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2026 प्रदोष व्रत के दिन Dayr al Balah, Gaza Strip, Palestinian Territory के लिए

DeepakDeepak

2026 प्रदोष के दिन

त्रयोदशी
आज
शनि प्रदोष व्रत
ज्येष्ठ, शुक्ल त्रयोदशी
Dayr al Balah, Palestinian Territory
27
जून 2026
शनिवार
2026 प्रदोष के दिन
[2082 - 2083] विक्रम सम्वत
जनवरी 2026
गुरु प्रदोष व्रत
जनवरी 1, 2026, बृहस्पतिवार
त्रयोदशी
02 घण्टे 01 मिनट
पौष, शुक्ल त्रयोदशी
प्रारम्भ - 10:17 पी एम, दिसम्बर 31
समाप्त - 06:52 पी एम, जनवरी 01
गुरु प्रदोष व्रत
जनवरी 15, 2026, बृहस्पतिवार
त्रयोदशी
02 घण्टे 44 मिनट्स
माघ, कृष्ण त्रयोदशी
प्रारम्भ - 04:46 पी एम, जनवरी 15
समाप्त - 06:51 पी एम, जनवरी 16
शुक्र प्रदोष व्रत
जनवरी 30, 2026, शुक्रवार
त्रयोदशी
02 घण्टे 40 मिनट्स
माघ, शुक्ल त्रयोदशी
प्रारम्भ - 07:39 ए एम, जनवरी 30
समाप्त - 04:55 ए एम, जनवरी 31
फरवरी 2026
शनि प्रदोष व्रत
फरवरी 14, 2026, शनिवार
त्रयोदशी
02 घण्टे 35 मिनट्स
फाल्गुन, कृष्ण त्रयोदशी
प्रारम्भ - 12:31 पी एम, फरवरी 14
समाप्त - 01:34 पी एम, फरवरी 15
शनि प्रदोष व्रत
फरवरी 28, 2026, शनिवार
त्रयोदशी
02 घण्टे 30 मिनट्स
फाल्गुन, शुक्ल त्रयोदशी
प्रारम्भ - 05:13 पी एम, फरवरी 28
समाप्त - 03:39 पी एम, मार्च 01
मार्च 2026
सोम प्रदोष व्रत
मार्च 16, 2026, सोमवार
त्रयोदशी
02 घण्टे 24 मिनट्स
चैत्र, कृष्ण त्रयोदशी
प्रारम्भ - 06:10 ए एम, मार्च 16
समाप्त - 05:53 ए एम, मार्च 17
सोम प्रदोष व्रत
मार्च 30, 2026, सोमवार
त्रयोदशी
02 घण्टे 18 मिनट्स
चैत्र, शुक्ल त्रयोदशी
प्रारम्भ - 04:39 ए एम, मार्च 30
समाप्त - 04:25 ए एम, मार्च 31
अप्रैल 2026
बुध प्रदोष व्रत
अप्रैल 15, 2026, बुधवार
त्रयोदशी
00 घण्टे 50 मिनट्स
वैशाख, कृष्ण त्रयोदशी
प्रारम्भ - 09:42 पी एम, अप्रैल 14
समाप्त - 08:01 पी एम, अप्रैल 15
भौम प्रदोष व्रत
अप्रैल 28, 2026, मंगलवार
त्रयोदशी
02 घण्टे 08 मिनट्स
वैशाख, शुक्ल त्रयोदशी
प्रारम्भ - 04:21 पी एम, अप्रैल 28
समाप्त - 05:21 पी एम, अप्रैल 29
मई 2026
गुरु प्रदोष व्रत
मई 14, 2026, बृहस्पतिवार
त्रयोदशी
02 घण्टे 03 मिनट्स
ज्येष्ठ, कृष्ण त्रयोदशी
प्रारम्भ - 08:50 ए एम, मई 14
समाप्त - 06:01 ए एम, मई 15
गुरु प्रदोष व्रत
मई 28, 2026, बृहस्पतिवार
त्रयोदशी
02 घण्टे 00 मिनट्स
ज्येष्ठ, शुक्ल त्रयोदशी
प्रारम्भ - 05:26 ए एम, मई 28
समाप्त - 07:20 ए एम, मई 29
जून 2026
शुक्र प्रदोष व्रत
जून 12, 2026, शुक्रवार
त्रयोदशी
01 घण्टा 58 मिनट्स
ज्येष्ठ, कृष्ण त्रयोदशी
