devotionally made & hosted in India
Search
Mic
Android Play StoreIOS App Store
Ads Subscription Disabled
हि
Setting
Clock
Ads Subscription Disabledविज्ञापन हटायें
X

देवी काली के 1000 नाम | देवी काली की सहस्रनामावली

DeepakDeepak

काली 1000 नाम

देवी काली की सहस्रनामावली

X
श्मशानकालिका
1
ॐ श्मशानकालिकायै नमः।
Om Shmashanakalikayai Namah।
जो श्मशान भूमि से अन्धकार को दूर करती हैं
काली
2
ॐ काल्यै नमः।
Om Kalyai Namah।
जो अन्धकार को दूर करती हैं
भद्रकाली
3
ॐ भद्रकाल्यै नमः।
Om Bhadrakalyai Namah।
जो शान्त स्वरूप में विद्यमान हैं
कपालिनी
4
ॐ कपालिन्यै नमः।
Om Kapalinyai Namah।
जो मुण्डमाल धारण करती हैं।
गुह्यकाली
5
ॐ गुह्यकाल्यै नमः।
Om Guhyakalyai Namah।
जो गुप्त रूप से अन्धकार नष्ट करती हैं
महाकाली
6
ॐ महाकाल्यै नमः।
Om Mahakalyai Namah।
जो महाकाल की महाशक्ति हैं
कुरुकुल्ला
7
ॐ कुरुकुल्लायै नमः।
Om Kurukullayai Namah।
जो मायावी सम्मोहन शक्तियों वाली देवी हैं
अविरोधिनी
8
ॐ अविरोधिन्यै नमः।
Om Avirodhinyai Namah।
जो निर्विरोध हैं अथवा सृष्टि में जिनका कोई विरोधी नहीं है
कालिका
9
ॐ कालिकायै नमः।
Om Kalikayai Namah।
जो श्याम वर्ण वाली हैं
कालरात्रि
10
ॐ कालरात्र्यै नमः।
Om Kalaratryai Namah।
जिनका वर्ण रात्रि के अन्धकार के समान है
महाकालनितम्बिनी
11
ॐ महाकालनितम्बिन्यै नमः।
Om Mahakalanitambinyai Namah।
महाकाल जिनके नितम्ब के रूप में विद्यमान हैं
कालभैरवभार्या
12
ॐ कालभैरवभार्यायै नमः।
Om Kalabhairavabharyayai Namah।
जो कालभैरव की अर्धाङ्गिनी हैं
कुलवर्त्मप्रकाशिनी
13
ॐ कुलवर्त्मप्रकाशिन्यै नमः।
Om Kulavartmaprakashinyai Namah।
जो कुलवंश को प्रकाशित करने वाली हैं
कामदा
14
ॐ कामदायै नमः।
Om Kamadayai Namah।
जो समस्त मनोकामनाओं की पूर्ति करती हैं
कामिनी
15
ॐ कामिन्यै नमः।
Om Kaminyai Namah।
जो आकर्षक एवं स्नेहमयी हैं
काम्या
16
ॐ काम्यायै नमः।
Om Kamyayai Namah।
जो परम उद्देश्य हैं
कमनीयसुभाविनी
17
ॐ कमनीयसुभाविन्यै नमः।
Om Kamaniyasubhavinyai Namah।
जो सुन्दर, सुखद एवं शुभ हैं
कस्तूरीरसनीलाङ्गी
18
ॐ कस्तूरीरसनीलाङ्ग्यै नमः।
Om Kasturirasanilangyai Namah।
जो कस्तूरी के समान श्याम वर्ण वाली हैं
कुञ्जरेश्वरगामिनी
19
ॐ कुञ्जरेश्वरगामिन्यै नमः।
Om Kunjareshvaragaminyai Namah।
जिनकी चाल एवं गति भगवान गणेश के समान है
ककारवर्णसर्वाङ्गी
20
ॐ ककारवर्णसर्वाङ्ग्यै नमः।
Om Kakaravarnasarvangyai Namah।
जो ककार वर्ण के रूप में विद्यमान हैं
कामिनी
21
ॐ कामिन्यै नमः।
Om Kaminyai Namah।
जो आकर्षक एवं स्नेहमयी हैं
कामसुन्दरी
22
ॐ कामसुन्दर्यै नमः।
Om Kamasundaryai Namah।
जो कामदेव के समान सुन्दर हैं
कामार्त्ता
23
ॐ कामार्तायै नमः।
Om Kamartayai Namah।
जिन्हें प्रेम एवं श्रद्धा द्वारा प्राप्त किया जा सकता है
कामरूपा
24
ॐ कामरूपायै नमः।
Om Kamarupayai Namah।
जो इच्छानुसार कोई भी रूप धारण कर सकती हैं
कामधेनु
25
ॐ कामधेनवे नमः।
Om Kamadhenave Namah।
जो कामधेनु के समान समस्त कामनाओं की पूर्ति करती हैं
कलावती
26
ॐ कलावत्यै नमः।
Om Kalavatyai Namah।
जो सभी कलाओं को जानने वाली हैं
कान्ता
27
ॐ कान्तायै नमः।
Om Kantayai Namah।
जो अत्यन्त रूपवती हैं
कामस्वरूपा
28
ॐ कामस्वरूपायै नमः।
Om Kamasvarupayai Namah।
जो कामदेव के समान रूपवती हैं
कामाख्या
29
ॐ कामाख्यायै नमः।
Om Kamakhyayai Namah।
जो इच्छाओं की पूर्ति करने वाली हैं
कुलपालिनी
30
ॐ कुलपालिन्यै नमः।
Om Kulapalinyai Namah।
जो कुल (वंश) की रक्षा करती हैं
कुलीना
31
ॐ कुलीनायै नमः।
Om Kulinayai Namah।
जो उत्तम कुल से हैं
कुलवती
32
ॐ कुलवत्यै नमः।
Om Kulavatyai Namah।
जो महान कुल में अवतरित हुयी हैं
अम्बा
33
ॐ अम्बायै नमः।
Om Ambayai Namah।
जो सम्पूर्ण सृष्टि की माता हैं
दुर्गा
34
ॐ दुर्गायै नमः।
Om Durgayai Namah।
जो दैत्यनाशक, विघ्ननाशक, रोगनाशक, पापनाशक तथा शत्रुनाशक हैं
दुर्गार्तिनाशिनी
35
ॐ दुर्गार्तिनाशिन्यै नमः।
Om Durgartinashinyai Namah।
जो समस्त प्रकार के संकटों को नष्ट करती हैं
कौमारी
36
ॐ कौमार्यै नमः।
Om Kaumaryai Namah।
जो परम पवित्र एवं चिर यौवना हैं
कुलजा
37
ॐ कुलजायै नमः।
Om Kulajayai Namah।
जो श्रेष्ठ कुल से हैं
कृष्णाकृष्णदेहा
38
ॐ कृष्णाकृष्णदेहायै नमः।
Om Krishnakrishnadehayai Namah।
जो भगवान श्री कृष्ण के समान श्याम वर्ण की हैं
कृशोदरी
39
ॐ कृशोदर्यै नमः।
Om Krishodaryai Namah।
जिनकी कमर अत्यन्त पतली है
कृशाङ्गी
40
ॐ कृशाङ्ग्यै नमः।
Om Krishangyai Namah।
जिनके शरीर की आकृति पतली है
कुलिशाङ्गी
41
ॐ कुलिशाङ्ग्यै नमः।
Om Kulishangyai Namah।
जिनका शरीर इन्द्र के वज्र की भाँति कठोर है
क्रीङ्कारी
42
ॐ क्रीङ्कार्यै नमः।
Om Krinkaryai Namah।
जो 'क्रीं' बीज की ध्वनि के रूप में विद्यमान हैं
कमला
43
ॐ कमलायै नमः।
Om Kamalayai Namah।
जो कमला महाविद्या के रूप में स्थित हैं
कला
44
ॐ कलायै नमः।
Om Kalayai Namah।
जो कला-कौशल के रूप में स्थित हैं
करालास्या
45
ॐ करालास्यायै नमः।
Om Karalasyayai Namah।
जो अत्यन्त उग्र हैं
कराली
46
ॐ कराल्यै नमः।
Om Karalyai Namah।
जो भयंकर रूप वाली हैं
कुलकान्ता
47
ॐ कुलकान्तायै नमः।
Om Kulakantayai Namah।
जो अपने कुल में प्रिय हैं
अपराजिता
48
ॐ अपराजितायै नमः।
Om Aparajitayai Namah।
जो अजेय हैं अथवा जिन्हें कोई पराजित नहीं कर सकता
उग्रा
49
ॐ उग्रायै नमः।
Om Ugrayai Namah।
जो उग्र प्रकृति वाली हैं
उग्रप्रभा
50
ॐ उग्रप्रभायै नमः।
Om Ugraprabhayai Namah।
जिनकी आभा अत्यधिक प्रबल है
दीप्ता
51
ॐ दीप्तायै नमः।
Om Diptayai Namah।
जो अग्नि के समान देदीप्यमान हैं
विप्रचित्ता
52
ॐ विप्रचित्तायै नमः।
Om Viprachittayai Namah।
जो चतुर एवं विवेकी हैं
महाबला
53
ॐ महाबलायै नमः।
Om Mahabalayai Namah।
जो बहुत शक्तिशाली एवं पराक्रमी हैं
नीला
54
ॐ नीलायै नमः।
Om Nilayai Namah।
जो नीलवर्ण वाली हैं
घना
55
ॐ घनायै नमः।
Om Ghanayai Namah।
जो दृढ़ एवं शक्तिशाली हैं
बलाका
56
ॐ बलाकायै नमः।
Om Balakayai Namah।
जो चिर-यौवना हैं
मात्रामुद्रापिता
57
ॐ मात्रामुद्रापितायै नमः।
Om Matramudrapitayai Namah।
जो पदार्थ एवं मूल्य के परे हैं
असिता
58
ॐ असितायै नमः।
Om Asitayai Namah।
जो श्याम अथवा अश्वेत वर्ण की हैं
ब्राह्मी
59
ॐ ब्राह्म्यै नमः।
Om Brahmyai Namah।
जो भगवान ब्रह्मा की शक्ति हैं
नारायणी
60
ॐ नारायण्यै नमः।
Om Narayanyai Namah।
जो भगवान विष्णु की शक्ति हैं
भद्रा
61
ॐ भद्रायै नमः।
Om Bhadrayai Namah।
जो महान एवं दयालु हैं
सुभद्रा
62
ॐ सुभद्रायै नमः।
Om Subhadrayai Namah।
जो अत्यन्त शुभ एवं भाग्यशालिनी हैं
भक्तवत्सला
63
ॐ भक्तवत्सलायै नमः।
Om Bhaktavatsalayai Namah।
जो भक्तों पर स्‍नेह एवं करुणा बरसाने वाली हैं
माहेश्वरी
64
ॐ माहेश्वर्यै नमः।
Om Maheshvaryai Namah।
जो महेश्वर (शिव जी) की धर्मपत्नी हैं
चामुण्डा
65
ॐ चामुण्डायै नमः।
Om Chamundayai Namah।
जो चण्ड-मुण्ड का संहार करने वाली देवी हैं
वाराही
66
ॐ वाराह्यै नमः।
Om Varahyai Namah।
जो वराह भगवान की शक्ति हैं
नारसिंहिका
67
ॐ नारसिंहिकायै नमः।
Om Narasimhikayai Namah।
जो नृसिंह भगवान की शक्ति हैं
वज्राङ्गी
68
ॐ वज्राङ्ग्यै नमः।
Om Vajrangyai Namah।
जो वज्र के समान कठोर हैं
वज्रकङ्काली
69
ॐ वज्रकङ्काल्यै नमः।
Om Vajrakankalyai Namah।
जिनकी अस्थियाँ वज्र के समान कठोर हैं
नृमुण्डस्रग्विणी
70
ॐ नृमुण्डस्रग्विण्यै नमः।
Om Nrimundasragvinyai Namah।
जो नरमुण्ड माला से सुशोभित हैं
शिवा
71
ॐ शिवायै नमः।
Om Shivayai Namah।
जो भगवान शिव की शक्ति हैं
मालिनी
72
ॐ मालिन्यै नमः।
Om Malinyai Namah।
जो विभिन्न प्रकार की मालायें धारण करती हैं
नरमुण्डाली
73
ॐ नरमुण्डाल्यै नमः।
Om Naramundalyai Namah।
जो नरमुण्ड की मालायें धारण करती हैं
गलद्रक्तविभूषणा
74
ॐ गलद्रक्तविभूषणायै नमः।
Om Galadraktavibhushanayai Namah।
जिनके कण्ठ से रक्त की धार प्रवाहित होती है
रक्तचन्दनसिक्ताङ्गी
75
ॐ रक्तचन्दनसिक्ताङ्ग्यै नमः।
Om Raktachandanasiktangyai Namah।
जिनके सम्पूर्ण शरीर पर रक्त चन्दन सुशोभित है
सिन्दूरारुणमस्तका
76
ॐ सिन्दूरारुणमस्तकायै नमः।
Om Sindurarunamastakayai Namah।
जिनके मस्तक पर सिन्दूर सुशोभित है
घोररूपा
77
ॐ घोररूपायै नमः।
Om Ghorarupayai Namah।
जिनका रूप अत्यन्त विकराल है
घोरदंष्ट्रा
78
ॐ घोरदंष्ट्रायै नमः।
Om Ghoradamshtrayai Namah।
जो अत्यन्त भयावह दातों वाली हैं
घोराघोरतरा
79
ॐ घोराघोरतरायै नमः।
Om Ghoraghoratarayai Namah।
जो भयंकर से भी अति भयंकर हैं
शुभा
80
ॐ शुभायै नमः।
Om Shubhayai Namah।
जो अत्यन्त शुभ हैं
महादंष्ट्रा
81
ॐ महादंष्ट्रायै नमः।
Om Mahadamshtrayai Namah।
जिनके दाँत अत्यन्त तीक्ष्ण एवं विशाल हैं
महामाया
82
ॐ महामायायै नमः।
Om Mahamayayai Namah।
जो महामाया के रूप में विद्यमान हैं
सुदती
83
ॐ सुदत्यै नमः।
Om Sudatyai Namah।
जो सुन्दर दाँतों वाली हैं
युगदन्तुरा
84
ॐ युगदन्तुरायै नमः।
Om Yugadanturayai Namah।
जिनके दाँत टेढ़े-मेढ़े एवं उभरे हुये हैं
सुलोचना
85
ॐ सुलोचनायै नमः।
Om Sulochanayai Namah।
जो सुन्दर नेत्रों वाली हैं
विरूपाक्षी
86
ॐ विरूपाक्ष्यै नमः।
Om Virupakshyai Namah।
सूर्य, चन्द्र एवं अग्नि जिनके तीन नेत्रों के रूप में विद्यमान हैं
विशालाक्षी
87
ॐ विशालाक्ष्यै नमः।
Om Vishalakshyai Namah।
जिनके नेत्र अत्यन्त विशाल हैं
त्रिलोचना
88
ॐ त्रिलोचनायै नमः।
Om Trilochanayai Namah।
जो तीन नेत्रों वाली हैं
शारदेन्दुप्रसन्नास्या
89
ॐ शारदेन्दुप्रसन्नास्यायै नमः।
Om Sharadenduprasannasyayai Namah।
जो शरद पूर्णिमा के चन्द्रमा की भाँति प्रसन्न हैं
स्फुरत्स्मेराम्बुजेक्षणा
90
ॐ स्फुरत्स्मेराम्बुजेक्षणायै नमः।
Om Sphuratsmerambujekshanayai Namah।
जिनके नेत्र कमल पुष्प के समान प्रफुल्लित हैं
अट्टहासा
91
ॐ अट्टहासायै नमः।
Om Attahasayai Namah।
जो भगवान शिव (अट्टहास) की अर्धाङ्गिनी हैं
प्रसन्नास्या
92
ॐ प्रसन्नास्यायै नमः।
Om Prasannasyayai Namah।
जो प्रसन्न एवं आनन्दित हैं
स्मेरवक्त्रा
93
ॐ स्मेरवक्त्रायै नमः।
Om Smeravaktrayai Namah।
जिनके मुख पर मन्दहास है
सुभाषिणी
94
ॐ सुभाषिण्यै नमः।
Om Subhashinyai Namah।
जो मधुरता एवं कोमलता से बोलती हैं
प्रसन्नपद्मवदना
95
ॐ प्रसन्नपद्मवदनायै नमः।
Om Prasannapadmavadanayai Namah।
जिनका मुखमण्डल खिले हुये कमल पुष्प के समान है
स्मितास्या
96
ॐ स्मितास्यायै नमः।
Om Smitasyayai Namah।
जो मुस्कुराती रहती हैं
प्रियभाषिणी
97
ॐ प्रियभाषिण्यै नमः।
Om Priyabhashinyai Namah।
जो प्रेम से संवाद करती हैं
कोटराक्षी
98
ॐ कोटराक्ष्यै नमः।
Om Kotarakshyai Namah।
जो गहरे व कठोर नेत्र वाली हैं
कुलश्रेष्ठा
99
ॐ कुलश्रेष्ठायै नमः।
Om Kulashreshthayai Namah।
जो अपने कुल में सर्वश्रेष्ठ हैं
महती
100
ॐ महत्यै नमः।
Om Mahatyai Namah।
जो सर्वोच्च एवं महान हैं
बहुभाषिणी
101
ॐ बहुभाषिण्यै नमः।
Om Bahubhashinyai Namah।
जिन्हें बहुत सी भाषाओं का ज्ञान है
सुमति
102
ॐ सुमत्यै नमः।
Om Sumatyai Namah।
जो अत्यन्त बुद्धिशाली एवं विवेकी हैं
कुमति
103
ॐ कुमत्यै नमः।
Om Kumatyai Namah।
जो कुमति स्वरूपा हैं
चण्डा
104
ॐ चण्डायै नमः।
Om Chandayai Namah।
जो चण्ड (भगवान शिव) की धर्मपत्नी हैं
चण्डमुण्डा
105
ॐ चण्डमुण्डायै नमः।
Om Chandamundayai Namah।
जो चण्ड-मुण्ड नामक राक्षसों का अन्त करने वाली देवी हैं
अतिवेगिनी
106
ॐ अतिवेगिन्यै नमः।
Om Ativeginyai Namah।
जिनकी गति अत्यधिक तीव्र है
प्रचण्डा
107
ॐ प्रचण्डायै नमः।
Om Prachandayai Namah।
जो अत्यन्त भीषण हैं
चण्डिका
108
ॐ चण्डिकायै नमः।
Om Chandikayai Namah।
जो अति आक्रामक स्वभाव वाली हैं
चण्डी
109
ॐ चण्ड्यै नमः।
Om Chandyai Namah।
जो क्रोधी प्रकृति की हैं
चर्चिका
110
ॐ चर्चिकायै नमः।
Om Charchikayai Namah।
जिनका वेदों में पुनः-पुनः वर्णन प्राप्त होता है
चण्डवेगिनी
111
ॐ चण्डवेगिन्यै नमः।
Om Chandaveginyai Namah।
जो अत्यन्त तीव्र गति एवं चाल वाली हैं
सुकेशी
112
ॐ सुकेश्यै नमः।
Om Sukeshyai Namah।
जिनके केश (बाल) अति सुन्दर हैं
मुक्तकेशी
113
ॐ मुक्तकेश्यै नमः।
Om Muktakeshyai Namah।
जिनके केश खुले हुये हैं
दीर्घकेशी
114
ॐ दीर्घकेश्यै नमः।
Om Dirghakeshyai Namah।
जिनके केश अत्यधिक लम्बे हैं
महत्कचा
115
ॐ महत्कचायै नमः।
Om Mahatkachayai Namah।
