devotionally made & hosted in India
Search
Mic
Android Play StoreIOS App Store
Ads Subscription Disabled
हि
Setting
Clock
Ads Subscription Disabledविज्ञापन हटायें
X

2026 बाला जयन्ती का दिन और पूजा का समय लँकेस्टर, California, संयुक्त राज्य अमेरिका के लिये

DeepakDeepak

2026 बाला जयन्ती

लँकेस्टर, संयुक्त राज्य अमेरिका
बाला जयन्ती
7वाँ
दिसम्बर 2026
Monday / सोमवार
देवी बाला
Goddess Lalita

बाला जयन्ती मुहूर्त

बाला जयन्ती सोमवार, दिसम्बर 7, 2026 को
चतुर्दशी तिथि प्रारम्भ - दिसम्बर 06, 2026 को 12:52 पी एम बजे
चतुर्दशी तिथि समाप्त - दिसम्बर 07, 2026 को 02:42 पी एम बजे

टिप्पणी: सभी समय १२-घण्टा प्रारूप में लँकेस्टर, संयुक्त राज्य अमेरिका के स्थानीय समय और डी.एस.टी समायोजित (यदि मान्य है) के साथ दर्शाये गए हैं।
आधी रात के बाद के समय जो आगामि दिन के समय को दर्शाते हैं, आगामि दिन से प्रत्यय कर दर्शाये गए हैं। पञ्चाङ्ग में दिन सूर्योदय से शुरू होता है और पूर्व दिन सूर्योदय के साथ ही समाप्त हो जाता है।

बाला जयन्ती 2026

पूर्णिमान्त हिन्दु पञ्चाङ्ग के अनुसार मार्गशीर्ष मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को बाला जयन्ती के रूप में मनाया जाता है। अमान्त पञ्चाङ्ग में यह तिथि कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष में आती है। बाला जयन्ती का पर्व देवी बाला को समर्पित है जो द्वादश सिद्धिविद्या देवियों में से एक हैं। हिन्दु धर्मग्रन्थों में देवी बाला सिद्धिविद्या को श्रीविद्या तन्त्र की अत्यन्त गूढ़ एवं पवित्र विद्या माना गया है।

देवी बाला की उपासना करने से साधक को विद्या, बुद्धि, वाक्शक्ति, स्मृति एवं तेज की प्राप्ति होती है। देवी को बालिका रूपिणी ब्रह्मविद्या कहा गया है, जो ब्रह्मज्ञान के प्रथम सोपान का प्रतीक हैं।

देवी बाला द्वादश सिद्धिविद्याओं में से एक प्रमुख देवी हैं, जिन्हें ज्ञान, पवित्रता, सहजता तथा आध्यात्मिक तेज की अधिष्ठात्री शक्ति कहा गया है। देवी बाला का स्वरूप बालिका के समान निर्मल एवं कोमल है, परन्तु उनकी शक्ति अपरिमित एवं सर्वोच्च मानी गयी है। श्रीविद्या साधना के अन्तर्गत आरम्भिक उपासना के रूप में देवी बाला की ही पूजा-अर्चना की जाती हैं।

श्रीविद्यार्णवतन्त्र के अन्तर्गत देवी बाला को देवी त्रिपुर सुन्दरी की बाल्यावस्था के रूप में वर्णित किया है। देवी बाला इच्छा, ज्ञान एवं क्रिया नामक तीन शक्तियों का समन्वय करती हैं। उनकी आराधना से साधक के अन्तर्मन स्थित निष्कपटता, सरलता एवं शुद्ध चेतना जाग्रत होती है।

जो मनुष्य बाला जयन्ती के दिन श्रद्धा एवं संयमपूर्वक देवी बाला की उपासना करता है, वह जीवन में न केवल सांसारिक समृद्धि प्राप्त करता है, अपितु उसे आत्मज्ञान एवं मोक्ष फल भी प्राप्त होता है।

Name
Name
Email
द्रिकपञ्चाङ्ग पर टिप्पणी दर्ज करने के लिये गूगल अकाउंट से लॉग इन करें।
टिप्पणी
और लोड करें ↓
Kalash
कॉपीराइट नोटिस
PanditJi Logo
सभी छवियाँ और डेटा - कॉपीराइट
Ⓒ www.drikpanchang.com
प्राइवेसी पॉलिसी
द्रिक पञ्चाङ्ग और पण्डितजी लोगो drikpanchang.com के पञ्जीकृत ट्रेडमार्क हैं।
Android Play StoreIOS App Store
Drikpanchang Donation