प्रारम्भ - 05:06 पी एम, जून 12
समाप्त - 01:37 पी एम, जून 13
शनि प्रदोष व्रत
जून 27, 2026, शनिवार
त्रयोदशी
01 घण्टा 58 मिनट्स
ज्येष्ठ, शुक्ल त्रयोदशी
प्रारम्भ - 07:52 पी एम, जून 26
समाप्त - 10:13 पी एम, जून 27
जुलाई 2026
रवि प्रदोष व्रत
जुलाई 12, 2026, रविवार
त्रयोदशी
00 घण्टे 10 मिनट्स
आषाढ़, कृष्ण त्रयोदशी
प्रारम्भ - 11:34 पी एम, जुलाई 11
समाप्त - 07:59 पी एम, जुलाई 12
रवि प्रदोष व्रत
जुलाई 26, 2026, रविवार
त्रयोदशी
02 घण्टे 03 मिनट्स
आषाढ़, शुक्ल त्रयोदशी
प्रारम्भ - 11:27 ए एम, जुलाई 26
समाप्त - 01:44 पी एम, जुलाई 27
अगस्त 2026
सोम प्रदोष व्रत
अगस्त 10, 2026, सोमवार
त्रयोदशी
02 घण्टे 07 मिनट्स
श्रावण, कृष्ण त्रयोदशी
प्रारम्भ - 05:30 ए एम, अगस्त 10
समाप्त - 02:24 ए एम, अगस्त 11
भौम प्रदोष व्रत
अगस्त 25, 2026, मंगलवार
त्रयोदशी
02 घण्टे 12 मिनट्स
श्रावण, शुक्ल त्रयोदशी
प्रारम्भ - 03:50 ए एम, अगस्त 25
समाप्त - 05:29 ए एम, अगस्त 26
सितम्बर 2026
भौम प्रदोष व्रत
सितम्बर 8, 2026, मंगलवार
त्रयोदशी
02 घण्टे 17 मिनट्स
भाद्रपद, कृष्ण त्रयोदशी
प्रारम्भ - 12:12 पी एम, सितम्बर 08
समाप्त - 10:00 ए एम, सितम्बर 09
गुरु प्रदोष व्रत
सितम्बर 24, 2026, बृहस्पतिवार
त्रयोदशी
02 घण्टे 11 मिनट्स
भाद्रपद, शुक्ल त्रयोदशी
प्रारम्भ - 08:20 पी एम, सितम्बर 23
समाप्त - 08:48 पी एम, सितम्बर 24
अक्टूबर 2026
गुरु प्रदोष व्रत
अक्टूबर 8, 2026, बृहस्पतिवार
त्रयोदशी
01 घण्टा 26 मिनट्स
आश्विन, कृष्ण त्रयोदशी
प्रारम्भ - 08:46 पी एम, अक्टूबर 07
समाप्त - 07:45 पी एम, अक्टूबर 08
शुक्र प्रदोष व्रत
अक्टूबर 23, 2026, शुक्रवार
त्रयोदशी
02 घण्टे 34 मिनट्स
आश्विन, शुक्ल त्रयोदशी
प्रारम्भ - 12:05 पी एम, अक्टूबर 23
समाप्त - 10:06 ए एम, अक्टूबर 24
नवम्बर 2026
शुक्र प्रदोष व्रत
नवम्बर 6, 2026, शुक्रवार
त्रयोदशी
02 घण्टे 39 मिनट्स
कार्तिक, कृष्ण त्रयोदशी
प्रारम्भ - 07:00 ए एम, नवम्बर 06
समाप्त - 07:17 ए एम, नवम्बर 07
रवि प्रदोष व्रत
नवम्बर 22, 2026, रविवार
त्रयोदशी
02 घण्टे 43 मिनट्स
कार्तिक, शुक्ल त्रयोदशी
प्रारम्भ - 01:26 ए एम, नवम्बर 22
समाप्त - 11:06 पी एम, नवम्बर 22
दिसम्बर 2026
रवि प्रदोष व्रत
दिसम्बर 6, 2026, रविवार
त्रयोदशी
02 घण्टे 46 मिनट्स
मार्गशीर्ष, कृष्ण त्रयोदशी
प्रारम्भ - 09:21 पी एम, दिसम्बर 05
समाप्त - 10:52 पी एम, दिसम्बर 06
सोम प्रदोष व्रत
दिसम्बर 21, 2026, सोमवार
त्रयोदशी
02 घण्टे 47 मिनट्स
मार्गशीर्ष, शुक्ल त्रयोदशी
प्रारम्भ - 02:06 पी एम, दिसम्बर 21
समाप्त - 10:53 ए एम, दिसम्बर 22