जिनके केश अत्यन्त घने हैं
प्रेतदेहाकर्णपूरा
116
ॐ प्रेतदेहाकर्णपूरायै नमः।
Om Pretadehakarnapurayai Namah।
जो प्रेतों को कर्ण कुण्डल के रूप में धारण करती हैं
प्रेतपाणीसुमेखला
117
ॐ प्रेतपाणीसुमेखलायै नमः।
Om Pretapanisumekhalayai Namah।
जो प्रेतों की मेखला (कटिसूत्र) के रूप में धारण करती हैं
प्रेतासना
118
ॐ प्रेतासनायै नमः।
Om Pretasanayai Namah।
जो प्रेतों के आसन पर विराजमान हैं
प्रियप्रेता
119
ॐ प्रियप्रेतायै नमः।
Om Priyapretayai Namah।
जो प्रेतों को प्रिय हैं
प्रेतभूमिकृतालया
120
ॐ प्रेतभूमिकृतालयायै नमः।
Om Pretabhumikritalayayai Namah।
जो प्रेतभूमि में निवास करती हैं
श्मशानवासिनी
121
ॐ श्मशानवासिन्यै नमः।
Om Shmashanavasinyai Namah।
जो श्मशान में निवास करती हैं
पुण्या
122
ॐ पुण्यायै नमः।
Om Punyayai Namah।
जो स्वयं पुण्य स्वरूपा हैं अथवा जो परम पवित्र एवं शुद्ध हैं
पुण्यदा
123
ॐ पुण्यदायै नमः।
Om Punyadayai Namah।
जो पुण्य प्रदान करने वाली हैं
कुलपण्डिता
124
ॐ कुलपण्डितायै नमः।
Om Kulapanditayai Namah।
जो विदुषी हैं
पुण्यालया
125
ॐ पुण्यालयायै नमः।
Om Punyalayayai Namah।
जो समस्त प्रकार के पुण्यों का आश्रय हैं
पुण्यदेहा
126
ॐ पुण्यदेहायै नमः।
Om Punyadehayai Namah।
जो सभी के लिये पूजनीय हैं
पुण्यश्लोकी
127
ॐ पुण्यश्लोक्यै नमः।
Om Punyashlokyai Namah।
विभिन्न श्लोकों में जिनकी महिमा वर्णित है
पावनी
128
ॐ पावन्यै नमः।
Om Pavanyai Namah।
जो विशुद्ध हैं
पुत्रा
129
ॐ पुत्रायै नमः।
Om Putrayai Namah।
जो पुत्रों की माता हैं
पवित्रा
130
ॐ पवित्रायै नमः।
Om Pavitrayai Namah।
जो परम पवित्र हैं
परमा
131
ॐ परमायै नमः।
Om Paramayai Namah।
जो सर्वोच्च हैं
पुरा
132
ॐ पुरायै नमः।
Om Purayai Namah।
जो सृष्टि के आदि से उपस्थित हैं
पुण्यविभूषणा
133
ॐ पुण्यविभूषणायै नमः।
Om Punyavibhushanayai Namah।
समस्त पुण्य जिनके आभूषण के रूप में स्थित हैं
पुण्यनाम्नी
134
ॐ पुण्यनाम्न्यै नमः।
Om Punyanamnyai Namah।
जिनका नाम अत्यन्त पवित्र है
भीतिहरा
135
ॐ भीतिहरायै नमः।
Om Bhitiharayai Namah।
जो भय को हरने वाली हैं
वरदा
136
ॐ वरदायै नमः।
Om Varadayai Namah।
जो वर प्रदान करने वाली हैं
खड्गपाणिनी
137
ॐ खड्गपाणिन्यै नमः।
Om Khadgapaninyai Namah।
जो खड्ग धारण करने वाली हैं
नृमुण्डहस्तशस्ता
138
ॐ नृमुण्डहस्तशस्तायै नमः।
Om Nrimundahastashastayai Namah।
जो हाथ में नरमुण्ड लिये हुये हैं
छिन्नमस्ता
139
ॐ छिन्नमस्तायै नमः।
Om Chhinnamastayai Namah।
जो देवी का मस्तक रहित स्वरूप है
सुनासिका
140
ॐ सुनासिकायै नमः।
Om Sunasikayai Namah।
जिनकी नाक अत्यन्त सुन्दर है
दक्षिणा
141
ॐ दक्षिणायै नमः।
Om Dakshinayai Namah।
जो दक्षिण दिशा की ओर देख रही हैं
श्यामला
142
ॐ श्यामलायै नमः।
Om Shyamalayai Namah।
जो साँवले रंग की हैं
श्यामा
143
ॐ श्यामायै नमः।
Om Shyamayai Namah।
जो नीलवर्ण वाली हैं
शान्ता
144
ॐ शान्तायै नमः।
Om Shantayai Namah।
जो शान्ति स्वरूपा हैं
पीनोन्नतस्तनी
145
ॐ पीनोन्नतस्तन्यै नमः।
Om Pinonnatastanyai Namah।
जो विशाल एवं उभरे स्तन वाली हैं
दिगम्बरा
146
ॐ दिगम्बरायै नमः।
Om Digambarayai Namah।
जो ब्रह्माण्ड को वस्त्र के रूप में धारण करती हैं
घोररावा
147
ॐ घोररावायै नमः।
Om Ghoraravayai Namah।
जो अत्यन्त भीषण गर्जना करती हैं
सृक्कान्ता
148
ॐ सृक्कान्तायै नमः।
Om Srikkantayai Namah।
जिनकी आभा कमल पुष्प के समान है
रक्तवाहिनी
149
ॐ रक्तवाहिन्यै नमः।
Om Raktavahinyai Namah।
जो रक्तरञ्जित स्वरूप वाली हैं
घोररावा
150
ॐ घोररावायै नमः।
Om Ghoraravayai Namah।
जो अत्यन्त भीषण गर्जना करती हैं
शिवा
151
ॐ शिवायै नमः।
Om Shivayai Namah।
जो भगवान शिव की अर्धाङ्गिनी हैं
खड्गा
152
ॐ खड्गायै नमः।
Om Khadgayai Namah।
जो स्वयं खड्ग स्वरूपा हैं
विशङ्का
153
ॐ विशङ्कायै नमः।
Om Vishankayai Namah।
जिन्हें किसी भी प्रकार का भय नहीं है
मदनातुरा
154
ॐ मदनातुरायै नमः।
Om Madanaturayai Namah।
जो मदिरापान हेतु आतुर हैं
मत्ता
155
ॐ मत्तायै नमः।
Om Mattayai Namah।
जो परम उत्साहित एवं आनन्दित हैं
प्रमत्ता
156
ॐ प्रमत्तायै नमः।
Om Pramattayai Namah।
जो विचारशून्य हैं
प्रमदा
157
ॐ प्रमदायै नमः।
Om Pramadayai Namah।
जो चिर यौवना हैं
सुधासिन्धुनिवासिनी
158
ॐ सुधासिन्धुनिवासिन्यै नमः।
Om Sudhasindhunivasinyai Namah।
जो अमृत सागर में निवास करती हैं
अतिमत्ता
159
ॐ अतिमत्तायै नमः।
Om Atimattayai Namah।
जो सम्माननीय हैं
महामत्ता
160
ॐ महामत्तायै नमः।
Om Mahamattayai Namah।
जो उन्मुक्त हैं
सर्वाकर्षणकारिणी
161
ॐ सर्वाकर्षणकारिण्यै नमः।
Om Sarvakarshanakarinyai Namah।
जो सभी को आकर्षित करने वाली हैं
गीतप्रिया
162
ॐ गीतप्रियायै नमः।
Om Gitapriyayai Namah।
जिन्हें गीत प्रिय हैं
वाद्यरता
163
ॐ वाद्यरतायै नमः।
Om Vadyaratayai Namah।
जिन्हें वाद्ययन्त्र प्रिय हैं
प्रेतनृत्यपरायणा
164
ॐ प्रेतनृत्यपरायणायै नमः।
Om Pretanrityaparayanayai Namah।
जिन्हें प्रेतनृत्य प्रिय है
चतुर्भुजा
165
ॐ चतुर्भुजायै नमः।
Om Chaturbhujayai Namah।
जो चार भुजाओं वाली हैं
दशभुजा
166
ॐ दशभुजायै नमः।
Om Dashabhujayai Namah।
जो दस भुजाओं वाली हैं
अष्टादशभुजा
167
ॐ अष्टादशभुजायै नमः।
Om Ashtadashabhujayai Namah।
जो अठारह भुजाओं वाली हैं
कात्यायनी
168
ॐ कात्यायन्यै नमः।
Om Katyayanyai Namah।
जो महर्षि कात्यायन की पुत्री हैं
जगन्माता
169
ॐ जगन्मात्रे नमः।
Om Jaganmatre Namah।
जो सम्पूर्ण सृष्टि को जन्म देने वाली माता हैं
जगती
170
ॐ जगत्यै नमः।
Om Jagatyai Namah।
जो सम्पूर्ण सृष्टि की स्वामिनी हैं
परमेश्वरी
171
ॐ परमेश्वर्यै नमः।
Om Parameshvaryai Namah।
जो समस्त देवी-देवताओं में श्रेष्ठ हैं
जगद्बन्धु
172
ॐ जगद्बन्धवे नमः।
Om Jagadbandhave Namah।
जो सृष्टि की रक्षा करने वाली हैं
जगद्धात्री
173
ॐ जगद्धात्र्यै नमः।
Om Jagaddhatryai Namah।
जो सम्पूर्ण जगत की अधिष्ठात्री देवी हैं
जगदानन्दकारिणी
174
ॐ जगदानन्दकारिण्यै नमः।
Om Jagadanandakarinyai Namah।
जो सम्पूर्ण सृष्टि के आनन्द का कारण हैं
जगन्मयी
175
ॐ जगन्मय्यै नमः।
Om Jaganmayyai Namah।
जिनमें समस्त ब्रह्माण्ड समाहित है
हैमवती
176
ॐ हैमवत्यै नमः।
Om Haimavatyai Namah।
जो स्वर्ण के समान आभा वाली हैं
महामाया
177
ॐ महामायायै नमः।
Om Mahamayayai Namah।
जो स्वयं महामाया के रूप में स्थित हैं
महामहा
178
ॐ महामहायै नमः।
Om Mahamahayai Namah।
जो अत्यधिक शक्तिशाली हैं
नागयज्ञोपवीताङ्गी
179
ॐ नागयज्ञोपवीताङ्ग्यै नमः।
Om Nagayajnopavitangyai Namah।
जो सर्पों को पवित्र सूत्र के रूप में धारण करती हैं
नागिनी
180
ॐ नागिन्यै नमः।
Om Naginyai Namah।
जो नागों की स्वामिनी हैं
नागशायिनी
181
ॐ नागशायिन्यै नमः।
Om Nagashayinyai Namah।
जो नागों पर शयन करती हैं
नागकन्या
182
ॐ नागकन्यायै नमः।
Om Nagakanyayai Namah।
जो नाग की पुत्री हैं
देवकन्या
183
ॐ देवकन्यायै नमः।
Om Devakanyayai Namah।
जो देव की पुत्री हैं
गन्धर्वी
184
ॐ गन्धर्व्यै नमः।
Om Gandharvyai Namah।
जो गन्धर्व विद्या (गीत-संगीत) में पारंगत हैं
किन्नरेश्वरी
185
ॐ किन्नरेश्वर्यै नमः।
Om Kinnareshvaryai Namah।
जो किन्नरों की देवी हैं
मोहरात्रि
186
ॐ मोहरात्र्यै नमः।
Om Moharatryai Namah।
जो मोहरात्रि स्वरूपा हैं (वह प्रलय जो ब्रह्मा के पचास वर्ष बीतने पर होता है)
महारात्रि
187
ॐ महारात्र्यै नमः।
Om Maharatryai Namah।
जो महारात्री स्वरूपा हैं
दारुणा
188
ॐ दारुणायै नमः।
Om Darunayai Namah।
जो अत्यन्त कठोर हैं
भासुराम्बरा
189
ॐ भासुराम्बरायै नमः।
Om Bhasurambarayai Namah।
जो भयावह वस्त्र धारण करती हैं
विद्याधरी
190
ॐ विद्याधर्यै नमः।
Om Vidyadharyai Namah।
जो सभी विद्याओं में पारंगत हैं
वसुमती
191
ॐ वसुमत्यै नमः।
Om Vasumatyai Namah।
जो पृथ्वी के रूप में स्थित हैं
यक्षिणी
192
ॐ यक्षिण्यै नमः।
Om Yakshinyai Namah।
जो स्वयं यक्षिणी स्वरूपा हैं
योगिनी
193
ॐ योगिन्यै नमः।
Om Yoginyai Namah।
जो योग साधना करने वाली हैं
जरा
194
ॐ जरायै नमः।
Om Jarayai Namah।
जो जीर्णता के रूप में स्थित हैं
राक्षसी
195
ॐ राक्षस्यै नमः।
Om Rakshasyai Namah।
जो राक्षसी स्वरूपा हैं
डाकिनी
196
ॐ डाकिन्यै नमः।
Om Dakinyai Namah।
जो डाकिनी स्वरूपा हैं
वेदमयी
197
ॐ वेदमय्यै नमः।
Om Vedamayyai Namah।
समस्त वेद जिनमें समाहित हैं
वेदविभूषणा
198
ॐ वेदविभूषणायै नमः।
Om Vedavibhushanayai Namah।
जो वेदों से अलंकृत हैं
श्रुति
199
ॐ श्रुत्यै नमः।
Om Shrutyai Namah।
जो स्वयं वेद स्वरूपा हैं
स्मृति
200
ॐ स्मृत्यै नमः।
Om Smrityai Namah।
जो स्मृति के रूप में स्थित हैं
महाविद्या
201
ॐ महाविद्यायै नमः।
Om Mahavidyayai Namah।
जो दस महाविद्याओं में से एक हैं
गुह्यविद्या
202
ॐ गुह्यविद्यायै नमः।
Om Guhyavidyayai Namah।
जो रहस्यमय मन्त्रों का गुप्त ज्ञान हैं
पुरातनी
203
ॐ पुरातन्यै नमः।
Om Puratanyai Namah।
जो आदिकाल से उपस्थित हैं
चिन्त्या
204
ॐ चिन्त्यायै नमः।
Om Chintyayai Namah।
जो ध्यान करने योग्य हैं
अचिन्त्या
205
ॐ अचिन्त्यायै नमः।
Om Achintyayai Namah।
जो ध्यान से परे हैं
सुधा
206
ॐ सुधायै नमः।
Om Sudhayai Namah।
जो अमृत स्वरूपा हैं
स्वाहा
207
ॐ स्वाहायै नमः।
Om Svahayai Namah।
जो स्वधा स्वरूपा हैं
निद्रा
208
ॐ निद्रायै नमः।
Om Nidrayai Namah।
जो निद्रा स्वरूपा हैं
तन्द्रा
209
ॐ तन्द्रायै नमः।
Om Tandrayai Namah।
जो तन्द्रा (आलस्य) स्वरूपा हैं
पार्वती
210
ॐ पार्वत्यै नमः।
Om Parvatyai Namah।
जो देवी पार्वती के रूप में स्थित हैं
अपर्णा
211
ॐ अपर्णायै नमः।
Om Aparnayai Namah।
जो व्रत के समय पत्ते तक ग्रहण नहीं करती हैं
निश्चला
212
ॐ निश्चलायै नमः।
Om Nishchalayai Namah।
जो अडिग एवं अटल हैं
लोला
213
ॐ लोलायै नमः।
Om Lolayai Namah।
जो निरन्तर गतिशील हैं
सर्वविद्या
214
ॐ सर्वविद्यायै नमः।
Om Sarvavidyayai Namah।
जो सर्वज्ञता को प्राप्त हैं
तपस्विनी
215
ॐ तपस्विन्यै नमः।
Om Tapasvinyai Namah।
जो निरन्तर तपस्या में लीन रहती हैं
गङ्गा
216
ॐ गङ्गायै नमः।
Om Gangayai Namah।
जो गङ्गा स्वरूपा हैं
काशी
217
ॐ काश्यै नमः।
Om Kashyai Namah।
जो स्वयं काशी के रूप में स्थित हैं
शची
218
ॐ शच्यै नमः।
Om Shachyai Namah।
जो वाणी की शक्ति हैं
सीता
219
ॐ सीतायै नमः।
Om Sitayai Namah।
जो देवी सीता स्वरूपा हैं
सती
220
ॐ सत्यै नमः।
Om Satyai Namah।
जो एक गुणी एवं पतिव्रता पत्नी हैं
सत्यपरायणा
221
ॐ सत्यपरायणायै नमः।
Om Satyaparayanayai Namah।
जिन्हें सत्य प्रिय है
नीति
222
ॐ नीत्यै नमः।
Om Nityai Namah।
जो नैतिकता का मूर्त स्वरूप हैं
सुनीति
223
ॐ सुनीत्यै नमः।
Om Sunityai Namah।
जो अत्यन्त शिष्ट हैं
सुरुचि
224
ॐ सुरुच्यै नमः।
Om Suruchyai Namah।
जो परमानन्द स्वरूपा हैं
तुष्टि
225
ॐ तुष्ट्यै नमः।
Om Tushtyai Namah।
जो नौ प्रकार की तुष्टियों की स्वामिनी हैं
पुष्टि
226
ॐ पुष्ट्यै नमः।
Om Pushtyai Namah।
जो पोषण का मूर्त स्वरूप हैं
धृति
227
ॐ धृत्यै नमः।
Om Dhrityai Namah।
जो साहसी हैं
क्षमा
228
ॐ क्षमायै नमः।
Om Kshamayai Namah।
जो क्षमा स्वरूपा हैं
वाणी
229
ॐ वाण्यै नमः।
Om Vanyai Namah।
जो वाणी के रूप में स्थित हैं
बुद्धि
230
ॐ बुद्ध्यै नमः।
Om Buddhyai Namah।
जो बुद्धि स्वरूपा हैं
महालक्ष्मी
231
ॐ महालक्ष्म्यै नमः।
Om Mahalakshmyai Namah।
जो स्वयं महालक्ष्मी स्वरूपा हैं
लक्ष्मी
232
ॐ लक्ष्म्यै नमः।
Om Lakshmyai Namah।
जो धन-सम्पदा के रूप में स्थित हैं
नीलसरस्वती
233
ॐ नीलसरस्वत्यै नमः।
Om Nilasarasvatyai Namah।
जो देवी नील सरस्वती का स्वरूप हैं
स्रोतस्वती
234
ॐ स्रोतस्वत्यै नमः।
Om Srotasvatyai Namah।
जो नदी के रूप में विद्यमान हैं
सरस्वती
235
ॐ सरस्वत्यै नमः।
Om Sarasvatyai Namah।
जो देवी सरस्वती का स्वरूप हैं
मातङ्गी
236
ॐ मातङ्ग्यै नमः।
Om Matangyai Namah।
जो मातङ्ग (भगवान शिव) की अर्धाङ्गिनी हैं
विजया
237
ॐ विजयायै नमः।
Om Vijayayai Namah।
जो सदैव विजयी होती हैं
जया
238
ॐ जयायै नमः।
Om Jayayai Namah।
जो विजय की देवी हैं
नदी
239
ॐ नद्यै नमः।
Om Nadyai Namah।
जो नदी स्वरूपा हैं
सिन्धु
240
ॐ सिन्धवे नमः।
Om Sindhave Namah।
जो सिन्धु (समुद्र) के रूप में स्थित हैं
सर्वमयी
241
ॐ सर्वमय्यै नमः।
Om Sarvamayyai Namah।
जो सृष्टि में सर्वत्र व्याप्त हैं
