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-8003 प्रदोष व्रत के दिन लँकेस्टर, California, संयुक्त राज्य अमेरिका के लिए

DeepakDeepak

-8003 प्रदोष के दिन

त्रयोदशी
8 दिन शेष
बुध प्रदोष व्रत
आश्विन, कृष्ण त्रयोदशी
लँकेस्टर, संयुक्त राज्य अमेरिका
07
अक्टूबर 2026
बुधवार
-8003 प्रदोष के दिन
[-7947 - -7946] विक्रम सम्वत
जनवरी -8003
शनि प्रदोष व्रत
जनवरी 12, -8003, शनिवार
त्रयोदशी
02 घण्टे 48 मिनट्स
ज्येष्ठ, शुक्ल त्रयोदशी
प्रारम्भ - जनवरी 12 को 06:39 बजे
समाप्त - जनवरी 13 को 04:07 बजे
शनि प्रदोष व्रत
जनवरी 26, -8003, शनिवार
त्रयोदशी
02 घण्टे 44 मिनट्स
आषाढ़, कृष्ण त्रयोदशी
प्रारम्भ - जनवरी 26 को 01:44 बजे
समाप्त - जनवरी 27 को 03:33 बजे
फरवरी -8003
रवि प्रदोष व्रत
फरवरी 10, -8003, रविवार
त्रयोदशी
02 घण्टे 38 मिनट्स
आषाढ़, शुक्ल त्रयोदशी
प्रारम्भ - फरवरी 10 को 15:09 बजे
समाप्त - फरवरी 11 को 11:56 बजे
रवि प्रदोष व्रत
फरवरी 24, -8003, रविवार
त्रयोदशी
02 घण्टे 33 मिनट्स
श्रावण, कृष्ण त्रयोदशी
प्रारम्भ - फरवरी 24 को 15:50 बजे
समाप्त - फरवरी 25 को 18:20 बजे
मार्च -8003
भौम प्रदोष व्रत
मार्च 12, -8003, मंगलवार
त्रयोदशी
01 घण्टा 17 मिनट्स
श्रावण, शुक्ल त्रयोदशी
प्रारम्भ - मार्च 11 को 22:37 बजे
समाप्त - मार्च 12 को 19:06 बजे
भौम प्रदोष व्रत
मार्च 26, -8003, मंगलवार
त्रयोदशी
02 घण्टे 20 मिनट्स
भाद्रपद, कृष्ण त्रयोदशी
प्रारम्भ - मार्च 26 को 08:14 बजे
समाप्त - मार्च 27 को 10:43 बजे
अप्रैल -8003
बुध प्रदोष व्रत
अप्रैल 10, -8003, बुधवार
त्रयोदशी
02 घण्टे 13 मिनट्स
भाद्रपद, शुक्ल त्रयोदशी
प्रारम्भ - अप्रैल 10 को 05:51 बजे
समाप्त - अप्रैल 11 को 02:32 बजे
गुरु प्रदोष व्रत
अप्रैल 25, -8003, बृहस्पतिवार
त्रयोदशी
02 घण्टे 07 मिनट्स
आश्विन, कृष्ण त्रयोदशी
प्रारम्भ - अप्रैल 25 को 02:08 बजे
समाप्त - अप्रैल 26 को 03:56 बजे
मई -8003
गुरु प्रदोष व्रत
मई 9, -8003, बृहस्पतिवार
त्रयोदशी
02 घण्टे 01 मिनट
आश्विन, शुक्ल त्रयोदशी
प्रारम्भ - मई 09 को 13:49 बजे
समाप्त - मई 10 को 11:14 बजे
शनि प्रदोष व्रत
मई 25, -8003, शनिवार
त्रयोदशी
01 घण्टा 56 मिनट्स
आश्विन, कृष्ण त्रयोदशी
प्रारम्भ - मई 24 को 20:34 बजे
समाप्त - मई 25 को 21:13 बजे
जून -8003
शनि प्रदोष व्रत
जून 8, -8003, शनिवार
त्रयोदशी
01 घण्टा 54 मिनट्स
आश्विन, शुक्ल त्रयोदशी
प्रारम्भ - जून 07 को 23:32 बजे
समाप्त - जून 08 को 22:12 बजे
रवि प्रदोष व्रत