टिप्पणी: सभी समय १२-घण्टा प्रारूप में Dayr al Balah, Palestinian Territory के स्थानीय समय और डी.एस.टी समायोजित (यदि मान्य है) के साथ दर्शाये गए हैं।
आधी रात के बाद के समय जो आगामि दिन के समय को दर्शाते हैं, आगामि दिन से प्रत्यय कर दर्शाये गए हैं। पञ्चाङ्ग में दिन सूर्योदय से शुरू होता है और पूर्व दिन सूर्योदय के साथ ही समाप्त हो जाता है।

2026 प्रदोष के दिन

Pradosham Vratam

दक्षिण भारत में प्रदोष व्रत को प्रदोषम के नाम से जाना जाता है तथा इस व्रत को भगवान शिव का आशीर्वाद प्राप्त करने हेतु किया जाता है।

प्रदोष व्रत चन्द्र मास की दोनों त्रयोदशी के दिन किया जाता है जिसमें से एक शुक्ल पक्ष के समय तथा दूसरा कृष्ण पक्ष के समय होता है। कुछ लोग शुक्ल पक्ष एवं कृष्ण पक्ष के प्रदोष के मध्य भेद करते हैं।

प्रदोष का दिन जब सोमवार को आता है तो उसे सोम प्रदोष कहते हैं, मंगलवार को आने वाले प्रदोष को भौम प्रदोष कहते हैं तथा जो प्रदोष शनिवार के दिन आता है उसे शनि प्रदोष कहा जाता है।

प्रदोष व्रत, प्रदोषम

जिस दिन त्रयोदशी तिथि प्रदोष काल के समय व्याप्त होती है उसी दिन प्रदोष का व्रत किया जाता है। प्रदोष काल सूर्यास्त से प्रारम्भ हो जाता है। जब त्रयोदशी तिथि और प्रदोष साथ-साथ होते हैं (जिसे त्रयोदशी और प्रदोष का अधिव्यापन भी कहते हैं) वह समय शिव पूजा के लिये सर्वश्रेष्ठ होता है। ऐसा माना जाता है कि प्रदोष के समय शिवजी प्रसन्नचित मनोदशा में होते हैं। द्रिक पञ्चाङ्ग प्रदोष के दिनों के साथ समय भी सूचिबद्ध करता है जो कि शिव पूजा के लिये उपयुक्त समय है।

क्रमशः दो दिनों पर एकादशी एवं प्रदोष व्रत

अनेक भक्तगण एकादशी व्रत के साथ-साथ प्रदोष व्रत भी करते हैं। सामान्यतः एकादशी एवं प्रदोष व्रत के मध्य एक दिन का अन्तर होता है। यद्यपि, अनेक बार इन्हें निरन्तर दो दिन मनाया जाता है। अनेक भक्त जानना चाहते हैं कि, यदि एकादशी के अगले दिन प्रदोष व्रत भी पड़ रहा हो तो एकादशी व्रत का पारण कैसे करें। ऐसी स्थिति में केवल जल से प्रतीकात्मक एकादशी पारण करने तथा वास्तविक व्रत पारण किये बिना ही प्रदोष व्रत करने का सुझाव दिया जाता है। यद्यपि, यह कठिन प्रतीत होता है, किन्तु हिन्दु धर्म में निरन्तर दो दिन व्रत करना अति सामान्य है।

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