तारा
242
ॐ तारायै नमः।
Om Tarayai Namah।
जो संसार सागर से तारने वाली हैं
शून्यनिवासिनी
243
ॐ शून्यनिवासिन्यै नमः।
Om Shunyanivasinyai Namah।
जो अनस्तित्व में निवास करती हैं
शुद्धा
244
ॐ शुद्धायै नमः।
Om Shuddhayai Namah।
जो परम पवित्र हैं
तरङ्गिणी
245
ॐ तरङ्गिण्यै नमः।
Om Taranginyai Namah।
जो नदी के समान तरंगमयी हैं
मेधा
246
ॐ मेधायै नमः।
Om Medhayai Namah।
जो मानसिक शक्ति के रूप में स्थित हैं
लाकिनी
247
ॐ लाकिन्यै नमः।
Om Lakinyai Namah।
जो लाकिनी देवी के रूप में स्थित हैं
बहुरूपिणी
248
ॐ बहुरूपिण्यै नमः।
Om Bahurupinyai Namah।
जिनके अनेकों रूप हैं
स्थूला
249
ॐ स्थूलायै नमः।
Om Sthulayai Namah।
जो मूर्त स्वरूप में स्थित हैं
सूक्ष्मा
250
ॐ सूक्ष्मायै नमः।
Om Sukshmayai Namah।
जो सूक्ष्म रूप में विद्यमान हैं
सूक्ष्मतरा
251
ॐ सूक्ष्मतरायै नमः।
Om Sukshmatarayai Namah।
जो सूक्ष्म से भी अतिसूक्ष्म हैं
भगवती
252
ॐ भगवत्यै नमः।
Om Bhagavatyai Namah।
जो समस्त संसार की स्वामिनी हैं
अनुरूपिणी
253
ॐ अनुरूपिण्यै नमः।
Om Anurupinyai Namah।
जो सृष्टि के अनुरूप हैं
परमाणुस्वरूपा
254
ॐ परमाणुस्वरूपायै नमः।
Om Paramanusvarupayai Namah।
जो परमाणु स्वरूपा हैं
चिदानन्दस्वरूपिणी
255
ॐ चिदानन्दस्वरूपिण्यै नमः।
Om Chidanandasvarupinyai Namah।
जो स्वयं आनन्द स्वरूपा हैं
सदानन्दमयी
256
ॐ सदानन्दमय्यै नमः।
Om Sadanandamayyai Namah।
जो सदैव आनन्दमग्न रहती हैं
सत्या
257
ॐ सत्यायै नमः।
Om Satyayai Namah।
जो सत्य स्वरूपा हैं
सर्वानन्दस्वरूपिणी
258
ॐ सर्वानन्दस्वरूपिण्यै नमः।
Om Sarvanandasvarupinyai Namah।
जो समस्त प्रकार के आनन्द का मूर्त रूप हैं
सुनन्दा
259
ॐ सुनन्दायै नमः।
Om Sunandayai Namah।
जो आनन्द प्रदान करने वाली हैं
नन्दिनी
260
ॐ नन्दिन्यै नमः।
Om Nandinyai Namah।
जो प्रसन्न हैं
स्तुत्या
261
ॐ स्तुत्यायै नमः।
Om Stutyayai Namah।
जो स्तुति करने योग्य हैं
स्तवनीयस्वभाविनी
262
ॐ स्तवनीयस्वभाविन्यै नमः।
Om Stavaniyasvabhavinyai Namah।
जिनका स्वभाव प्रशंसनीय है
रङ्गिणी
263
ॐ रङ्गिण्यै नमः।
Om Ranginyai Namah।
जो युद्धभूमि की देवी हैं
टङ्किनी
264
ॐ टङ्किन्यै नमः।
Om Tankinyai Namah।
जो टङ्कार के रूप में स्थित हैं
चित्रा
265
ॐ चित्रायै नमः।
Om Chitrayai Namah।
जो विविध कलाओं के रूप में स्थित हैं
विचित्रा
266
ॐ विचित्रायै नमः।
Om Vichitrayai Namah।
जो अत्यन्त भव्य हैं
चित्ररूपिणी
267
ॐ चित्ररूपिण्यै नमः।
Om Chitrarupinyai Namah।
जो कला के विभिन्न अंगों में समाहित हैं
पद्मा
268
ॐ पद्मायै नमः।
Om Padmayai Namah।
जो कमल वर्ण वाली हैं
पद्मालया
269
ॐ पद्मालयायै नमः।
Om Padmalayayai Namah।
जो कमल पुष्प में वास करती हैं
पद्ममुखी
270
ॐ पद्ममुख्यै नमः।
Om Padmamukhyai Namah।
जिनका मुख कमल के समान है
पद्मविभूषणा
271
ॐ पद्मविभूषणायै नमः।
Om Padmavibhushanayai Namah।
जो कमल पुष्पों से अलंकृत हैं
डाकिनी
272
ॐ डाकिन्यै नमः।
Om Dakinyai Namah।
जो डाकिणी स्वरूपा हैं
शाकिनी
273
ॐ शाकिन्यै नमः।
Om Shakinyai Namah।
जो शाकिनी स्वरूपा हैं
क्षान्ता
274
ॐ क्षान्तायै नमः।
Om Kshantayai Namah।
जो धैर्य स्वरूपा हैं
राकिणी
275
ॐ राकिण्यै नमः।
Om Rakinyai Namah।
जो योगिनी राकिणी के समान हैं
रुधिरप्रिया
276
ॐ रुधिरप्रियायै नमः।
Om Rudhirapriyayai Namah।
जिन्हें रक्त प्रिय है
भ्रान्ति
277
ॐ भ्रान्त्यै नमः।
Om Bhrantyai Namah।
जो भ्रम के रूप में स्थित हैं
भवानी
278
ॐ भवान्यै नमः।
Om Bhavanyai Namah।
जो भव (शिव जी) की अर्धाङ्गिनी हैं
रुद्राणी
279
ॐ रुद्राण्यै नमः।
Om Rudranyai Namah।
जो शिव जी के रुद्र रूप की अर्धाङ्गिनी हैं
मृडानी
280
ॐ मृडान्यै नमः।
Om Mridanyai Namah।
जो भगवान भोलेनाथ के मृडा रूप की अर्धाङ्गिनी हैं
शत्रुमर्दिनी
281
ॐ शत्रुमर्दिन्यै नमः।
Om Shatrumardinyai Namah।
जो शत्रुओं का नाश करने वाली हैं
उपेन्द्राणी
282
ॐ उपेन्द्राण्यै नमः।
Om Upendranyai Namah।
जो भगवान विष्णु की शक्ति हैं
महेन्द्राणी
283
ॐ महेन्द्राण्यै नमः।
Om Mahendranyai Namah।
जो भगवान शिव की शक्ति हैं
ज्योत्स्ना
284
ॐ ज्योत्स्नायै नमः।
Om Jyotsnayai Namah।
जिनकी चन्द्रमा के समान आभा है
चन्द्रस्वरूपिणी
285
ॐ चन्द्रस्वरूपिण्यै नमः।
Om Chandrasvarupinyai Namah।
जिनका रूप चन्द्र के समान है
सूर्यात्मिका
286
ॐ सूर्यात्मिकायै नमः।
Om Suryatmikayai Namah।
जिनमें सूर्य के समान आत्मतेज है
रुद्रपत्नी
287
ॐ रुद्रपत्न्यै नमः।
Om Rudrapatnyai Namah।
जो भगवान रुद्र (भगवान शिव) की धर्मपत्नी हैं
रौद्री
288
ॐ रौद्र्यै नमः।
Om Raudryai Namah।
जो रुद्र की शक्ति हैं
स्त्री
289
ॐ स्त्रियै नमः।
Om Striyai Namah।
जो स्त्री स्वरूप में स्थित हैं
प्रकृति
290
ॐ प्रकृत्यै नमः।
Om Prakrityai Namah।
जो स्वयं प्रकृति स्वरूपा हैं
पुमान्
291
ॐ पुंसे नमः।
Om Pumse Namah।
जो पुरुष स्वरूपा हैं
शक्ति
292
ॐ शक्त्यै नमः।
Om Shaktyai Namah।
जो शक्ति के रूप में स्थित हैं
मुक्ति
293
ॐ मुक्त्यै नमः।
Om Muktyai Namah।
जो स्वयं मुक्ति स्वरूपा हैं
मति
294
ॐ मत्यै नमः।
Om Matyai Namah।
जो मति (बुद्धि) स्वरूपा हैं
माता
295
ॐ मात्रे नमः।
Om Matre Namah।
जो मात्रा के रूप में स्थित हैं
भक्ति
296
ॐ भक्त्यै नमः।
Om Bhaktyai Namah।
जो भक्ति स्वरूपा हैं
मुक्ति
297
ॐ मुक्त्यै नमः।
Om Muktyai Namah।
जो मुक्ति स्वरूपा हैं
पतिव्रता
298
ॐ पतिव्रतायै नमः।
Om Pativratayai Namah।
जो पतिव्रता हैं
सर्वेश्वरी
299
ॐ सर्वेश्वर्यै नमः।
Om Sarveshvaryai Namah।
जो समस्त देवी-देवताओं की पूजनीय हैं
सर्वमाता
300
ॐ सर्वमात्रे नमः।
Om Sarvamatre Namah।
जो सम्पूर्ण सृष्टि स्वरूपा हैं
शर्वाणी
301
ॐ शर्वाण्यै नमः।
Om Sharvanyai Namah।
जो भगवान शिव की पत्नी हैं
हरवल्लभा
302
ॐ हरवल्लभायै नमः।
Om Haravallabhayai Namah।
जो भगवान शिव को प्रिय हैं
सर्वज्ञा
303
ॐ सर्वज्ञायै नमः।
Om Sarvajnayai Namah।
जो सर्वज्ञा हैं
सिद्धिदा
304
ॐ सिद्धिदायै नमः।
Om Siddhidayai Namah।
जो सिद्धि प्रदान करने वाली हैं
सिद्धा
305
ॐ सिद्धायै नमः।
Om Siddhayai Namah।
जो स्वयं सिद्धि स्वरूपा हैं
भव्याभव्या
306
ॐ भव्याभव्यायै नमः।
Om Bhavyabhavyayai Namah।
जो महान एवं वैभवशाली हैं
भयापहा
307
ॐ भयापहायै नमः।
Om Bhayapahayai Namah।
जो भय का नाश करती हैं
कर्त्री
308
ॐ कर्त्र्यै नमः।
Om Kartryai Namah।
जो सृजन करने वाली हैं
हर्त्री
309
ॐ हर्त्र्यै नमः।
Om Hartryai Namah।
जो विनाश करने वाली हैं
पालयित्री
310
ॐ पालयित्र्यै नमः।
Om Palayitryai Namah।
जो पालन करने वाली हैं
शर्वरी
311
ॐ शर्वर्यै नमः।
Om Sharvaryai Namah।
जो रात्रि स्वरूपा हैं
तामसी
312
ॐ तामस्यै नमः।
Om Tamasyai Namah।
जो तमोगुण से युक्त हैं
दया
313
ॐ दयायै नमः।
Om Dayayai Namah।
जो दया का मूर्त स्वरूप हैं
तमिस्रातामसी
314
ॐ तमिस्रातामस्यै नमः।
Om Tamisratamasyai Namah।
जो घोर अन्धकार के रूप में स्थित हैं
स्थास्नु
315
ॐ स्थास्नवे नमः।
Om Sthasnave Namah।
जो स्थायी हैं
स्थिरा
316
ॐ स्थिरायै नमः।
Om Sthirayai Namah।
जो अचल हैं
धीरा
317
ॐ धीरायै नमः।
Om Dhirayai Namah।
जो दृढ़ निश्चयी हैं
तपस्विनी
318
ॐ तपस्विन्यै नमः।
Om Tapasvinyai Namah।
जो निरन्तर तपस्या में लीन रहती हैं
चार्वङ्गी
319
ॐ चार्वङ्ग्यै नमः।
Om Charvangyai Namah।
जो उत्तम देह वाली हैं
चञ्चला
320
ॐ चञ्चलायै नमः।
Om Chanchalayai Namah।
जो अस्थिर स्वभाव वाली हैं
लोलजिह्वा
321
ॐ लोलजिह्वायै नमः।
Om Lolajihvayai Namah।
जिनकी जिह्वा (जीभ) बाहर निकली है
चारुचरित्रिणी
322
ॐ चारुचरित्रिण्यै नमः।
Om Charucharitrinyai Namah।
जिनका चरित्र चन्द्रमा के समान निर्मल है
त्रपा
323
ॐ त्रपायै नमः।
Om Trapayai Namah।
जो ख्याति स्वरूपा हैं
त्रपावती
324
ॐ त्रपावत्यै नमः।
Om Trapavatyai Namah।
जो अत्यन्त प्रसिद्ध हैं
लज्जा
325
ॐ लज्जायै नमः।
Om Lajjayai Namah।
जो लज्जा स्वरूपा हैं
विलज्जा
326
ॐ विलज्जायै नमः।
Om Vilajjayai Namah।
जो लज्जा रहित हैं
हरयौवती
327
ॐ हरयौवत्यै नमः।
Om Harayauvatyai Namah।
जो भगवान शिव की संगिनी हैं
सत्यवती
328
ॐ सत्यवत्यै नमः।
Om Satyavatyai Namah।
जो सम्पूर्ण अस्तित्व की स्वामिनी हैं
धर्मनिष्ठा
329
ॐ धर्मनिष्ठायै नमः।
Om Dharmanishthayai Namah।
जो धर्म के पथ पर चलने वाली हैं
श्रेष्ठा
330
ॐ श्रेष्ठायै नमः।
Om Shreshthayai Namah।
जो संसार में सर्वश्रेष्ठ हैं
निष्ठुरवादिनी
331
ॐ निष्ठुरवादिन्यै नमः।
Om Nishthuravadinyai Namah।
जो कठोर संगीतज्ञा हैं
गरिष्ठा
332
ॐ गरिष्ठायै नमः।
Om Garishthayai Namah।
जो परम आदरणीय हैं
दुष्टसंहन्त्री
333
ॐ दुष्टसंहन्त्र्यै नमः।
Om Dushtasamhantryai Namah।
जो दुष्टों का संहार करने वाली हैं
विशिष्टा
334
ॐ विशिष्टायै नमः।
Om Vishishtayai Namah।
जो विलक्षण हैं
श्रेयसी
335
ॐ श्रेयस्यै नमः।
Om Shreyasyai Namah।
जो सर्वाधिक सुन्दर हैं
घृणा
336
ॐ घृणायै नमः।
Om Ghrinayai Namah।
जो घृणा के रूप में स्थित हैं
भीमा
337
ॐ भीमायै नमः।
Om Bhimayai Namah।
जो अद्भुत हैं
भयानका
338
ॐ भयानकायै नमः।
Om Bhayanakayai Namah।
जो विकराल हैं
भीमनादिनी
339
ॐ भीमनादिन्यै नमः।
Om Bhimanadinyai Namah।
जो घोर गर्जना करने वाली हैं
भी
340
ॐ भिये नमः।
Om Bhiye Namah।
जो विनाश करने वाली हैं
प्रभावती
341
ॐ प्रभावत्यै नमः।
Om Prabhavatyai Namah।
जो अत्यन्त ओजपूर्ण हैं
वागीश्वरी
342
ॐ वागीश्वर्यै नमः।
Om Vagishvaryai Namah।
जो वाणी एवं भाषा की देवी हैं
श्री
343
ॐ श्रिये नमः।
Om Shriye Namah।
जो सम्पत्ति एवं सौभाग्य की देवी हैं
यमुना
344
ॐ यमुनायै नमः।
Om Yamunayai Namah।
जो यमुना स्वरूपा हैं
यज्ञकर्त्री
345
ॐ यज्ञकर्त्र्यै नमः।
Om Yajnakartryai Namah।
जो यज्ञ करने वाली हैं
यजुःप्रिया
346
ॐ यजुःप्रियायै नमः।
Om Yajuhpriyayai Namah।
जिन्हें यज्ञ प्रिय हैं
ऋक्सामाथर्वनिलया
347
ॐ ऋक्सामाथर्वनिलयायै नमः।
Om Riksamatharvanilayayai Namah।
जो वेद स्वरूपा हैं
रागिणी
348
ॐ रागिण्यै नमः।
Om Raginyai Namah।
जो संगीत के रूप में स्थित हैं
शोभना
349
ॐ शोभनायै नमः।
Om Shobhanayai Namah।
जो अत्यन्त रूपवती एवं गुणवती हैं
सुरा
350
ॐ सुरायै नमः।
Om Surayai Namah।
जो मद्य स्वरूपा अथवा मधु स्वरूपा हैं
कलकण्ठी
351
ॐ कलकण्ठ्यै नमः।
Om Kalakanthyai Namah।
जिनका कण्ठ कोयल के समान मधुर है
कम्बुकण्ठी
352
ॐ कम्बुकण्ठ्यै नमः।
Om Kambukanthyai Namah।
जिनका गला शंख के समान है
वेणुवीणापरायणा
353
ॐ वेणुवीणापरायणायै नमः।
Om Venuvinaparayanayai Namah।
जिन्हें वीणा वादन अत्यन्त प्रिय है
वंशिनी
354
ॐ वंशिन्यै नमः।
Om Vamshinyai Namah।
समस्त संसार जिनका वंश है
वैष्णवी
355
ॐ वैष्णव्यै नमः।
Om Vaishnavyai Namah।
जो माता वैष्णवी के रूप में स्थित हैं
स्वच्छा
356
ॐ स्वच्छायै नमः।
Om Svachchhayai Namah।
जो अत्यधिक स्वच्छ हैं
धात्री
357
ॐ धात्र्यै नमः।
Om Dhatryai Namah।
जो सम्पूर्ण सृष्टि की माता हैं
त्रिजगदीश्वरी
358
ॐ त्रिजगदीश्वर्यै नमः।
Om Trijagadishvaryai Namah।
जो तीनों लोकों की देवी हैं
मधुमती
359
ॐ मधुमत्यै नमः।
Om Madhumatyai Namah।
जो मधुमती स्वरूपा हैं
कुण्डलिनी
360
ॐ कुण्डलिन्यै नमः।
Om Kundalinyai Namah।
जो कुण्डलिनी के रूप में स्थित हैं
ऋद्धि
361
ॐ ऋद्ध्यै नमः।
Om Riddhyai Namah।
जो ऋद्धि स्वरूपा हैं
शुद्धि
362
ॐ शुद्ध्यै नमः।
Om Shuddhyai Namah।
जो अत्यन्त शुद्ध हैं
शुचिस्मिता
363
ॐ शुचिस्मितायै नमः।
Om Shuchismitayai Namah।
जिनके मुख पर सुन्दर मुस्कान है
रम्भोर्वशीरतीरामा
364
ॐ रम्भोर्वशीरतीरामायै नमः।
Om Rambhorvashiratiramayai Namah।
जो रम्भा, उर्वशी, रति, रमा आदि अप्सराओं के रूप में स्थित हैं
रोहिणी
365
ॐ रोहिण्यै नमः।
Om Rohinyai Namah।
जो रोहिणी नक्षत्र के रूप में स्थित हैं
रेवती
366
ॐ रेवत्यै नमः।
Om Revatyai Namah।
जो रेवती नक्षत्र के रूप में स्थित हैं
मघा
367
ॐ मघायै नमः।
Om Maghayai Namah।
जो मघा नक्षत्र के रूप में स्थित हैं
शङ्खिनी
368
ॐ शङ्खिन्यै नमः।
Om Shankhinyai Namah।
जो शंख धारण करती हैं
चक्रिणी
369
ॐ चक्रिण्यै नमः।
Om Chakrinyai Namah।
जो चक्र धारण करती हैं
कृष्णा
370
ॐ कृष्णायै नमः।
Om Krishnayai Namah।
जो कृष्ण (काले-नीले) वर्ण की हैं
गदिनी
371
ॐ गदिन्यै नमः।
Om Gadinyai Namah।
जो गदा धारण करती हैं
पद्मिनी
372