जून 23, -8003, रविवार
त्रयोदशी
01 घण्टा 53 मिनट्स
कार्तिक, कृष्ण त्रयोदशी
प्रारम्भ - जून 23 को 14:29 बजे
समाप्त - जून 24 को 13:49 बजे
जुलाई -8003
रवि प्रदोष व्रत
जुलाई 7, -8003, रविवार
त्रयोदशी
01 घण्टा 55 मिनट्स
कार्तिक, शुक्ल त्रयोदशी
प्रारम्भ - जुलाई 07 को 11:53 बजे
समाप्त - जुलाई 08 को 12:03 बजे
भौम प्रदोष व्रत
जुलाई 23, -8003, मंगलवार
त्रयोदशी
01 घण्टा 59 मिनट्स
मार्गशीर्ष, कृष्ण त्रयोदशी
प्रारम्भ - जुलाई 23 को 06:50 बजे
समाप्त - जुलाई 24 को 04:53 बजे
अगस्त -8003
भौम प्रदोष व्रत
अगस्त 6, -8003, मंगलवार
त्रयोदशी
02 घण्टे 05 मिनट्स
पौष, शुक्ल त्रयोदशी
प्रारम्भ - अगस्त 06 को 03:05 बजे
समाप्त - अगस्त 07 को 04:37 बजे
गुरु प्रदोष व्रत
अगस्त 22, -8003, बृहस्पतिवार
त्रयोदशी
02 घण्टे 12 मिनट्स
माघ, कृष्ण त्रयोदशी
प्रारम्भ - अगस्त 21 को 20:37 बजे
समाप्त - अगस्त 22 को 17:38 बजे
सितम्बर -8003
गुरु प्रदोष व्रत
सितम्बर 5, -8003, बृहस्पतिवार
त्रयोदशी
02 घण्टे 18 मिनट्स
माघ, शुक्ल त्रयोदशी
प्रारम्भ - सितम्बर 04 को 20:25 बजे
समाप्त - सितम्बर 05 को 22:47 बजे
शुक्र प्रदोष व्रत
सितम्बर 20, -8003, शुक्रवार
त्रयोदशी
02 घण्टे 25 मिनट्स
माघ, कृष्ण त्रयोदशी
प्रारम्भ - सितम्बर 20 को 07:24 बजे
समाप्त - सितम्बर 21 को 03:53 बजे
अक्टूबर -8003
शुक्र प्रदोष व्रत
अक्टूबर 4, -8003, शुक्रवार
त्रयोदशी
02 घण्टे 31 मिनट्स
माघ, शुक्ल त्रयोदशी
प्रारम्भ - अक्टूबर 04 को 14:34 बजे
समाप्त - अक्टूबर 05 को 17:05 बजे
शनि प्रदोष व्रत
अक्टूबर 19, -8003, शनिवार
त्रयोदशी
02 घण्टे 37 मिनट्स
फाल्गुन, कृष्ण त्रयोदशी
प्रारम्भ - अक्टूबर 19 को 15:35 बजे
समाप्त - अक्टूबर 20 को 12:06 बजे
नवम्बर -8003
रवि प्रदोष व्रत
नवम्बर 3, -8003, रविवार
त्रयोदशी
02 घण्टे 43 मिनट्स
फाल्गुन, शुक्ल त्रयोदशी
प्रारम्भ - नवम्बर 03 को 08:14 बजे
समाप्त - नवम्बर 04 को 10:16 बजे
सोम प्रदोष व्रत
नवम्बर 18, -8003, सोमवार
त्रयोदशी
02 घण्टे 17 मिनट्स
चैत्र, कृष्ण त्रयोदशी
प्रारम्भ - नवम्बर 17 को 22:09 बजे
समाप्त - नवम्बर 18 को 19:17 बजे
दिसम्बर -8003
भौम प्रदोष व्रत
दिसम्बर 3, -8003, मंगलवार
त्रयोदशी
02 घण्टे 50 मिनट्स
चैत्र, शुक्ल त्रयोदशी
प्रारम्भ - दिसम्बर 03 को 00:30 बजे
समाप्त - दिसम्बर 04 को 01:36 बजे
भौम प्रदोष व्रत
दिसम्बर 17, -8003, मंगलवार
त्रयोदशी
02 घण्टे 51 मिनट्स
वैशाख, कृष्ण त्रयोदशी
प्रारम्भ - दिसम्बर 17 को 04:27 बजे
समाप्त - दिसम्बर 18 को 02:37 बजे

