हमारे जीवन में ऐसे कई क्षण आते हैं जहाँ हम अनिर्णय और अनिश्चितता की स्थिति में फँस जाते हैं और भगवान से ये अपेक्षा रखते हैं कि वे हमारे मन की शंकाओं का निराकरण करें। श्रीरामचरितमानस में गोस्वामी तुलसीदास जी ने आम जनमानस का कल्याण करने के उद्देश्य से इस दिव्य 'राम शलाका प्रश्नावली' की रचना की है जिसके प्रयोग से आप श्री मानस जी की चौपाइयों के आधार पर अपने प्रश्नों का उत्तर व शंका का दैवीय समाधान प्राप्त कर सकते हैं।
नोट: यह पवित्र श्रीराम शलाका हिन्दुओं के पवित्र ग्रन्थ रामचरितमानस से ली गयी है तथा लम्बे समय से इसकी मान्यता चली आ रही है। बिना शुद्ध भाव के प्रश्न का उत्तम समाधान मिल पाना कठिन है।
सबसे पहले तो श्री रामचन्द्र जी का शुद्ध हृदय से ध्यान करें और अपने प्रश्न का चिन्तन करें।
आप इसे कहीं लिख भी सकते हैं। इसके बाद अपने दायें हाथ की तर्जनी उंगली (अंगूठे के बगल वाली उंगली) या कर्सर को प्रश्नावली के 225 खानों में से किसी एक खाने में ले जायें और क्लिक करें। इसके बाद आपको एक चौपाई के माध्यम से आपके प्रश्न का उत्तर मिलेगा।