ॐ पद्मिन्यै नमः।
Om Padminyai Namah।
जो कमलपुष्प धारण करती हैं
शूलिनी
373
ॐ शूलिन्यै नमः।
Om Shulinyai Namah।
जो त्रिशूल धारण करती हैं
परिघास्त्रा
374
ॐ परिघास्त्रायै नमः।
Om Parighastrayai Namah।
जो परिघ अस्त्र (लोहे का एक विशेष अस्त्र) धारण करती हैं
पाशिनी
375
ॐ पाशिन्यै नमः।
Om Pashinyai Namah।
जो हाथ में पाश लिये रहती हैं
शार्ङ्गपाणिनी
376
ॐ शार्ङ्गपाणिन्यै नमः।
Om Sharngapaninyai Namah।
जो शार्ङ्ग नामक धनुष धारण करती हैं
पिनाकधारिणी
377
ॐ पिनाकधारिण्यै नमः।
Om Pinakadharinyai Namah।
जो पिनाक नामक धनुष धारण करती हैं
धूम्रा
378
ॐ धूम्रायै नमः।
Om Dhumrayai Namah।
जो धूम्र वर्ण की हैं
सुरभी
379
ॐ सुरभ्यै नमः।
Om Surabhyai Namah।
जो मधुर एवं मित्रवत हैं
वनमालिनी
380
ॐ वनमालिन्यै नमः।
Om Vanamalinyai Namah।
जो वनमाला धारण करती हैं
रथिनी
381
ॐ रथिन्यै नमः।
Om Rathinyai Namah।
जो रथ पर आरूढ़ है
समरप्रीता
382
ॐ समरप्रीतायै नमः।
Om Samarapritayai Namah।
जिन्हें युद्ध प्रिय हैं
वेगिनी
383
ॐ वेगिन्यै नमः।
Om Veginyai Namah।
जो अत्यन्त तीव्र वेग वाली हैं
रणपण्डिता
384
ॐ रणपण्डितायै नमः।
Om Ranapanditayai Namah।
जिन्हें समस्त रण कौशल का ज्ञान है
जटिनी
385
ॐ जटिन्यै नमः।
Om Jatinyai Namah।
जो जटा धारण करती हैं
वज्रिणी
386
ॐ वज्रिण्यै नमः।
Om Vajrinyai Namah।
जो वज्र के समान कठोर हैं
नीललावण्याम्बुधिचन्द्रिका
387
ॐ नीललावण्याम्बुधिचन्द्रिकायै नमः।
Om Nilalavanyambudhichandrikayai Namah।
जो नीलसागर के समान कान्ति वाली हैं
बलिप्रिया
388
ॐ बलिप्रियायै नमः।
Om Balipriyayai Namah।
जिन्हें बलि प्रिय हैं
सदापूज्या
389
ॐ सदापूज्यायै नमः।
Om Sadapujyayai Namah।
जो सदैव पूजनीय हैं
दैत्येन्द्रमथिनी
390
ॐ दैत्येन्द्रमथिन्यै नमः।
Om Daityendramathinyai Namah।
जो दैत्यों के नायक का अन्त करने वाली हैं
महिषासुरसंहर्त्री
391
ॐ महिषासुरसंहर्त्र्यै नमः।
Om Mahishasurasamhartryai Namah।
जो महिषासुर का संहार करने वाली हैं
कामिनी
392
ॐ कामिन्यै नमः।
Om Kaminyai Namah।
जो अत्यन्त स्नेहमयी हैं
रक्तदन्तिका
393
ॐ रक्तदन्तिकायै नमः।
Om Raktadantikayai Namah।
जिनके दाँत रक्तरञ्जित हैं
रक्तपा
394
ॐ रक्तपायै नमः।
Om Raktapayai Namah।
जो रक्तपान करने वाली हैं
रुधिराक्ताङ्गी
395
ॐ रुधिराक्ताङ्ग्यै नमः।
Om Rudhiraktangyai Namah।
जिनके सम्पूर्ण अंग रक्तरञ्जित हैं
रक्तखर्परधारिणी
396
ॐ रक्तखर्परधारिण्यै नमः।
Om Raktakharparadharinyai Namah।
जो रक्त से भरा हुआ खप्पर धारण करती हैं
रक्तप्रिया
397
ॐ रक्तप्रियायै नमः।
Om Raktapriyayai Namah।
जिन्हें रक्त अतिप्रिय है
मांसरुचिरा
398
ॐ मांसरुचये नमः।
Om Mamsaruchaye Namah।
जिन्हें मांस प्रिय है
वासवासक्तमानसा
399
ॐ वासवासक्तमानसायै नमः।
Om Vasavasaktamanasayai Namah।
जो इन्द्र के मन को आकर्षित करने वाली हैं
गलच्छोणितमुण्डाली
400
ॐ गलच्छोणितमुण्डाल्यै नमः।
Om Galachchhonitamundalyai Namah।
जो गले में मुण्डमाला धारण करती हैं
कण्ठमालाविभूषणा
401
ॐ कण्ठमालाविभूषणायै नमः।
Om Kanthamalavibhushanayai Namah।
जिनका कण्ठ मालाओं से सुशोभित है
शवासना
402
ॐ शवासनायै नमः।
Om Shavasanayai Namah।
जो श्वास के रूप में स्थित हैं
चितान्तस्स्था
403
ॐ चितान्तस्स्थायै नमः।
Om Chitantassthayai Namah।
जो चिता पर सवार हैं
माहेशी
404
ॐ माहेश्यै नमः।
Om Maheshyai Namah।
जो भगवान महेश (शिव) की शक्ति हैं
वृषवाहिनी
405
ॐ वृषवाहिन्यै नमः।
Om Vrishavahinyai Namah।
जो नन्दी की सवारी करती हैं
व्याघ्रत्वगम्बरा
406
ॐ व्याघ्रत्वगम्बरायै नमः।
Om Vyaghratvagambarayai Namah।
जो बाघ चर्म धारण करती हैं
चीनचैलिनी
407
ॐ चीनचैलिन्यै नमः।
Om Chinachailinyai Namah।
जो हिरण की भाँति तीव्र चाल वाली हैं
सिंहवाहिनी
408
ॐ सिंहवाहिन्यै नमः।
Om Simhavahinyai Namah।
जो सिंह की सवारी करने वाली हैं
वामदेवी
409
ॐ वामदेव्यै नमः।
Om Vamadevyai Namah।
जो वाम मार्ग की देवी हैं
महादेवी
410
ॐ महादेव्यै नमः।
Om Mahadevyai Namah।
जो सर्वश्रेष्ठ हैं
गौरी
411
ॐ गौर्यै नमः।
Om Gauryai Namah।
जो गौर वर्ण की हैं
सर्वज्ञभामिनी
412
ॐ सर्वज्ञभामिन्यै नमः।
Om Sarvajnabhaminyai Namah।
जो सर्वज्ञ स्त्री स्वरूप में स्थित हैं
बालिका
413
ॐ बालिकायै नमः।
Om Balikayai Namah।
जो बालिका स्वरूप में स्थित हैं
तरुणी
414
ॐ तरुण्यै नमः।
Om Tarunyai Namah।
जो तरुण युवती के रूप में स्थित हैं
वृद्धा
415
ॐ वृद्धायै नमः।
Om Vriddhayai Namah।
जो वृद्ध स्त्री के रूप में स्थित हैं
वृद्धमाता
416
ॐ वृद्धमात्रे नमः।
Om Vriddhamatre Namah।
जो सम्पत्ति में वृद्धि करने वाली हैं
जरातुरा
417
ॐ जरातुरायै नमः।
Om Jaraturayai Namah।
जो जर्जर स्वरूप में हैं
सुभ्रू
418
ॐ सुभ्रुवे नमः।
Om Subhruve Namah।
जिनकी भौहें अत्यन्त सुन्दर हैं
विलासिनी
419
ॐ विलासिन्यै नमः।
Om Vilasinyai Namah।
जो आकर्षक एवं उन्मुक्त हैं
ब्रह्मवादिनी
420
ॐ ब्रह्मवादिन्यै नमः।
Om Brahmavadinyai Namah।
जो वेदों की रक्षा एवं व्याख्या करती हैं
ब्राह्मणी
421
ॐ ब्राह्मण्यै नमः।
Om Brahmanyai Namah।
जो ब्राह्मणी के रूप में स्थित हैं
सती
422
ॐ सत्यै नमः।
Om Satyai Namah।
जो सत्य स्वरूपा हैं
सुप्तवती
423
ॐ सुप्तवत्यै नमः।
Om Suptavatyai Namah।
जो निद्रा स्वरूपा हैं
चित्रलेखा
424
ॐ चित्रलेखायै नमः।
Om Chitralekhayai Namah।
जो संसार की रचना करने वाली हैं
लोपामुद्रा
425
ॐ लोपामुद्रायै नमः।
Om Lopamudrayai Namah।
जो देवी लोपमुद्रा के रूप में स्थित हैं
सुरेश्वरी
426
ॐ सुरेश्वर्यै नमः।
Om Sureshvaryai Namah।
जो देवों की अधिष्ठात्री देवी हैं
अमोघा
427
ॐ अमोघायै नमः।
Om Amoghayai Namah।
जो अचूक हैं तथा कभी निष्फल नहीं होती हैं
अरुन्धती
428
ॐ अरुन्धत्यै नमः।
Om Arundhatyai Namah।
जो देवी अरुन्धती के रूप में स्थित हैं
तीक्ष्णा
429
ॐ तीक्ष्णायै नमः।
Om Tikshnayai Namah।
जो तीक्ष्ण स्वभाव वाली हैं
भोगवती
430
ॐ भोगवत्यै नमः।
Om Bhogavatyai Namah।
जो धन-वैभव से युक्त हैं
अनुरागिणी
431
ॐ अनुरागिण्यै नमः।
Om Anuraginyai Namah।
जो स्वयं संगीत स्वरूपा हैं
मन्दाकिनी
432
ॐ मन्दाकिन्यै नमः।
Om Mandakinyai Namah।
जो आकाशगंगा के रूप में विद्यमान हैं
मन्दहासा
433
ॐ मन्दहासायै नमः।
Om Mandahasayai Namah।
जिनके मुखमण्डल पर मन्द-मन्द मुस्कान है
ज्वालामुखी
434
ॐ ज्वालामुख्यै नमः।
Om Jvalamukhyai Namah।
जिनके मुख से ज्वाला प्रकट होती है
असुरान्तका
435
ॐ असुरान्तकायै नमः।
Om Asurantakayai Namah।
जो असुरों का अन्त करने वाली हैं
मानदा
436
ॐ मानदायै नमः।
Om Manadayai Namah।
जो मान-सम्मान प्रदान करने वाली हैं
मानिनीमान्या
437
ॐ मानिनीमान्यायै नमः।
Om Maninimanyayai Namah।
जो सम्मानीयों द्वारा भी पूजनीय हैं
माननीया
438
ॐ माननीयायै नमः।
Om Mananiyayai Namah।
जो सम्पूर्ण सृष्टि द्वारा सम्मानीय हैं
मदातुरा
439
ॐ मदातुरायै नमः।
Om Madaturayai Namah।
जो मद से युक्त हैं
मदिरा
440
ॐ मदिरायै नमः।
Om Madirayai Namah।
जो मदिरा के रूप में स्थित हैं
मेदुरा
441
ॐ मेदुरायै नमः।
Om Medurayai Namah।
जो घनघोर हैं
उन्मादा
442
ॐ उन्मादायै नमः।
Om Unmadayai Namah।
जो उन्माद युक्त हैं
मेध्या
443
ॐ मेध्यायै नमः।
Om Medhyayai Namah।
जो पराक्रमी एवं शूरवीर हैं
साध्या
444
ॐ साध्यायै नमः।
Om Sadhyayai Namah।
जो परम लक्ष्य हैं
प्रसादिनी
445
ॐ प्रसादिन्यै नमः।
Om Prasadinyai Namah।
जो दयालु हैं
सुमध्या
446
ॐ सुमध्यायै नमः।
Om Sumadhyayai Namah।
जिनकी कमर अति सुन्दर है
अनन्तगुणिनी
447
ॐ अनन्तगुणिन्यै नमः।
Om Anantaguninyai Namah।
जो अनन्त गुणों की धनी हैं
सर्वलोकोत्तमोत्तमा
448
ॐ सर्वलोकोत्तमोत्तमायै नमः।
Om Sarvalokottamottamayai Namah।
जो समस्त लोकों में सर्वोत्तम हैं
जयदा
449
ॐ जयदायै नमः।
Om Jayadayai Namah।
जो विजय प्रदान करने वाली हैं
जित्वरा
450
ॐ जित्वरायै नमः।
Om Jitvarayai Namah।
जो सभी को अधीन करने वाली अथवा वश में करने वाली हैं
जैत्री
451
ॐ जैत्र्यै नमः।
Om Jaitryai Namah।
जो सदा विजयी हैं
जयश्री
452
ॐ जयश्रिये नमः।
Om Jayashriye Namah।
जो विजय की देवी हैं
जयशालिनी
453
ॐ जयशालिन्यै नमः।
Om Jayashalinyai Namah।
जो विजय धारण करने वाली हैं
सुखदा
454
ॐ सुखदायै नमः।
Om Sukhadayai Namah।
जो सुख प्रदान करने वाली हैं
शुभदा
455
ॐ शुभदायै नमः।
Om Shubhadayai Namah।
जो शुभता प्रदान करने वाली हैं
सत्या
456
ॐ सत्यायै नमः।
Om Satyayai Namah।
जो सत्यता प्रदान करने वाली हैं
सखी
457
ॐ सख्यै नमः।
Om Sakhyai Namah।
जो सदैव निकट रहती हैं
सङ्क्षोभकारिणी
458
ॐ सङ्क्षोभकारिण्यै नमः।
Om Sankshobhakarinyai Namah।
जो उपद्रव करने वाली हैं
शिवदूती
459
ॐ शिवदूत्यै नमः।
Om Shivadutyai Namah।
जो भगवान शिव की दूती हैं
भूतिमती
460
ॐ भूतिमत्यै नमः।
Om Bhutimatyai Namah।
जो कल्याण करने वाली हैं
विभूति
461
ॐ विभूत्यै नमः।
Om Vibhutyai Namah।
जो भस्म स्वरूपा हैं
भूषणानना
462
ॐ भूषणाननायै नमः।
Om Bhushanananayai Namah।
जो विकराल मुखमण्डल वाली हैं
कौमारी
463
ॐ कौमार्यै नमः।
Om Kaumaryai Namah।
जो सप्तमातृकाओं में से एक हैं
कुलजा
464
ॐ कुलजायै नमः।
Om Kulajayai Namah।
जो उत्तम कुल से हैं
कुन्ती
465
ॐ कुन्त्यै नमः।
Om Kuntyai Namah।
जो ब्राह्मण पत्नी हैं
कुलस्त्रीकुलपालिका
466
ॐ कुलस्त्रीकुलपालिकायै नमः।
Om Kulastrikulapalikayai Namah।
जो कुल का पालन करने वाली हैं
कीर्ति
467
ॐ कीर्त्यै नमः।
Om Kirtyai Namah।
जो स्वयं कीर्ति स्वरूपा हैं
यशस्विनी
468
ॐ यशस्विन्यै नमः।
Om Yashasvinyai Namah।
जो अलौकिक हैं
भूषा
469
ॐ भूषायै नमः।
Om Bhushayai Namah।
जो स्वयं आभूषण स्वरूपा हैं
भूष्ठा
470
ॐ भूष्ठायै नमः।
Om Bhushthayai Namah।
जो अलंकृत हैं
भूतपतिप्रिया
471
ॐ भूतपतिप्रियायै नमः।
Om Bhutapatipriyayai Namah।
जो भूतपति (भगवान शिव) को अतिप्रिय हैं
सुगुणा
472
ॐ सुगुणायै नमः।
Om Sugunayai Namah।
जो सगुण साकार रूप में स्थित हैं
निर्गुणा
473
ॐ निर्गुणायै नमः।
Om Nirgunayai Namah।
जो निर्गुण निराकार रूप में स्थित हैं
अधिष्ठा
474
ॐ अधिष्ठायै नमः।
Om Adhishthayai Namah।
जो सम्पूर्ण सृष्टि की अधिष्ठात्री देवी हैं
निष्ठा
475
ॐ निष्ठायै नमः।
Om Nishthayai Namah।
जो स्वयं निष्ठा स्वरूपा हैं
काष्ठा
476
ॐ काष्ठायै नमः।
Om Kashthayai Namah।
जो सर्वोच्च एवं सर्वशक्तिशाली हैं
प्रकाशिनी
477
ॐ प्रकाशिन्यै नमः।
Om Prakashinyai Namah।
जो अत्यधिक देदीप्यमान हैं
धनिष्ठा
478
ॐ धनिष्ठायै नमः।
Om Dhanishthayai Namah।
जो समस्त धन-सम्पत्ति की स्वामिनी हैं
धनदा
479
ॐ धनदायै नमः।
Om Dhanadayai Namah।
जो धन-सम्पत्ति प्रदान करने वाली हैं
धन्या
480
ॐ धन्यायै नमः।
Om Dhanyayai Namah।
जो कृतज्ञता का मूर्त रूप हैं
वसुधा
481
ॐ वसुधायै नमः।
Om Vasudhayai Namah।
जो स्वयं पृथ्वी के रूप में स्थित हैं
सुप्रकाशिनी
482
ॐ सुप्रकाशिन्यै नमः।
Om Suprakashinyai Namah।
जो अपने तेज से प्रकाशित होने वाली हैं
उर्वीगुर्वी
483
ॐ उर्वीगुर्व्यै नमः।
Om Urvigurvyai Namah।
जो तीनों लोकों का आधार हैं
गुरुश्रेष्ठा
484
ॐ गुरुश्रेष्ठायै नमः।
Om Gurushreshthayai Namah।
जो समस्त गुरुओं में सर्वश्रेष्ठ हैं
षड्‌गुणा
485
ॐ षड्गुणायै नमः।
Om Shadgunayai Namah।
जो छः गुणों (सन्धि, विग्रह, यान, आसन, द्वैधीभाव, संश्रय) से युक्त हैं
त्रिगुणात्मिका
486
ॐ त्रिगुणात्मिकायै नमः।
Om Trigunatmikayai Namah।
जो त्रिगुणों (सत्व, रज, तम) से युक्त हैं
राज्ञामाज्ञा
487
ॐ राज्ञामाज्ञायै नमः।
Om Rajnamajnayai Namah।
जो राज आज्ञा के रूप में स्थित हैं
महाप्राज्ञा
488
ॐ महाप्राज्ञायै नमः।
Om Mahaprajnayai Namah।
जो अत्यन्त चतुर एवं बुद्धिमती हैं
सुगुणा
489
ॐ सुगुणायै नमः।
Om Sugunayai Namah।
जो अनेक गुणों से युक्त हैं
निर्गुणात्मिका
490
ॐ निर्गुणात्मिकायै नमः।
Om Nirgunatmikayai Namah।
जो समस्त गुणों से परे हैं
महाकुलीना
491
ॐ महाकुलीनायै नमः।
Om Mahakulinayai Namah।
जो अत्यन्त सम्भ्रान्त हैं
निष्कामा
492
ॐ निष्कामायै नमः।
Om Nishkamayai Namah।
जो समस्त कामनाओं से रहित हैं
सकामा
493
ॐ सकामायै नमः।
Om Sakamayai Namah।
जो सभी कामनाओं से युक्त हैं
कामजीवना
494
ॐ कामजीवनायै नमः।
Om Kamajivanayai Namah।
जो कामदेव की प्राणशक्ति हैं
कामदेवकला
495
ॐ कामदेवकलायै नमः।
Om Kamadevakalayai Namah।
