्करण के आधार पर की जा सकती है। जब मर्क्युरी मार्गी होता है तब मर्क्युरी लोप की गणना के लिये सूर्य के दोनों ओर 14° का कोणीय पृथक्करण और जब मर्क्युरी वक्री होता है तब 12° का कोणीय पृथक्करण का वर्णन सूर्य सिद्धान्त में मिलता है।

इस पृष्ठ पर दिये गये मर्क्युरी के अस्त और उदय के समय आधुनिक गणना पर आधारित हैं। सभी गणनायें प्रेक्षक की भौगोलिक स्थिति के आधार पर की गयी हैं।

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