devotionally made & hosted in India
Search
Mic
Android Play StoreIOS App Store
Ads Subscription Disabled
हि
Setting
Clock
Ads Subscription Disabledविज्ञापन हटायें
X

मधुराष्टकम् - संस्कृत बोल एवं वीडियो गीत

DeepakDeepak

मधुराष्टकम्

मधुराष्टकम्, भगवान कृष्ण के सर्वाधिक लोकप्रिय अष्टकमों में से एक है। इस प्रसिद्ध अष्टकम् का पाठ कृष्ण जन्माष्टमी सहित भगवान कृष्ण से सम्बन्धित अधिकांश अवसरों पर किया जाता है। यह इतना लोकप्रिय है कि घरों एवं विभिन्न कृष्ण मन्दिरों में इसका नियमित रूप से पाठ किया जाता है।

X

॥ मधुराष्टकम् ॥

अधरं मधुरं वदनं मधुरंनयनं मधुरं हसितं मधुरम्।

हृदयं मधुरं गमनं मधुरंमधुराधिपतेरखिलं मधुरम्॥1॥

वचनं मधुरं चरितं मधुरंवसनं मधुरं वलितं मधुरम्।

चलितं मधुरं भ्रमितं मधुरंमधुराधिपतेरखिलं मधुरम्॥2॥

वेणुर्मधुरो रेणुर्मधुरःपाणिर्मधुरः पादौ मधुरौ।

नृत्यं मधुरं सख्यं मधुरंमधुराधिपतेरखिलं मधुरम्॥3॥

गीतं मधुरं पीतं मधुरंभुक्तं मधुरं सुप्तं मधुरम्।

रूपं मधुरं तिलकं मधुरंमधुराधिपतेरखिलं मधुरम्॥4॥

करणं मधुरं तरणं मधुरंहरणं मधुरं रमणं मधुरम्।

वमितं मधुरं शमितं मधुरंमधुराधिपतेरखिलं मधुरम्॥5॥

गुञ्जा मधुरा माला मधुरायमुना मधुरा वीची मधुरा।

सलिलं मधुरं कमलं मधुरंमधुराधिपतेरखिलं मधुरम्॥6॥

गोपी मधुरा लीला मधुरायुक्तं मधुरं मुक्तं मधुरम्।

दृष्टं मधुरं शिष्टं मधुरंमधुराधिपतेरखिलं मधुरम्॥7॥

गोपा मधुरा गावो मधुरायष्टिर्मधुरा सृष्टिर्मधुरा।

दलितं मधुरं फलितं मधुरंमधुराधिपतेरखिलं मधुरम्॥8॥

॥ इति श्रीमद्वल्लभाचार्यकृतं मधुराष्टकं सम्पूर्णम् ॥
Name
Name
Email
द्रिकपञ्चाङ्ग पर टिप्पणी दर्ज करने के लिये गूगल अकाउंट से लॉग इन करें।
टिप्पणी
और लोड करें ↓
Kalash
कॉपीराइट नोटिस
PanditJi Logo
सभी छवियाँ और डेटा - कॉपीराइट
Ⓒ www.drikpanchang.com
प्राइवेसी पॉलिसी
द्रिक पञ्चाङ्ग और पण्डितजी लोगो drikpanchang.com के पञ्जीकृत ट्रेडमार्क हैं।
Android Play StoreIOS App Store
Drikpanchang Donation