जो कामदेव की कलाओं के रूप में स्थित हैं
रामा
496
ॐ रामायै नमः।
Om Ramayai Namah।
जो सम्पूर्ण संसार की स्वामिनी हैं
अभिरामा
497
ॐ अभिरामायै नमः।
Om Abhiramayai Namah।
जो आनन्दमयी हैं
शिवनर्तकी
498
ॐ शिवनर्तक्यै नमः।
Om Shivanartakyai Namah।
जो भगवान शिव के साथ नृत्य करती हैं
चिन्तामणि
499
ॐ चिन्तामण्यै नमः।
Om Chintamanyai Namah।
जो समस्त मनोकामनाओं की पूर्ति करने वाली हैं
कल्पलता
500
ॐ कल्पलतायै नमः।
Om Kalpalatayai Namah।
जो मनोवाञ्छित वर देने वाली हैं
जाग्रती
501
ॐ जाग्रत्यै नमः।
Om Jagratyai Namah।
जो पूर्ण रूप से जागृत हैं
दीनवत्सला
502
ॐ दीनवत्सलायै नमः।
Om Dinavatsalayai Namah।
जो दीन-दुखियों पर कृपा करने वाली हैं
कार्तिकी
503
ॐ कार्तिक्यै नमः।
Om Kartikyai Namah।
जो भगवान कार्तिकेय की शक्ति हैं
कृत्तिका
504
ॐ कृत्तिकायै नमः।
Om Krittikayai Namah।
जो कटार के समान तीक्ष्ण हैं
कृत्या
505
ॐ कृत्यायै नमः।
Om Krityayai Namah।
जो सम्मोहन एवं वशीकरण के रूप में स्थित हैं
अयोध्या
506
ॐ अयोध्यायै नमः।
Om Ayodhyayai Namah।
जिनसे युद्ध नहीं किया जा सकता
विषमा
507
ॐ विषमायै नमः।
Om Vishamayai Namah।
जो असमान हैं
समा
508
ॐ समायै नमः।
Om Samayai Namah।
जो समान हैं
सुमन्त्रा
509
ॐ सुमन्त्रायै नमः।
Om Sumantrayai Namah।
जो एक उत्तम मार्गदर्शिका हैं
मन्त्रिणी
510
ॐ मन्त्रिण्यै नमः।
Om Mantrinyai Namah।
जो समस्त मन्त्रों की शक्ति हैं
घूर्णा
511
ॐ घूर्णायै नमः।
Om Ghurnayai Namah।
जो निरन्तर घूर्णन करने वाली हैं
ह्लादिनी
512
ॐ ह्लादिन्यै नमः।
Om Hladinyai Namah।
जो शक्ति स्वरूपा हैं
क्लेशनाशिनी
513
ॐ क्लेशनाशिन्यै नमः।
Om Kleshanashinyai Namah।
जो समस्त प्रकार के क्लेश का नाश करती हैं
त्रैलोक्यजननी
514
ॐ त्रैलोक्यजनन्यै नमः।
Om Trailokyajananyai Namah।
जो तीनों लोकों की रचना करने वाली हैं
हृष्टा
515
ॐ हृष्टायै नमः।
Om Hrishtayai Namah।
जो उत्साह से परिपूर्ण हैं
निर्मांसामलरूपिणी
516
ॐ निर्मांसामलरूपिण्यै नमः।
Om Nirmamsamalarupinyai Namah।
जो क्षीण (पतले) एवं साँवले शरीर वाली हैं
तडागनिम्नजठरा
517
ॐ तडागनिम्नजठरायै नमः।
Om Tadaganimnajatharayai Namah।
जिनकी नाभि अत्यन्त गहरी है
शुष्कमांसास्थिमालिनी
518
ॐ शुष्कमांसास्थिमालिन्यै नमः।
Om Shushkamamsasthimalinyai Namah।
जो सूखे मांस एवं अस्थियों की माला धारण करती हैं
अवन्ती
519
ॐ अवन्त्यै नमः।
Om Avantyai Namah।
जो उज्जैन की देवी हैं
मधुरा
520
ॐ मधुरायै नमः।
Om Madhurayai Namah।
जो अत्यन्त मधुर हैं
हृद्या
521
ॐ हृद्यायै नमः।
Om Hridyayai Namah।
जो हृदय में निवास करने वाली हैं
त्रैलोक्यपावनक्षमा
522
ॐ त्रैलोक्यपावनक्षमायै नमः।
Om Trailokyapavanakshamayai Namah।
जो तीनों लोकों को पावन एवं क्षमा करने वाली हैं
व्यक्ताव्यक्ता
523
ॐ व्यक्ताव्यक्तायै नमः।
Om Vyaktavyaktayai Namah।
जो व्यक्त एवं अव्यक्त दोनों रूपों में हैं
अनेकमूर्ति
524
ॐ अनेकमूर्त्यै नमः।
Om Anekamurtyai Namah।
जो अनेक रूप धारण करने वाली हैं
शरभी
525
ॐ शरभ्यै नमः।
Om Sharabhyai Namah।
जो भगवान शिव के शरभ अवतार की शक्ति हैं
भीमनादिनी
526
ॐ भीमनादिन्यै नमः।
Om Bhimanadinyai Namah।
जो अत्यन्त भीषण गर्जना करने वाली हैं
क्षेमङ्करी
527
ॐ क्षेमङ्कर्यै नमः।
Om Kshemankaryai Namah।
जो मङ्गल करने वाली हैं
शाङ्करी
528
ॐ शाङ्कर्यै नमः।
Om Shankaryai Namah।
जो भगवान शंकर की अर्धाङ्गिनी हैं
सर्वसम्मोहकारिणी
529
ॐ सर्वसम्मोहकारिण्यै नमः।
Om Sarvasammohakarinyai Namah।
जो सभी को सम्मोहित करने वाली हैं
ऊर्ध्वतेजस्विनी
530
ॐ ऊर्ध्वतेजस्विन्यै नमः।
Om Urdhvatejasvinyai Namah।
जिनमें अत्यधिक तेज समाहित है
क्लिन्ना
531
ॐ क्लिन्नायै नमः।
Om Klinnayai Namah।
जो कोमल हैं
महातेजस्विनी
532
ॐ महातेजस्विन्यै नमः।
Om Mahatejasvinyai Namah।
जिनमें असीम तेज है
अद्वैता
533
ॐ अद्वैतायै नमः।
Om Advaitayai Namah।
जो अद्वैत रूप में स्थित हैं
योगिनी
534
ॐ योगिन्यै नमः।
Om Yoginyai Namah।
जो योग विद्या में निपुण हैं
पूज्या
535
ॐ पूज्यायै नमः।
Om Pujyayai Namah।
जो सदैव पूजनीय हैं
सुरभी
536
ॐ सुरभ्यै नमः।
Om Surabhyai Namah।
जो मधुर एवं मित्रवत हैं
सर्वमङ्गला
537
ॐ सर्वमङ्गलायै नमः।
Om Sarvamangalayai Namah।
जो सभी का मङ्गल करने वाली हैं
सर्वप्रियङ्करी
538
ॐ सर्वप्रियङ्कर्यै नमः।
Om Sarvapriyankaryai Namah।
जो सभी को प्रिय हैं
भोग्या
539
ॐ भोग्यायै नमः।
Om Bhogyayai Namah।
जो भोगने योग्य हैं
धनिनी
540
ॐ धनिन्यै नमः।
Om Dhaninyai Namah।
जो वैभवशालिनी एवं सौभाग्यशालिनी हैं
पिशिताशना
541
ॐ पिशिताशनायै नमः।
Om Pishitashanayai Namah।
जो मांस भक्षण करने वाली हैं
भयङ्करी
542
ॐ भयङ्कर्यै नमः।
Om Bhayankaryai Namah।
जो अत्यन्त भयानक हैं
पापहरा
543
ॐ पापहरायै नमः।
Om Papaharayai Namah।
जो समस्त पापों को हर लेती हैं
निष्कलङ्का
544
ॐ निष्कलङ्कायै नमः।
Om Nishkalankayai Namah।
जो किसी भी प्रकार के कलंक से मुक्त हैं
वशङ्करी
545
ॐ वशङ्कर्यै नमः।
Om Vashankaryai Namah।
जो वशीकरण करने वाली हैं
आशा
546
ॐ आशायै नमः।
Om Ashayai Namah।
जो आशा के रूप में स्थित हैं
तृष्णा
547
ॐ तृष्णायै नमः।
Om Trishnayai Namah।
जो तृष्णा के रूप में स्थित हैं
चन्द्रकला
548
ॐ चन्द्रकलायै नमः।
Om Chandrakalayai Namah।
जो चन्द्रमा के समान कलाओं से युक्त हैं
निद्राणा
549
ॐ निद्राणायै नमः।
Om Nidranayai Namah।
जो निद्रा में लीन हैं
वायुवेगिनी
550
ॐ वायुवेगिन्यै नमः।
Om Vayuveginyai Namah।
जो वायु के समान गति वाली हैं
सहस्रसूर्यसङ्काशा
551
ॐ सहस्रसूर्यसङ्काशायै नमः।
Om Sahasrasuryasankashayai Namah।
जो सहस्र सूर्यों के समान तेजपूर्ण हैं
चन्द्रकोटिसमप्रभा
552
ॐ चन्द्रकोटिसमप्रभायै नमः।
Om Chandrakotisamaprabhayai Namah।
जिनकी आभा करोड़ों चन्द्र के समान है
निशुम्भशुम्भसंहत्री
553
ॐ निशुम्भशुम्भसंहर्त्र्यै नमः।
Om Nishumbhashumbhasamhartryai Namah।
जो शुम्भ-निशुम्भ का संहार करने वाली हैं
रक्तबीजविनाशिनी
554
ॐ रक्तबीजविनाशिन्यै नमः।
Om Raktabijavinashinyai Namah।
जो रक्तबीज का नाश करने वाली हैं
मधुकैटभसंहर्त्री
555
ॐ मधुकैटभसंहर्त्र्यै नमः।
Om Madhukaitabhasamhartryai Namah।
जो मधु-कैटभ का अन्त करने वाली हैं
महिषासुरघातिनी
556
ॐ महिषासुरघातिन्यै नमः।
Om Mahishasuraghatinyai Namah।
जो महिषासुर का वध करने वाली हैं
वह्निमण्डलमध्यस्था
557
ॐ वह्निमण्डलमध्यस्थायै नमः।
Om Vahnimandalamadhyasthayai Namah।
जो जठराग्नि में स्थित रहने वाली हैं
सर्वसत्त्वप्रतिष्ठिता
558
ॐ सर्वसत्त्वप्रतिष्ठितायै नमः।
Om Sarvasattvapratishthitayai Namah।
जो समस्त जीवों में विद्यमान हैं
सर्वाचारवती
559
ॐ सर्वाचारवत्यै नमः।
Om Sarvacharavatyai Namah।
जो सृष्टि के समस्त कार्यों में स्थित हैं
सर्वदेवकन्याऽतिदेवता
560
ॐ सर्वदेवकन्याऽतिदेवतायै नमः।
Om Sarvadevakanyaatidevatayai Namah।
जो समस्त देवकन्याओं की पूजनीय हैं
दक्षकन्या
561
ॐ दक्षकन्यायै नमः।
Om Dakshakanyayai Namah।
जो दक्ष प्रजापति की पुत्री हैं
दक्षयज्ञनाशिनी
562
ॐ दक्षयज्ञनाशिन्यै नमः।
Om Dakshayajnanashinyai Namah।
जो दक्ष प्रजापति के यज्ञ का विध्वंस करने वाली हैं
दुर्गतारिणी
563
ॐ दुर्गतारिण्यै नमः।
Om Durgatarinyai Namah।
जो कष्टों का निवारण करने वाली हैं
इज्या
564
ॐ इज्यायै नमः।
Om Ijyayai Namah।
जो आहुति स्वरूपा हैं
पूज्या
565
ॐ पूज्यायै नमः।
Om Pujyayai Namah।
जो सम्पूर्ण जगत में पूजनीय हैं
विभा
566
ॐ विभायै नमः।
Om Vibhayai Namah।
जो अत्यन्त सुन्दर एवं अनन्त तेजपूर्ण हैं
भूति
567
ॐ भूत्यै नमः।
Om Bhutyai Namah।
जो भूमि स्वरूपा हैं
सत्कीर्ति
568
ॐ सत्कीर्त्यै नमः।
Om Satkirtyai Namah।
जो सपूर्ण सृष्टि में लोकप्रिय हैं
ब्रह्मचारिणी
569
ॐ ब्रह्मचारिण्यै नमः।
Om Brahmacharinyai Namah।
जिन्हें वेदों का ज्ञान है
रम्भोरू
570
ॐ रम्भोर्वै नमः।
Om Rambhorvai Namah।
जो रम्भा अप्सरा के रूप में विद्यमान अथवा भीषण गर्जना करने वाली हैं
चतुरा
571
ॐ चतुरायै नमः।
Om Chaturayai Namah।
जो अत्यन्त चतुर हैं
राका
572
ॐ राकायै नमः।
Om Rakayai Namah।
जो पूर्णिमा के चन्द्रमा के समान हैं
जयन्ती
573
ॐ जयन्त्यै नमः।
Om Jayantyai Namah।
जो सदैव विजयी होने वाली हैं
वरुणा
574
ॐ वरुणायै नमः।
Om Varunayai Namah।
जो नदी के रूप में स्थित हैं
कुहू
575
ॐ कुह्वै नमः।
Om Kuhvai Namah।
जो अमावस्या की रात्रि के रूप में स्थित हैं
मनस्विनी
576
ॐ मनस्विन्यै नमः।
Om Manasvinyai Namah।
जो अत्यधिक गुण एवं ज्ञान से युक्त हैं
देवमाता
577
ॐ देवमात्रे नमः।
Om Devamatre Namah।
जो देवताओं की माता हैं
यशस्या
578
ॐ यशस्यायै नमः।
Om Yashasyayai Namah।
जिन्हें अत्यन्त ख्याति एवं कीर्ति प्राप्त है
ब्रह्मवादिनी
579
ॐ ब्रह्मवादिन्यै नमः।
Om Brahmavadinyai Namah।
जो वेद की रक्षा एवं व्याख्या करने वाली हैं
सिद्धिदा
580
ॐ सिद्धिदायै नमः।
Om Siddhidayai Namah।
जो ऋद्धि (सुख-सौभाग्य) प्रदान करती हैं
वृद्धिदा
581
ॐ वृद्धिदायै नमः।
Om Vriddhidayai Namah।
जो वृद्धि (सम्वर्धन) प्रदान करती हैं
वृद्धि
582
ॐ वृद्ध्यै नमः।
Om Vriddhyai Namah।
जो स्वयं वृद्धि स्वरूपा हैं
सर्वाद्या
583
ॐ सर्वाद्यायै नमः।
Om Sarvadyayai Namah।
जो सृष्टि के आदि से उपस्थित हैं
सर्वदायिनी
584
ॐ सर्वदायिन्यै नमः।
Om Sarvadayinyai Namah।
जो सभी प्रकार की सुख-सुविधायें प्रदान करने वाली हैं
आधाररूपिणी
585
ॐ आधाररूपिण्यै नमः।
Om Adhararupinyai Namah।
जो समस्त सृष्टि के आधार के रूप में स्थित हैं
ध्येया
586
ॐ ध्येयायै नमः।
Om Dhyeyayai Namah।
जो ध्यान करने योग्य हैं
मूलाधारनिवासिनी
587
ॐ मूलाधारनिवासिन्यै नमः।
Om Muladharanivasinyai Namah।
जो मूलाधार चक्र में निवास करती हैं
आज्ञा
588
ॐ आज्ञायै नमः।
Om Ajnayai Namah।
जो आज्ञा स्वरूपा हैं
प्रज्ञा
589
ॐ प्रज्ञायै नमः।
Om Prajnayai Namah।
जो ज्ञान स्वरूपा हैं
पूर्णमना
590
ॐ पूर्णमनसे नमः।
Om Purnamanase Namah।
जो पूर्ण रूप से सन्तुष्ट हैं
चन्द्रमुखी
591
ॐ चन्द्रमुख्यै नमः।
Om Chandramukhyai Namah।
जिनका मुखमण्डल चन्द्रमा के समान है
अनुकूलिनी
592
ॐ अनुकूलिन्यै नमः।
Om Anukulinyai Namah।
जो उपकार करने वाली हैं
वावदूका
593
ॐ वावदूकायै नमः।
Om Vavadukayai Namah।
जो उत्तम वाचिका हैं
निम्ननाभि
594
ॐ निम्ननाभ्यै नमः।
Om Nimnanabhyai Namah।
जिनकी नाभि गहरी है
सत्यसन्धा
595
ॐ सत्यसन्धायै नमः।
Om Satyasandhayai Namah।
जो विश्वसनीय अथवा वचन पालन करने वाली हैं
दृढव्रता
596
ॐ दृढव्रतायै नमः।
Om Dridhavratayai Namah।
जो अपनी प्रतिज्ञा पर दृढ़ रहने वाली हैं
आन्वीक्षिकी
597
ॐ आन्वीक्षिक्यै नमः।
Om Anvikshikyai Namah।
जो तर्कशील एवं खोजी प्रवृत्ति वाली हैं
दण्डनीति
598
ॐ दण्डनीत्यै नमः।
Om Dandanityai Namah।
जो स्वयं दण्डनीति स्वरूपा हैं
त्रयी
599
ॐ त्रय्यै नमः।
Om Trayyai Namah।
जो तीन वेदों (ऋग्वेद, सामवेद एवं यजुर्वेद) के रूप में स्थित हैं
त्रिदिवसुन्दरी
600
ॐ त्रिदिवसुन्दर्यै नमः।
Om Tridivasundaryai Namah।
जो सम्पूर्ण देवलोक में सर्वाधिक रूपवती हैं
ज्वालिनी
601
ॐ ज्वालिन्यै नमः।
Om Jvalinyai Namah।
जो स्वयं अग्नि स्वरूपा हैं
ज्वलिनी
602
ॐ ज्वलिन्यै नमः।
Om Jvalinyai Namah।
जो अग्नि के समान ज्वलनशील हैं
शैलतनया
603
ॐ शैलतनयायै नमः।
Om Shailatanayayai Namah।
जो पर्वतराज हिमालय की पुत्री हैं
विन्ध्यवासिनी
604
ॐ विन्ध्यवासिन्यै नमः।
Om Vindhyavasinyai Namah।
जो विन्ध्याचल पर्वत पर निवास करती हैं
प्रत्यया
605
ॐ प्रत्ययायै नमः।
Om Pratyayayai Namah।
जो विश्वास के रूप में स्थित हैं
खेचरी
606
ॐ खेचर्यै नमः।
Om Khecharyai Namah।
जो खेचरी मुद्रा के रूप में स्थित हैं
धैर्या
607
ॐ धैर्यायै नमः।
Om Dhairyayai Namah।
जो धैर्य धारण करने वाली हैं
तुरीया
608
ॐ तुरीयायै नमः।
Om Turiyayai Namah।
जो जाग्रत, स्वप्न, सुषुप्ति अवस्था के परे हैं
विमलातुरा
609
ॐ विमलातुरायै नमः।
Om Vimalaturayai Namah।
जिन्हें शुद्धता एवं स्वच्छता प्रिय है
प्रगल्भा
610
ॐ प्रगल्भायै नमः।
Om Pragalbhayai Namah।
जो साहसी एवं आत्मविश्वासी हैं
वारुणी
611
ॐ वारुण्यै नमः।
Om Varunyai Namah।
जो वरुण देव की शक्ति हैं
क्षामा
612
ॐ क्षामायै नमः।
Om Kshamayai Namah।
जिनका शरीर दुर्बल है
दर्शिनी
613
ॐ दर्शिन्यै नमः।
Om Darshinyai Namah।