टिप्पणी: सभी समय २४:००+ प्रारूप में लँकेस्टर, संयुक्त राज्य अमेरिका के स्थानीय समय और डी.एस.टी समायोजित (यदि मान्य है) के साथ दर्शाये गए हैं।
आधी रात के बाद के समय २४:०० से अधिक हैं और आगामि दिन के समय को दर्शाते हैं। पञ्चाङ्ग में दिन सूर्योदय से शुरू होता है और पूर्व दिन सूर्योदय के साथ ही समाप्त हो जाता है।

-8003 प्रदोष के दिन

Pradosham Vratam

दक्षिण भारत में प्रदोष व्रत को प्रदोषम के नाम से जाना जाता है तथा इस व्रत को भगवान शिव का आशीर्वाद प्राप्त करने हेतु किया जाता है।

प्रदोष व्रत चन्द्र मास की दोनों त्रयोदशी के दिन किया जाता है जिसमें से एक शुक्ल पक्ष के समय तथा दूसरा कृष्ण पक्ष के समय होता है। कुछ लोग शुक्ल पक्ष एवं कृष्ण पक्ष के प्रदोष के मध्य भेद करते हैं।

प्रदोष का दिन जब सोमवार को आता है तो उसे सोम प्रदोष कहते हैं, मंगलवार को आने वाले प्रदोष को भौम प्रदोष कहते हैं तथा जो प्रदोष शनिवार के दिन आता है उसे शनि प्रदोष कहा जाता है।

प्रदोष व्रत, प्रदोषम

जिस दिन त्रयोदशी तिथि प्रदोष काल के समय व्याप्त होती है उसी दिन प्रदोष का व्रत किया जाता है। प्रदोष काल सूर्यास्त से प्रारम्भ हो जाता है। जब त्रयोदशी तिथि और प्रदोष साथ-साथ होते हैं (जिसे त्रयोदशी और प्रदोष का अधिव्यापन भी कहते हैं) वह समय शिव पूजा के लिये सर्वश्रेष्ठ होता है। ऐसा माना जाता है कि प्रदोष के समय शिवजी प्रसन्नचित मनोदशा में होते हैं। द्रिक पञ्चाङ्ग प्रदोष के दिनों के साथ समय भी सूचिबद्ध करता है जो कि शिव पूजा के लिये उपयुक्त समय है।

क्रमशः दो दिनों पर एकादशी एवं प्रदोष व्रत

अनेक भक्तगण एकादशी व्रत के साथ-साथ प्रदोष व्रत भी करते हैं। सामान्यतः एकादशी एवं प्रदोष व्रत के मध्य एक दिन का अन्तर होता है। यद्यपि, अनेक बार इन्हें निरन्तर दो दिन मनाया जाता है। अनेक भक्त जानना चाहते हैं कि, यदि एकादशी के अगले दिन प्रदोष व्रत भी पड़ रहा हो तो एकादशी व्रत का पारण कैसे करें। ऐसी स्थिति में केवल जल से प्रतीकात्मक एकादशी पारण करने तथा वास्तविक व्रत पारण किये बिना ही प्रदोष व्रत करने का सुझाव दिया जाता है। यद्यपि, यह कठिन प्रतीत होता है, किन्तु हिन्दु धर्म में निरन्तर दो दिन व्रत करना अति सामान्य है।

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