जो दर्शन करने योग्य हैं
विस्फुलिङ्गिनी
614
ॐ विस्फुलिङ्गिन्यै नमः।
Om Visphulinginyai Namah।
जो अग्नि किरणों के समान हैं
भक्ति
615
ॐ भक्त्यै नमः।
Om Bhaktyai Namah।
जो अत्यन्त निष्ठा से युक्त हैं
सिद्धि
616
ॐ सिद्ध्यै नमः।
Om Siddhyai Namah।
जो स्वयं सिद्धि स्वरूपा हैं
सदाप्राप्ति
617
ॐ सदाप्राप्त्यै नमः।
Om Sadapraptyai Namah।
जो किसी भी स्थान पर प्रकट हो सकती हैं
प्रकाम्या
618
ॐ प्रकाम्यायै नमः।
Om Prakamyayai Namah।
जो अप्रतिरोध्य कामना वाली हैं
महिमा
619
ॐ महिम्ने नमः।
Om Mahimne Namah।
जो अपने शरीर का आकार अनन्त गुना बढ़ा सकती हैं
अणिमा
620
ॐ अणिम्ने नमः।
Om Animne Namah।
जो अपने शरीर का आकार अणु के समान घटा सकती हैं
ईक्षा
621
ॐ ईक्षायै नमः।
Om Ikshayai Namah।
जो सृष्टि के समस्त क्रियाकलाप देख रही हैं
सिद्धि
622
ॐ सिद्ध्यै नमः।
Om Siddhyai Namah।
जो स्वयं सिद्धि स्वरूपा हैं
वशित्वा
623
ॐ वशित्वायै नमः।
Om Vashitvayai Namah।
जो किसी को भी वश में कर सकती हैं
ईशित्वा
624
ॐ ईशित्वायै नमः।
Om Ishitvayai Namah।
जिनका प्रत्येक जीव-निर्जीव पर पूर्ण अधिकार है
ऊर्ध्वनिवासिनी
625
ॐ ऊर्ध्वनिवासिन्यै नमः।
Om Urdhvanivasinyai Namah।
जो सर्वोच्च स्थान पर निवास करती हैं
लघिमा
626
ॐ लघिम्ने नमः।
Om Laghimne Namah।
जो अपने शरीर का भार वायु से भी हल्का कर सकती हैं
सावित्री
627
ॐ सावित्र्यै नमः।
Om Savitryai Namah।
जो सावित्री स्वरूपा हैं
गायत्री
628
ॐ गायत्र्यै नमः।
Om Gayatryai Namah।
जो गायत्री स्वरूपा हैं
भुवनेश्वरी
629
ॐ भुवनेश्वर्यै नमः।
Om Bhuvaneshvaryai Namah।
जो 14 भुवनों की स्वामिनी हैं
मनोहरा
630
ॐ मनोहरायै नमः।
Om Manoharayai Namah।
जो मन को हरने वाली हैं
चिता
631
ॐ चितायै नमः।
Om Chitayai Namah।
जो चिता के रूप में स्थित हैं
दिव्या
632
ॐ दिव्यायै नमः।
Om Divyayai Namah।
जो अत्यन्त दिव्य हैं
देव्युदारा
633
ॐ देव्युदारायै नमः।
Om Devyudarayai Namah।
जो दिव्य एवं उदार हैं
मनोरमा
634
ॐ मनोरमायै नमः।
Om Manoramayai Namah।
जो आकर्षक हैं
पिङ्गला
635
ॐ पिङ्गलायै नमः।
Om Pingalayai Namah।
जो पिङ्गला नाड़ी के रूप में स्थित हैं
कपिला
636
ॐ कपिलायै नमः।
Om Kapilayai Namah।
जो भूरे रंग की हैं
जिह्वा
637
ॐ जिह्वायै नमः।
Om Jihvayai Namah।
जो स्वयं जिह्वा के रूप में स्थित हैं
रसज्ञा
638
ॐ रसज्ञायै नमः।
Om Rasajnayai Namah।
जो समस्त रसों (मधुर, अम्ल, लवण, कटु, कषाय, तिक्त ) को जानने वाली हैं
रसिका
639
ॐ रसिकायै नमः।
Om Rasikayai Namah।
जिन्हें रस प्रिय हैं
रसा
640
ॐ रसायै नमः।
Om Rasayai Namah।
जो स्वयं रस के रूप में स्थित हैं
सुषुम्नेडायोगवती
641
ॐ सुषुम्नेडायोगवत्यै नमः।
Om Sushumnedayogavatyai Namah।
जो सुषुम्ना नाड़ी के रूप में स्थित हैं
गान्धारी
642
ॐ गान्धार्यै नमः।
Om Gandharyai Namah।
जो गान्धारी स्वरूपा हैं
नवकान्तका
643
ॐ नवकान्तकायै नमः।
Om Navakantakayai Namah।
जो नवीन कान्ति धारण किये हुये हैं
पाञ्चालीरुक्मिणीराधाराध्या
644
ॐ पाञ्चालीरुक्मिणीराधाराध्यायै नमः।
Om Panchalirukminiradharadhyayai Namah।
जो पाञ्चाली, रुक्मिणी एवं राधा की आराध्या देवी हैं
भीमा
645
ॐ भीमायै नमः।
Om Bhimayai Namah।
जो विशालकाय हैं
राधिका
646
ॐ राधिकायै नमः।
Om Radhikayai Namah।
जो राधिका स्वरूपा हैं
अमृता
647
ॐ अमृतायै नमः।
Om Amritayai Namah।
जो अमृत स्वरूपा हैं
तुलसीबृन्दा
648
ॐ तुलसीबृन्दायै नमः।
Om Tulasibrindayai Namah।
जो तुलसी स्वरूपा हैं
कैटभी
649
ॐ कैटभ्यै नमः।
Om Kaitabhyai Namah।
जो कैटभ नामक राक्षस का अन्त करने वाली हैं
कपटेश्वरी
650
ॐ कपटेश्वर्यै नमः।
Om Kapateshvaryai Namah।
जो छल-कपट आदि की देवी हैं
उग्रचण्डेश्वरी
651
ॐ उग्रचण्डेश्वर्यै नमः।
Om Ugrachandeshvaryai Namah।
जो उग्र एवं आक्रामक हैं
वीरजननी
652
ॐ वीरजनन्यै नमः।
Om Virajananyai Namah।
जो वीर को जन्म देने वाली हैं
वीरसुन्दरी
653
ॐ वीरसुन्दर्यै नमः।
Om Virasundaryai Namah।
जो अत्यन्त बल एवं सुन्दर रूप से युक्त हैं
उग्रतारा
654
ॐ उग्रतारायै नमः।
Om Ugratarayai Namah।
जो देवी उग्रतारा के रूप में विराजमान हैं
यशोदाख्या
655
ॐ यशोदाख्यायै नमः।
Om Yashodakhyayai Namah।
जो माता यशोदा के समान हैं
देवकी
656
ॐ देवक्यै नमः।
Om Devakyai Namah।
जो देवकी स्वरूपा हैं
देवमानिता
657
ॐ देवमानितायै नमः।
Om Devamanitayai Namah।
समस्त देव जिनका सम्मान करते हैं
निरञ्जना
658
ॐ निरञ्जनायै नमः।
Om Niranjanayai Namah।
जो दोषरहित हैं
चित्रदेवी
659
ॐ चित्रदेव्यै नमः।
Om Chitradevyai Namah।
जो देवी सरस्वती का रूप हैं
क्रोधिनी
660
ॐ क्रोधिन्यै नमः।
Om Krodhinyai Namah।
जो अत्यन्त क्रोधित हैं
कुलदीपिका
661
ॐ कुलदीपिकायै नमः।
Om Kuladipikayai Namah।
जो देवगणों में सर्वोत्तम हैं
कुलरागीश्वरी
662
ॐ कुलरागीश्वर्यै नमः।
Om Kularagishvaryai Namah।
जो कुल से प्रेम करने वाली हैं
ज्वाला
663
ॐ ज्वालायै नमः।
Om Jvalayai Namah।
जो स्वयं ज्वाला स्वरूपा हैं
मात्रिका
664
ॐ मात्रिकायै नमः।
Om Matrikayai Namah।
जो मातृका के रूप में विराजित हैं
द्राविणी
665
ॐ द्राविण्यै नमः।
Om Dravinyai Namah।
जो स्थिर हैं
द्रवा
666
ॐ द्रवायै नमः।
Om Dravayai Namah।
जो द्रव के रूप में स्थित हैं
योगीश्वरी
667
ॐ योगीश्वर्यै नमः।
Om Yogishvaryai Namah।
जो योगियों की देवी हैं
महामारी
668
ॐ महामार्यै नमः।
Om Mahamaryai Namah।
जो महामारी के रूप में स्थित हैं
भ्रामरी
669
ॐ भ्रामर्यै नमः।
Om Bhramaryai Namah।
जो भ्रामरी प्राणायाम में स्थित हैं
बिन्दुरूपिणी
670
ॐ बिन्दुरूपिण्यै नमः।
Om Bindurupinyai Namah।
जो बिन्दु स्वरूपा हैं
दूती
671
ॐ दूत्यै नमः।
Om Dutyai Namah।
जो दूती हैं
प्राणेश्वरी
672
ॐ प्राणेश्वर्यै नमः।
Om Praneshvaryai Namah।
जो समस्त प्राणियों की देवी हैं
गुप्ता
673
ॐ गुप्तायै नमः।
Om Guptayai Namah।
जो अत्यधिक गोपनीय हैं
बहुला
674
ॐ बहुलायै नमः।
Om Bahulayai Namah।
जो सम्पूर्ण जगत में व्याप्त हैं
डामरी
675
ॐ डामर्यै नमः।
Om Damaryai Namah।
जो भगवान शिव का अनुचरण करने वाली हैं
प्रभा
676
ॐ प्रभायै नमः।
Om Prabhayai Namah।
जो प्रकाशित हैं
कुब्जिका
677
ॐ कुब्जिकायै नमः।
Om Kubjikayai Namah।
जो 8 वर्षीय बालिका के रूप में स्थित हैं
ज्ञानिनी
678
ॐ ज्ञानिन्यै नमः।
Om Jnaninyai Namah।
जो ज्ञान से परिपूर्ण हैं
ज्येष्ठा
679
ॐ ज्येष्ठायै नमः।
Om Jyeshthayai Namah।
जो वरिष्ठा हैं
भुशुण्डी
680
ॐ भुशुण्ड्यै नमः।
Om Bhushundyai Namah।
जो आग्नेयास्त्र के रूप में स्थित हैं
प्रकटाकृति
681
ॐ प्रकटाकृत्यै नमः।
Om Prakatakrityai Namah।
जो प्रकट रूप से उपस्थित हैं
द्राविणी
682
ॐ द्राविण्यै नमः।
Om Dravinyai Namah।
जो धन-सम्पत्ति स्वरूपा हैं
गोपिनी
683
ॐ गोपिन्यै नमः।
Om Gopinyai Namah।
जो अत्यन्त गोपनीय हैं
मायाकामबीजेश्वरी
684
ॐ मायाकामबीजेश्वर्यै नमः।
Om Mayakamabijeshvaryai Namah।
जो माया एवं काम से परे हैं
प्रिया
685
ॐ प्रियायै नमः।
Om Priyayai Namah।
जो प्रिय हैं
शाकम्भरी
686
ॐ शाकम्भर्यै नमः।
Om Shakambharyai Namah।
जो शाक-सब्जियों की देवी हैं
कोकनदा
687
ॐ कोकनदायै नमः।
Om Kokanadayai Namah।
जो लाल कमलपुष्प के समान हैं
सुसत्या
688
ॐ सुसत्यायै नमः।
Om Susatyayai Namah।
जो एक मधुर सत्य के रूप में स्थित हैं
तिलोत्तमा
689
ॐ तिलोत्तमायै नमः।
Om Tilottamayai Namah।
जो अप्सराओं का प्रतिनिधित्व करती हैं
अमेया
690
ॐ अमेयायै नमः।
Om Ameyayai Namah।
जो महान एवं उदार हैं
विक्रमा
691
ॐ विक्रमायै नमः।
Om Vikramayai Namah।
जो वीर एवं पराक्रमी हैं
क्रूरा
692
ॐ क्रूरायै नमः।
Om Krurayai Namah।
जो क्रूर हैं
सम्यक्छीला
693
ॐ सम्यक्छीलायै नमः।
Om Samyakchhilayai Namah।
जो यथायोग्य दण्ड देने वाली हैं
त्रिविक्रमा
694
ॐ त्रिविक्रमायै नमः।
Om Trivikramayai Namah।
जो तीनों लोकों पर विजय प्राप्त करने वाली हैं
स्वस्ति
695
ॐ स्वस्त्यै नमः।
Om Svastyai Namah।
जो शुभ एवं कल्याण स्वरूपा हैं
हव्यवहा
696
ॐ हव्यवहायै नमः।
Om Havyavahayai Namah।
जो हवन की अग्नि के रूप में विद्यमान हैं
प्रीतिरुक्मा
697
ॐ प्रीतिरुक्मायै नमः।
Om Pritirukmayai Namah।
जिन्हें स्वर्णाभूषण प्रिय हैं
धूम्रार्चिरङ्गदा
698
ॐ धूम्रार्चिरङ्गदायै नमः।
Om Dhumrarchirangadayai Namah।
जो धूम्र वर्ण वाली हैं
तपिनी
699
ॐ तपिन्यै नमः।
Om Tapinyai Namah।
जो सदैव तप में लीन रहती हैं
तापिनी
700
ॐ तापिन्यै नमः।
Om Tapinyai Namah।
जो ताप उत्पन्न करती हैं
विश्वभोगदा
701
ॐ विश्वभोगदायै नमः।
Om Vishvabhogadayai Namah।
जो संसार के विभिन्न भोग प्रदान करने वाली हैं
धरणीधरा
702
ॐ धरणीधरायै नमः।
Om Dharanidharayai Namah।
जो पृथ्वी को धारण करने वाली हैं
त्रिखण्डा
703
ॐ त्रिखण्डायै नमः।
Om Trikhandayai Namah।
जो तीनों खण्डों में निवास करने वाली हैं
रोधिनी
704
ॐ रोधिन्यै नमः।
Om Rodhinyai Namah।
जो अवरोध उत्पन्न करने वाली हैं
वश्या
705
ॐ वश्यायै नमः।
Om Vashyayai Namah।
जो अधीन करने वाली हैं
सकला
706
ॐ सकलायै नमः।
Om Sakalayai Namah।
जो सम्पूर्ण सृष्टि स्वरूपा हैं
शब्दरूपिणी
707
ॐ शब्दरूपिण्यै नमः।
Om Shabdarupinyai Namah।
जो शब्द के रूप में स्थित हैं
बीजरूपा
708
ॐ बीजरूपायै नमः।
Om Bijarupayai Namah।
जो बीज मन्त्र के रूप में स्थित हैं
महामुद्रा
709
ॐ महामुद्रायै नमः।
Om Mahamudrayai Namah।
जो योग महामुद्रा के रूप में स्थित हैं
वशिनी
710
ॐ वशिन्यै नमः।
Om Vashinyai Namah।
जो वश में करने वाली हैं
योगरूपिणी
711
ॐ योगरूपिण्यै नमः।
Om Yogarupinyai Namah।
जो योनि के रूप में स्थित हैं
अनङ्गकुसुमा
712
ॐ अनङ्गकुसुमायै नमः।
Om Anangakusumayai Namah।
जो कामदेव के पुष्प के समान सुन्दर हैं
अनङ्गमेखला
713
ॐ अनङ्गमेखलायै नमः।
Om Anangamekhalayai Namah।
जो कामदेव को मेखला के रूप में धारण करती हैं
अनङ्गरूपिणी
714
ॐ अनङ्गरूपिण्यै नमः।
Om Anangarupinyai Namah।
जो स्वयं कामदेव के रूप में विराजमान हैं
अनङ्गमदना
715
ॐ अनङ्गमदनायै नमः।
Om Anangamadanayai Namah।
जो काम का मान-मर्दन करने वाली हैं
अनङ्गरेखा
716
ॐ अनङ्गरेखायै नमः।
Om Anangarekhayai Namah।
जो कामदेव की भाँति रूप वाली हैं
अनङ्गाङ्कुशेश्वरी
717
ॐ अनङ्गाङ्कुशेश्वर्यै नमः।
Om Anangankusheshvaryai Namah।
जिनके समस्त अङ्ग कमल पुष्प के समान हैं
अनङ्गमालिनी
718
ॐ अनङ्गमालिन्यै नमः।
Om Anangamalinyai Namah।
जो कामदेव को माला के रूप में धारण करने वाली हैं
कामेश्वरी
719
ॐ कामेश्वर्यै नमः।
Om Kameshvaryai Namah।
जो कामदेव के लिये पूजनीय हैं
सर्वार्थसाधिका
720
ॐ सर्वार्थसाधिकायै नमः।
Om Sarvarthasadhikayai Namah।
जो समस्त मनोरथ सिद्ध करने वाली हैं
सर्वतन्त्रमयी
721
ॐ सर्वतन्त्रमय्यै नमः।
Om Sarvatantramayyai Namah।
जो समस्त प्रकार के तन्त्रों में वास करती हैं
सर्वमोदिनी
722
ॐ सर्वमोदिन्यै नमः।
Om Sarvamodinyai Namah।
जो आनन्द प्रदान करती हैं
आनन्दरूपिणी
723
ॐ आनन्दरूपिण्यै नमः।
Om Anandarupinyai Namah।
जो स्वयं आनन्द स्वरूपा हैं
वज्रेश्वरी
724
ॐ वज्रेश्वर्यै नमः।
Om Vajreshvaryai Namah।
जो वज्र से अधिक शक्तिशालिनी हैं
जयिनी
725
ॐ जयिन्यै नमः।
Om Jayinyai Namah।
जो विजय के लिये आतुर हैं
सर्वदुःखक्षयङ्करी
726
ॐ सर्वदुःखक्षयङ्कर्यै नमः।
Om Sarvaduhkhakshayankaryai Namah।
जो समस्त दुखों का नाश करने वाली हैं
षडङ्गयुवती
727
ॐ षडङ्गयुवत्यै नमः।
Om Shadangayuvatyai Namah।
जो छः वेदांग (शिक्षा, कल्प, व्याकरण, ज्योतिष, छन्द, निरुक्त) से युक्त हैं
योगयुक्ता
728
ॐ योगयुक्तायै नमः।
Om Yogayuktayai Namah।
जो ध्यान योग में लीन हैं
ज्वालांशुमालिनी
729
ॐ ज्वालांशुमालिन्यै नमः।
Om Jvalamshumalinyai Namah।
जो ज्वाला को माला के रूप में धारण करने वाली हैं
दुराशया
730
ॐ दुराशयायै नमः।
Om Durashayayai Namah।
जो सूक्ष्म शरीर के रूप में स्थित हैं
दुराधारा
731
ॐ दुराधारायै नमः।
Om Duradharayai Namah।
जिनका मार्ग कोई नहीं रोक सकता
दुर्जया
732
ॐ दुर्जयायै नमः।
Om Durjayayai Namah।
जिन्हें पराजित करना असम्भव है
दुर्गरूपिणी
733
ॐ दुर्गरूपिण्यै नमः।
Om Durgarupinyai Namah।
जो देवी दुर्गा के रूप में विराजमान हैं
दुरन्ता
734
ॐ दुरन्तायै नमः।
Om Durantayai Namah।
जो अनन्त-असीम हैं
दुष्कृतिहरा
735
ॐ दुष्कृतिहरायै नमः।
Om Dushkritiharayai Namah।
जो पाप कर्मों को हरने वाली हैं
दुर्ध्येया
736
ॐ दुर्ध्येयायै नमः।
Om Durdhyeyayai Namah।
जिन पर ध्यान केन्द्रित करना अथवा जिन्हें ध्यान में स्थित करना दुर्लभ है
दुरतिक्रमा
737
ॐ दुरतिक्रमायै नमः।
Om Duratikramayai Namah।
जो सदा विजयी हैं
हंसेश्वरी
738
ॐ हंसेश्वर्यै नमः।
Om Hamseshvaryai Namah।
जो परम पिता परमात्मा की देवी हैं
त्रिलोकस्था
739
ॐ त्रिलोकस्थायै नमः।
Om Trilokasthayai Namah।
जो तीनों लोकों में स्थित हैं
शाकम्भरी
740
ॐ शाकम्भर्यै नमः।
Om Shakambharyai Namah।
जो शाक-सब्जियों की देवी हैं
अनुरागिणी
741
ॐ अनुरागिण्यै नमः।
Om Anuraginyai Namah।
जो राग रूप में स्थित हैं
त्रिकोणनिलया
742
ॐ त्रिकोणनिलयायै नमः।
Om Trikonanilayayai Namah।
जो त्रिचक्र (त्रिकोण) में निवास करने वाली हैं
नित्या
743
ॐ नित्यायै नमः।
Om Nityayai Namah।
जो शाश्वत हैं
परमामृतरञ्जिता
744
ॐ परमामृतरञ्जितायै नमः।
Om Paramamritaranjitayai Namah।
जो परम अमृत स्वरूपा हैं
महाविद्येश्वरी
745
ॐ महाविद्येश्वर्यै नमः।
Om Mahavidyeshvaryai Namah।
जो महाविद्याओं की देवी हैं
श्वेता
746
ॐ श्वेतायै नमः।
Om Shvetayai Namah।
जो श्वेत वर्ण वाली हैं
भेरुण्डा
747
ॐ भेरुण्डायै नमः।
Om Bherundayai Namah।
जो विकट भयंकर हैं
कुलसुन्दरी
748
ॐ कुलसुन्दर्यै नमः।
Om Kulasundaryai Namah।
जो देवकुल में सर्वाधिक सुन्दर हैं
त्वरिता
749
ॐ त्वरितायै नमः।
Om Tvaritayai Namah।
जो शीघ्रता से कार्य करती हैं
भक्तिसंयुक्ता
750
ॐ भक्तिसंयुक्तायै नमः।
Om Bhaktisamyuktayai Namah।
जो भक्ति स्वरूपा हैं
भक्तिवश्या
751
ॐ भक्तिवश्यायै नमः।
Om Bhaktivashyayai Namah।
जो भक्ति के वश में हैं
सनातनी
752
ॐ सनातन्यै नमः।
Om Sanatanyai Namah।
जिनका न आदि है न अन्त है
भक्तानन्दमयी
753
ॐ भक्तानन्दमय्यै नमः।
Om Bhaktanandamayyai Namah।
जो भक्तों के आनन्द में लीन हैं
भक्तभाविता
754
ॐ भक्तभावितायै नमः।
Om Bhaktabhavitayai Namah।
जो भक्तों के भाव में स्थित हैं
भक्तशङ्करी
755
ॐ भक्तशङ्कर्यै नमः।
Om Bhaktashankaryai Namah।
जो भक्तों का कल्याण करने वाली हैं
सर्वसौन्दर्यनिलया
756
ॐ सर्वसौन्दर्यनिलयायै नमः।
Om Sarvasaundaryanilayayai Namah।
समस्त प्रकार के सौन्दर्य जिनमें समाहित हैं
सर्वसौभाग्यशालिनी
757
ॐ सर्वसौभाग्यशालिन्यै नमः।
Om Sarvasaubhagyashalinyai Namah।
समस्त प्रकार के सौभाग्य जिनमें समाहित हैं
सर्वसम्भोगभवना
758
ॐ सर्वसम्भोगभवनायै नमः।
Om Sarvasambhogabhavanayai Namah।
जो समस्त प्रकार के भोगों की स्वामिनी हैं
सर्वसौख्यानुरूपिणी
759
ॐ सर्वसौख्यानुरूपिण्यै नमः।
Om Sarvasaukhyanurupinyai Namah।
जो समस्त प्रकार के सुखों के रूप में स्थित हैं
कुमारीपूजनरता
760
ॐ कुमारीपूजनरतायै नमः।
Om Kumaripujanaratayai Namah।
जो कुमारी पूजन से प्रसन्न होने वाली हैं
कुमारीव्रतचारिणी
761
ॐ कुमारीव्रतचारिण्यै नमः।
Om Kumarivratacharinyai Namah।
जो कुमारी व्रत का पालन करती हैं
कुमारीभक्तिसुखिनी
762
ॐ कुमारीभक्तिसुखिन्यै नमः।
Om Kumaribhaktisukhinyai Namah।
जिन्हें कुमारी भक्ति से सुख प्राप्त होता है
कुमारीरूपधारिणी
763
ॐ कुमारीरूपधारिण्यै नमः।
Om Kumarirupadharinyai Namah।
जो कुमारी का रूप धारण करने वाली हैं
कुमारीपूजकप्रीता
764
ॐ कुमारीपूजकप्रीतायै नमः।
Om Kumaripujakapritayai Namah।
जिन्हें देवी पूजन करने वाले प्रिय हैं
कुमारीप्रीतिदप्रिया
765
ॐ कुमारीप्रीतिदप्रियायै नमः।
Om Kumaripritidapriyayai Namah।
जिन्हें शक्ति के उपासक प्रिय हैं
कुमारीसेवकासङ्गा
766
ॐ कुमारीसेवकासङ्गायै नमः।
Om Kumarisevakasangayai Namah।
जो देवी के भक्तों के साथ रहती हैं
कुमारीसेवकालया
767
ॐ कुमारीसेवकालयायै नमः।
Om Kumarisevakalayayai Namah।
जो देवी सेवकों को आश्रय प्रदान करने वाली हैं
आनन्दभैरवी
768
ॐ आनन्दभैरव्यै नमः।
Om Anandabhairavyai Namah।
जो आनन्द प्रदान करने वाली हैं
बालभैरवी
769
ॐ बालभैरव्यै नमः।
Om Balabhairavyai Namah।
जो बालिका रूप में विराजमान हैं
वटुभैरवी
770
ॐ वटुभैरव्यै नमः।
Om Vatubhairavyai Namah।
जो युवती के रूप में विराजमान हैं
श्मशानभैरवी
771
ॐ श्मशानभैरव्यै नमः।
Om Shmashanabhairavyai Namah।
जो श्मशान में निवास करती हैं
कालभैरवी
772
ॐ कालभैरव्यै नमः।
Om Kalabhairavyai Namah।
जो काल (समय अथवा मृत्यु) की देवी हैं
पुरभैरवी
773
ॐ पुरभैरव्यै नमः।
Om Purabhairavyai Namah।
जो समस्त पुरों (नगरों) की देवी हैं
महाभैरवपत्नी
774
ॐ महाभैरवपत्न्यै नमः।
Om Mahabhairavapatnyai Namah।
जो महाभैरव (शिव जी) की धर्मपत्नी हैं
परमानन्दभैरवी
775
ॐ परमानन्दभैरव्यै नमः।
Om Paramanandabhairavyai Namah।
जो परम आनन्द प्रदान करने वाली देवी हैं
सुरानन्दभैरवी
776
ॐ सुरानन्दभैरव्यै नमः।
Om Suranandabhairavyai Namah।
जो देवताओं को आनन्द प्रदान करने वाली देवी हैं
उन्मदानन्दभैरवी
777
ॐ उन्मदानन्दभैरव्यै नमः।
Om Unmadanandabhairavyai Namah।
जो उन्माद में रहने वाली देवी हैं
यज्ञानन्दभैरवी
778
ॐ यज्ञानन्दभैरव्यै नमः।
Om Yajnanandabhairavyai Namah।
जो यज्ञ से आनन्दित होने वाली देवी हैं
तरुणभैरवी
779
ॐ तरुणभैरव्यै नमः।
Om Tarunabhairavyai Namah।
जो चिर-यौवना देवी हैं
ज्ञानानन्दभैरवी
780
ॐ ज्ञानानन्दभैरव्यै नमः।
Om Jnananandabhairavyai Namah।
जो ज्ञान प्रदान करने वाली देवी हैं
अमृतानन्दभैरवी
781
ॐ अमृतानन्दभैरव्यै नमः।
Om Amritanandabhairavyai Namah।
जो अमृत स्वरूपा देवी हैं
महाभयङ्करी
782
ॐ महाभयङ्कर्यै नमः।
Om Mahabhayankaryai Namah।
जो अति प्रचण्ड हैं
तीव्रा
783
ॐ तीव्रायै नमः।
Om Tivrayai Namah।
जो वेग स्वरूपा हैं
तीव्रवेगा
784
ॐ तीव्रवेगायै नमः।
Om Tivravegayai Namah।
जो तीव्र वेग (गति) वाली हैं
तरस्विनी
785
ॐ तरस्विन्यै नमः।
Om Tarasvinyai Namah।
जो भगवान शिव की अर्धाङ्गिनी हैं
त्रिपुरापरमेशानी
786
ॐ त्रिपुरापरमेशान्यै नमः।
Om Tripuraparameshanyai Namah।
जो त्रिपुर (सोने, चाँदी, लोहे के तीन नगर) की देवी हैं
सुन्दरी
787
ॐ सुन्दर्यै नमः।
Om Sundaryai Namah।
जो रूपवती हैं
पुरसुन्दरी
788
ॐ पुरसुन्दर्यै नमः।
Om Purasundaryai Namah।
जो समस्त लोकों में सर्वाधिक सुन्दर हैं
त्रिपुरेशी
789
ॐ त्रिपुरेश्यै नमः।
Om Tripureshyai Namah।
जो त्रिपुर की स्वामिनी हैं
पञ्चदशी
790
ॐ पञ्चदश्यै नमः।
Om Panchadashyai Namah।
जो अमावस्या स्वरूपा हैं
पञ्चमी
791
ॐ पञ्चम्यै नमः।
Om Panchamyai Namah।
जो पञ्चमी स्वरूपा हैं
पुरवासिनी
792
ॐ पुरवासिन्यै नमः।
Om Puravasinyai Namah।
जो त्रिपुर में निवास करती हैं
महासप्तदशी
793
ॐ महासप्तदश्यै नमः।
Om Mahasaptadashyai Namah।
जो महासप्तदशी के रूप में स्थित हैं
षोडशी
794
ॐ षोडश्यै नमः।
Om Shodashyai Namah।
जो षोडशी के रूप में स्थित हैं
त्रिपुरेश्वरी
795
ॐ त्रिपुरेश्वर्यै नमः।
Om Tripureshvaryai Namah।
जो त्रिपुर की आराध्या देवी हैं
महाङ्कुशस्वरूपा
796
ॐ महाङ्कुशस्वरूपायै नमः।
Om Mahankushasvarupayai Namah।
जो नियन्त्रित करने वाली हैं
महाचक्रेश्वरी
797
ॐ महाचक्रेश्वर्यै नमः।
Om Mahachakreshvaryai Namah।
जो महाचक्र की अधिष्ठात्री हैं
नवचक्रेश्वरी
798
ॐ नवचक्रेश्वर्यै नमः।
Om Navachakreshvaryai Namah।
जो नव-चक्रों की अधिष्ठात्री हैं
चक्रेश्वरी
799
ॐ चक्रेश्वर्यै नमः।
Om Chakreshvaryai Namah।
जो समस्त चक्रों की अधिष्ठात्री हैं
त्रिपुरमालिनी
800
ॐ त्रिपुरमालिन्यै नमः।
Om Tripuramalinyai Namah।
जो त्रिपुरों को माला के रूप में धारण करने वाली हैं
राजचक्रेश्वरी
801
ॐ राजचक्रेश्वर्यै नमः।
Om Rajachakreshvaryai Namah।
जो राजा के रथ चक्र की देवी हैं
राज्ञी
802
ॐ राज्ञ्यै नमः।
Om Rajnyai Namah।
जो सपूर्ण ब्रह्माण्ड पर राज्य करने वाली हैं
महात्रिपुरसुन्दरी
803
ॐ महात्रिपुरसुन्दर्यै नमः।
Om Mahatripurasundaryai Namah।
जो तीनों लोकों में सर्वाधिक सुन्दर हैं
सिन्दूरपूररुचिरा
804
ॐ सिन्दूरपूररुचिरायै नमः।
Om Sindurapuraruchirayai Namah।
जिन्हें लाल रंग प्रिय है
श्रीमत्त्रिपुरसुन्दरी
805
ॐ श्रीमत्त्रिपुरसुन्दर्यै नमः।
Om Shrimattripurasundaryai Namah।
जो तीनों लोकों में सम्मानीय एवं पूजनीय हैं
सर्वाङ्गसुन्दरी
806
ॐ सर्वाङ्गसुन्दर्यै नमः।
Om Sarvangasundaryai Namah।
जिनके समस्त अङ्ग सुन्दर हैं
रक्तारक्तवस्त्रोत्तरीयका
807
ॐ रक्तारक्तवस्त्रोत्तरीयकायै नमः।
Om Raktaraktavastrottariyakayai Namah।
जो रक्तरञ्जित वस्त्र धारण करती हैं
यवायावकसिन्दूररक्तचन्दनधारिणी
808
ॐ यवायावकसिन्दूररक्तचन्दनधारिण्यै नमः।
Om Yavayavakasinduraraktachandanadharinyai Namah।
जो महावर एवं रक्तचन्दन धारण करती हैं
यवायावकसिन्दूररक्तचन्दनरूपधृक्
809
ॐ यवायावकसिन्दूररक्तचन्दनरूपधृषे नमः।
Om Yavayavakasinduraraktachandanarupadhrishe Namah।
जो स्वयं महावर एवं रक्त चन्दन के रूप में स्थित हैं
चमरीवालकुटिला
810
ॐ चमरीवालकुटिलायै नमः।
Om Chamarivalakutilayai Namah।
जिनके केश सुरा गाय की पूँछ के समान हैं
निर्मलश्यामकेशिनी
811
ॐ निर्मलश्यामकेशिन्यै नमः।
Om Nirmalashyamakeshinyai Namah।
जिनके केश स्वच्छ एवं काले हैं
वज्रमौक्तिकरत्नाढ्या
812
ॐ वज्रमौक्तिकरत्नाढ्यायै नमः।
Om Vajramauktikaratnadhyayai Namah।
जो हीरे, मोती एवं रत्नों से अलंकृत हैं
किरीटकुण्डलोज्ज्वला
813
ॐ किरीटकुण्डलोज्ज्वलायै नमः।
Om Kiritakundalojjvalayai Namah।
जो सुन्दर मुकुट धारण किये हुये अथवा सुन्दर कुण्डल धारण किये हुये हैं
रत्नकुण्डलसंयुक्ता
814
ॐ रत्नकुण्डलसंयुक्तायै नमः।
Om Ratnakundalasamyuktayai Namah।
जो रत्नजड़ित कुण्डल धारण किये हुये हैं
स्फुरद्गण्डमनोरमा
815
ॐ स्फुरद्गण्डमनोरमायै नमः।
Om Sphuradgandamanoramayai Namah।
जिनसे अति मनमोहक सुगन्ध आती है
कुञ्जरेश्वरकुम्भोत्थमुक्तारञ्जितनासिका
816
ॐ कुञ्जरेश्वरकुम्भोत्थमुक्तारञ्जितनासिकायै नमः।
Om Kunjareshvarakumbhotthamuktaranjitanasikayai Namah।
जिनकी नासिका मोतियों से सुशोभित है
मुक्ताविद्रुममाणिक्यहीराढ्यस्तनमण्डला
817
ॐ मुक्ताविद्रुममाणिक्यहीराढ्यस्तनमण्डलायै नमः।
Om Muktavidrumamanikyahiradhyastanamandalayai Namah।
जिनके वक्षस्थल पर मूँगा-मोती जड़ित हार सुशोभित है
सूर्यकान्तेन्दुकान्ताढ्या
818
ॐ सूर्यकान्तेन्दुकान्ताढ्यायै नमः।
Om Suryakantendukantadhyayai Namah।
जिनकी कान्ति सूर्य के तेज के समान है
स्पर्शाश्मगलभूषणा
819
ॐ स्पर्शाश्मगलभूषणायै नमः।
Om Sparshashmagalabhushanayai Namah।
जिनके कण्ठ पर पन्ना रत्न सुशोभित है
बीजपूरस्फुरद्बीजदन्तपंक्ति
820
ॐ बीजपूरस्फुरद्बीजदन्तपङ्क्तये नमः।
Om Bijapurasphuradbijadantapanktaye Namah।
जिनके कम्पित ओष्ठों के मध्य से दाँत चमक रहे हैं
अनुत्तमा
821
ॐ अनुत्तमायै नमः।
Om Anuttamayai Namah।
जो अतुलनीय रूप से सर्वश्रेष्ठ हैं
कामकोदण्डकाभग्नभ्रूकटाक्षप्रवर्षिणी
822
ॐ कामकोदण्डकाभग्नभ्रूकटाक्षप्रवर्षिण्यै नमः।
Om Kamakodandakabhagnabhrukatakshapravarshinyai Namah।
जो अपनी वक्र भृकुटी एवं दृष्टि से काम की वर्षा करती हैं
मातङ्गकुम्भवक्षोजा
823
ॐ मातङ्गकुम्भवक्षोजायै नमः।
Om Matangakumbhavakshojayai Namah।
जिनका वक्षस्थल हाथी के समान विशाल है
लसत्कनकदक्षिणा
824
ॐ लसत्कनकदक्षिणायै नमः।
Om Lasatkanakadakshinayai Namah।
जो दक्षिण दिशा में स्वर्णमयी तेज के साथ प्रकाशित होती हैं
मनोज्ञशष्कुलीकर्णा
825
ॐ मनोज्ञशष्कुलीकर्णायै नमः।
Om Manojnashashkulikarnayai Namah।
जिनके कान सुन्दर एवं विशाल हैं
हंसीगतिविडम्बिनी
826
ॐ हंसीगतिविडम्बिन्यै नमः।
Om Hamsigatividambinyai Namah।
जिनकी चाल हंस के समान है
पद्मरागाङ्गदद्योतद्दोश्चतुष्कप्रकाशिनी
827
ॐ पद्मरागाङ्गदद्योतद्दोश्चतुष्कप्रकाशिन्यै नमः।
Om Padmaragangadadyotaddoshchatushkaprakashinyai Namah।
जिनके कमल वर्ण शरीर की आभा से चारों दिशायें प्रकाशित हैं
कर्पूरागरुकस्तूरीकुङ्कुमद्रवलेपिता
828
ॐ कर्पूरागरुकस्तूरीकुङ्कुमद्रवलेपितायै नमः।
Om Karpuragarukasturikunkumadravalepitayai Namah।
जो कपूर, कस्तूरी एवं कुमकुम का लेपन करती हैं
विचित्ररत्नपृथिवीकल्पशाखितलस्थिता
829
ॐ विचित्ररत्नपृथिवीकल्पशाखितलस्थितायै नमः।
Om Vichitraratnaprithivikalpashakhitalasthitayai Namah।
जो विचित्र रत्नों से युक्त कल्पवृक्ष के मूल में निवास करती हैं
रत्नद्वीपस्फुरद्रत्नसिंहासननिवासिनी
830
ॐ रत्नद्वीपस्फुरद्रत्नसिंहासननिवासिन्यै नमः।
Om Ratnadvipasphuradratnasimhasananivasinyai Namah।
जो रत्नद्वीप स्थित सिंहासन पर विराजमान हैं
षट्चक्रभेदनकरी
831
ॐ षट्चक्रभेदनकर्यै नमः।
Om Shatchakrabhedanakaryai Namah।
जो षट चक्रों (मूलाधार, स्वाधिष्ठान, मणिपूरक, अनाहत, विशुद्धि, आज्ञा) का भेदन करने वाली हैं
परमानन्दरूपिणी
832
ॐ परमानन्दरूपिण्यै नमः।
Om Paramanandarupinyai Namah।
जो स्वयं परमानन्द स्वरूपा हैं
सहस्रदलपद्मान्ता
833
ॐ सहस्रदलपद्मान्तायै नमः।
Om Sahasradalapadmantayai Namah।
जो सहस्र दल वाले कमल पुष्प पर विराजमान हैं
चन्द्रमण्डलवर्तिनी
834
ॐ चन्द्रमण्डलवर्तिन्यै नमः।
Om Chandramandalavartinyai Namah।
जो चन्द्र मण्डल में निवास करती हैं
ब्रह्मरूपा
835
ॐ ब्रह्मरूपायै नमः।
Om Brahmarupayai Namah।
जो स्वयं परब्रह्म स्वरूपा हैं
शिवक्रोडा
836
ॐ शिवक्रोडायै नमः।
Om Shivakrodayai Namah।
जो भगवान शिव के हृदय में निवास करती हैं
नानासुखविलासिनी
837
ॐ नानासुखविलासिन्यै नमः।
Om Nanasukhavilasinyai Namah।
जो विभिन्न प्रकार के सुखों की स्वामिनी हैं
हरविष्णुविरिञ्चीन्द्रग्रहनायकसेविता
838
ॐ हरविष्णुविरिञ्चीन्द्रग्रहनायकसेवितायै नमः।
Om Haravishnuvirinchindragrahanayakasevitayai Namah।
जिनकी सेवा में शिव, विष्णु, ब्रह्मा, इन्द्र एवं सूर्य तत्पर हैं
शिवा
839
ॐ शिवायै नमः।
Om Shivayai Namah।
जो भगवान शिव की शक्ति हैं
शैवा
840
ॐ शैवायै नमः।
Om Shaivayai Namah।
जो भगवान शिव की उपासना करती हैं
रुद्राणी
841
ॐ रुद्राण्यै नमः।
Om Rudranyai Namah।
जो रुद्र (भगवान शिव) की धर्मपत्नी हैं
शिवनादिनी
842
ॐ शिवनादिन्यै नमः।
Om Shivanadinyai Namah।
जो भगवान शिव की प्रतिध्वनि हैं
महादेवप्रिया
843
ॐ महादेवप्रियायै नमः।
Om Mahadevapriyayai Namah।
जो महादेव को प्रिय हैं
देवी
844
ॐ देव्यै नमः।
Om Devyai Namah।
जो अनन्त शक्ति से युक्त हैं
अनङ्गमेखला
845
ॐ अनङ्गमेखलायै नमः।
Om Anangamekhalayai Namah।
जो अन्तरिक्ष को अपनी मेखला के रूप में धारण करती हैं
डाकिनी
846
ॐ डाकिन्यै नमः।
Om Dakinyai Namah।
जो डाकिनी स्वरूपा हैं
योगिनी
847
ॐ योगिन्यै नमः।
Om Yoginyai Namah।
जो योगिनी स्वरूपा हैं
उपयोगिनी
848
ॐ उपयोगिन्यै नमः।
Om Upayoginyai Namah।
जो उपयोगिनी स्वरूपा हैं
मता
849
ॐ मतायै नमः।
Om Matayai Namah।
जो मता (बुद्धि) स्वरूपा हैं
माहेश्वरी
850
ॐ माहेश्वर्यै नमः।
Om Maheshvaryai Namah।
जो महेश्वर (भगवान शिव) की शक्ति हैं
वैष्णवी
851
ॐ वैष्णव्यै नमः।
Om Vaishnavyai Namah।
जो वैष्णवी के रूप में विराजमान हैं
भ्रामरी
852
ॐ भ्रामर्यै नमः।
Om Bhramaryai Namah।
जो भ्रामरी प्राणायाम के रूप में स्थित हैं
शिवरूपिणी
853
ॐ शिवरूपिण्यै नमः।
Om Shivarupinyai Namah।
जो भगवान शिव के रूप में स्थित हैं
अलम्बुसा
854
ॐ अलम्बुसायै नमः।
Om Alambusayai Namah।
जो सीमारेखा के रूप में स्थित हैं
भोगवती
855
ॐ भोगवत्यै नमः।
Om Bhogavatyai Namah।
जो धन-वैभव से युक्त हैं
क्रोधरूपा
856
ॐ क्रोधरूपायै नमः।
Om Krodharupayai Namah।
जो क्रोध के रूप में स्थित हैं
सुमेखला
857
ॐ सुमेखलायै नमः।
Om Sumekhalayai Namah।
जो सुन्दर मेखला धारण करती हैं
गान्धारी
858
ॐ गान्धार्यै नमः।
Om Gandharyai Namah।
जो गान्धारी स्वरूपा हैं
हस्तिजिह्वा
859
ॐ हस्तिजिह्वायै नमः।
Om Hastijihvayai Namah।
जिनकी जिह्वा लम्बी है
इडा
860
ॐ इडायै नमः।
Om Idayai Namah।
जो इडा नाड़ी के रूप में स्थित है
शुभङ्करी
861
ॐ शुभङ्कर्यै नमः।
Om Shubhankaryai Namah।
जो शुभ एवं मंगल करने वाली हैं
पिङ्गला
862
ॐ पिङ्गलायै नमः।
Om Pingalayai Namah।
जो पिङ्गला नामक नाड़ी के रूप में स्थित है
दक्षसूत्री
863
ॐ दक्षसूत्र्यै नमः।
Om Dakshasutryai Namah।
जो अति बुद्धिशालिनी हैं
सुषुम्ना
864
ॐ सुषुम्नायै नमः।
Om Sushumnayai Namah।
जो सुषुम्ना नाड़ी के रूप में स्थित हैं
गन्धिनी
865
ॐ गन्धिन्यै नमः।
Om Gandhinyai Namah।
जो गन्ध के रूप में स्थित हैं
भगात्मिका
866
ॐ भगात्मिकायै नमः।
Om Bhagatmikayai Namah।
जो योनि स्वरूपा हैं
भगाधारा
867
ॐ भगाधारायै नमः।
Om Bhagadharayai Namah।
जो योनि का आधार हैं
भगेशी
868
ॐ भगेश्यै नमः।
Om Bhageshyai Namah।
जो भाग्य एवं समृद्धि की देवी हैं
भगरूपिणी
869
ॐ भगरूपिण्यै नमः।
Om Bhagarupinyai Namah।
जो योनि के रूप में स्थित हैं
लिङ्गाख्या
870
ॐ लिङ्गाख्यायै नमः।
Om Lingakhyayai Namah।
जो लिङ्ग के रूप में स्थित हैं
कामेशी
871
ॐ कामेश्यै नमः।
Om Kameshyai Namah।
जो कामनाओं की देवी हैं
त्रिपुराभैरवी
872
ॐ त्रिपुरायै भैरव्यै नमः।
Om Tripurayai Bhairavyai Namah।
जो त्रिपुर में पूजी जाने वाली देवी हैं
लिङ्गगीति
873
ॐ लिङ्गगीत्यै नमः।
Om Lingagityai Namah।
जो लिङ्ग की गाथा का गायन करती हैं
सुगीति
874
ॐ सुगीत्यै नमः।
Om Sugityai Namah।
जो मधुर गायन करती हैं
लिङ्गस्था
875
ॐ लिङ्गस्थायै नमः।
Om Lingasthayai Namah।
जो लिङ्ग में स्थित हैं
लिङ्गरूपधृक्
876
ॐ लिङ्गरूपधृषे नमः।
Om Lingarupadhrishe Namah।
जो लिङ्ग का रूप धारण करने वाली हैं
लिङ्गमाला
877
ॐ लिङ्गमालायै नमः।
Om Lingamalayai Namah।
जो लिङ्गों की माला धारण करने वाली हैं
लिङ्गभवा
878
ॐ लिङ्गभवायै नमः।
Om Lingabhavayai Namah।
जो लिङ्ग से उत्पन्न हुयी हैं
लिङ्गलिङ्गा
879
ॐ लिङ्गलिङ्गायै नमः।
Om Lingalingayai Namah।
जो लैंगिक एवं अलैंगिक हैं
पावकी
880
ॐ पावक्यै नमः।
Om Pavakyai Namah।
जो देवी पार्वती स्वरूपा हैं
भगवती
881
ॐ भगवत्यै नमः।
Om Bhagavatyai Namah।
जो भाग्यशालिनी हैं
कौशिकी
882
ॐ कौशिक्यै नमः।
Om Kaushikyai Namah।
जो कोशिका के रूप में स्थित हैं
प्रेमरूपा
883
ॐ प्रेमरूपायै नमः।
Om Premarupayai Namah।
जो प्रेम के रूप में विद्यमान हैं
प्रियम्वदा
884
ॐ प्रियंवदायै नमः।
Om Priyamvadayai Namah।
जो प्रिय बोलने वाली हैं
गृध्ररूपी
885
ॐ गृध्ररूप्यै नमः।
Om Gridhrarupyai Namah।
जो इच्छा के रूप में स्थित हैं
शिवारूपा
886
ॐ शिवारूपायै नमः।
Om Shivarupayai Namah।
जो भगवान शिव की शक्ति के रूप में विद्यमान हैं
चक्रेशी
887
ॐ चक्रेश्यै नमः।
Om Chakreshyai Namah।
जो चक्र धारण करती हैं
चक्ररूपधृक्
888
ॐ चक्ररूपधृषे नमः।
Om Chakrarupadhrishe Namah।
जो स्वयं चक्र के रूप में स्थित हैं
आत्मयोनि
889
ॐ आत्मयोन्यै नमः।
Om Atmayonyai Namah।
जो आत्मा स्वरूपा हैं
ब्रह्मयोनि
890
ॐ ब्रह्मयोन्यै नमः।
Om Brahmayonyai Namah।
जो ब्रह्म स्वरूपा हैं
जगद्योनि
891
ॐ जगद्योन्यै नमः।
Om Jagadyonyai Namah।
जो सृष्टि स्वरूपा हैं
अयोनिजा
892
ॐ अयोनिजायै नमः।
Om Ayonijayai Namah।
जो किसी गर्भ से नहीं जन्मी हैं
भगरूपा
893
ॐ भगरूपायै नमः।
Om Bhagarupayai Namah।
जो योनि रूप में स्थित हैं
भगस्थात्री
894
ॐ भगस्थात्र्यै नमः।
Om Bhagasthatryai Namah।
जो योनि में निवास करती हैं
भगिनी
895
ॐ भगिन्यै नमः।
Om Bhaginyai Namah।
जो पूजनीय एवं सम्मानीय स्त्री मात्रक हैं
भगमालिनी
896
ॐ भगमालिन्यै नमः।
Om Bhagamalinyai Namah।
जो योनि की माला धारण करती हैं
भगात्मिका
897
ॐ भगात्मिकायै नमः।
Om Bhagatmikayai Namah।
जो योनि रूप में समाहित हैं
भगाधाररूपिणी
898
ॐ भगाधाररूपिण्यै नमः।
Om Bhagadhararupinyai Namah।
जो योनि के आधार के रूप में विद्यमान हैं
भगशालिनी
899
ॐ भगशालिन्यै नमः।
Om Bhagashalinyai Namah।
जो योनि से युक्त हैं
लिङ्गाभिधायिनी
900
ॐ लिङ्गाभिधायिन्यै नमः।
Om Lingabhidhayinyai Namah।
जो लिङ्ग को निरूपित करती हैं
लिङ्गप्रिया
901
ॐ लिङ्गप्रियायै नमः।
Om Lingapriyayai Namah।
जो लिङ्ग को प्रिय हैं
लिङ्गनिवासिनी
902
ॐ लिङ्गनिवासिन्यै नमः।
Om Linganivasinyai Namah।
जो लिङ्ग में निवास करती हैं
लिङ्गस्था
903
ॐ लिङ्गस्थायै नमः।
Om Lingasthayai Namah।
जो लिङ्ग में स्थित हैं
लिङ्गिनी
904
ॐ लिङ्गिन्यै नमः।
Om Linginyai Namah।
जो लिङ्ग की शक्ति के रूप में विद्यमान हैं
लिङ्गरूपिणी
905
ॐ लिङ्गरूपिण्यै नमः।
Om Lingarupinyai Namah।
जो लिङ्ग के रूप में विद्यमान हैं
लिङ्गसुन्दरी
906
ॐ लिङ्गसुन्दर्यै नमः।
Om Lingasundaryai Namah।
जो लिङ्ग के साथ सुन्दर रूप में विद्यमान हैं
लिङ्गरीति
907
ॐ लिङ्गरीत्यै नमः।
Om Lingarityai Namah।
जो लिङ्ग की मार्गदर्शिका हैं
महाप्रीति
908
ॐ महाप्रीत्यै नमः।
Om Mahaprityai Namah।
जो परम कृपालु हैं
भगगीति
909
ॐ भगगीत्यै नमः।
Om Bhagagityai Namah।
जो योनि की गाथा का गायन करती हैं
महासुखा
910
ॐ महासुखायै नमः।
Om Mahasukhayai Namah।
जो परम सुख स्वरूपा हैं
लिङ्गनामसदानन्दा
911
ॐ लिङ्गनामसदानन्दायै नमः।
Om Linganamasadanandayai Namah।
जो लिङ्ग के स्मरण से निरन्तर आनन्दित होती हैं
भगनामसदारति
912
ॐ भगनामसदारत्यै नमः।
Om Bhaganamasadaratyai Namah।
जो निरन्तर योनि के स्मरण में रत रहती हैं
भगनामसदानन्दा
913
ॐ भगनामसदानन्दायै नमः।
Om Bhaganamasadanandayai Namah।
जो योनि का नाम सुनकर आनन्दित होती हैं
लिङ्गनामसदारति
914
ॐ लिङ्गनामसदारत्यै नमः।
Om Linganamasadaratyai Namah।
जो निरन्तर लिङ्ग स्मरण में रत रहती हैं
लिङ्गमालाकराभूषा
915
ॐ लिङ्गमालाकराभूषायै नमः।
Om Lingamalakarabhushayai Namah।
जो लिङ्ग को हाथ में आभूषण के रूप में धारण करती हैं
भगमालाविभूषणा
916
ॐ भगमालाविभूषणायै नमः।
Om Bhagamalavibhushanayai Namah।
जो योनि की मालाओं से अलंकृत हैं
भगलिङ्गामृतवृता
917
ॐ भगलिङ्गामृतवृतायै नमः।
Om Bhagalingamritavritayai Namah।
जो योनि-लिङ्ग में अमृत तुल्य बीज प्रदान करने वाली हैं
भगलिङ्गामृतात्मिका
918
ॐ भगलिङ्गामृतात्मिकायै नमः।
Om Bhagalingamritatmikayai Namah।
जो योनि-लिङ्ग में अमृत तुल्य बीज के रूप में विद्यमान हैं
भगलिङ्गार्चनप्रीता
919
ॐ भगलिङ्गार्चनप्रीतायै नमः।
Om Bhagalingarchanapritayai Namah।
जिन्हें योनि एवं लिङ्ग पूजन प्रिय है
भगलिङ्गस्वरूपिणी
920
ॐ भगलिङ्गस्वरूपिण्यै नमः।
Om Bhagalingasvarupinyai Namah।
जो योनि एवं लिङ्ग के रूप में स्थित हैं
भगलिङ्गस्वरूपा
921
ॐ भगलिङ्गस्वरूपायै नमः।
Om Bhagalingasvarupayai Namah।
जो योनि एवं लिङ्ग स्वरूपा हैं
भगलिङ्गसुखावहा
922
ॐ भगलिङ्गसुखावहायै नमः।
Om Bhagalingasukhavahayai Namah।
जो योनि एवं लिङ्ग से हर्षित होने वाली हैं
स्वयम्भूकुसुमप्रीता
923
ॐ स्वयम्भूकुसुमप्रीतायै नमः।
Om Svayambhukusumapritayai Namah।
जिन्हें कुसुम पुष्प प्रिय हैं
स्वयम्भूकुसुमार्चिता
924
ॐ स्वयम्भूकुसुमार्चितायै नमः।
Om Svayambhukusumarchitayai Namah।
जिनकी कुसुम पुष्प से पूजा-अर्चना की जाती है
स्वयम्भूकुसुमप्राणा
925
ॐ स्वयम्भूकुसुमप्राणायै नमः।
Om Svayambhukusumapranayai Namah।
जो कुसुम पुष्प की प्राण रूप हैं
स्वयम्भूकुसुमोत्थिता
926
ॐ स्वयम्भूकुसुमोत्थितायै नमः।
Om Svayambhukusumotthitayai Namah।
जो कुसुम पुष्प से उत्पन्न हुयी हैं
स्वयम्भूकुसुमस्नाता
927
ॐ स्वयम्भूकुसुमस्नातायै नमः।
Om Svayambhukusumasnatayai Namah।
जो कुसुम पुष्पों से स्नान करती हैं
स्वयम्भूपुष्पतर्पिता
928
ॐ स्वयम्भूपुष्पतर्पितायै नमः।
Om Svayambhupushpatarpitayai Namah।
जिन्हें पुष्प अर्पित किये जाते हैं
स्वयम्भूपुष्पघटिता
929
ॐ स्वयम्भूपुष्पघटितायै नमः।
Om Svayambhupushpaghatitayai Namah।
जो स्वयं प्रकट होने वाले पुष्पों से युक्त हैं
स्वयम्भूपुष्पधारिणी
930
ॐ स्वयम्भूपुष्पधारिण्यै नमः।
Om Svayambhupushpadharinyai Namah।
जो स्वयं प्रकट होने वाले पुष्प धारण करती हैं
स्वयम्भूपुष्पतिलका
931
ॐ स्वयम्भूपुष्पतिलकायै नमः।
Om Svayambhupushpatilakayai Namah।
जो स्वयं प्रकट होने वाले पुष्प का तिलक धारण करती हैं
स्वयम्भूपुष्पचर्चिता
932
ॐ स्वयम्भूपुष्पचर्चितायै नमः।
Om Svayambhupushpacharchitayai Namah।
जो स्वयं प्रकट होने वाले पुष्प द्वारा पूजी जाती हैं
स्वयम्भूपुष्पनिरता
933
ॐ स्वयम्भूपुष्पनिरतायै नमः।
Om Svayambhupushpaniratayai Namah।
जो स्वयं प्रकट होने वाले पुष्प से प्रसन्न होती हैं
स्वयम्भूकुसुमाग्रहा
934
ॐ स्वयम्भूकुसुमाग्रहायै नमः।
Om Svayambhukusumagrahayai Namah।
जो स्वयं प्रकट होने वाले पुष्प का निवास हैं
स्वयम्भूपुष्पयज्ञेशा
935
ॐ स्वयम्भूपुष्पयज्ञेशायै नमः।
Om Svayambhupushpayajneshayai Namah।
जिनका हवन कुसुम पुष्प से किया जाता है
स्वयम्भूकुसुममालिका
936
ॐ स्वयम्भूकुसुममालिकायै नमः।
Om Svayambhukusumamalikayai Namah।
जो कुसुम पुष्प की माला धारण करती हैं
स्वयम्भूपुष्पनिचिता
937
ॐ स्वयम्भूपुष्पनिचितायै नमः।
Om Svayambhupushpanichitayai Namah।
जो स्वयम्भू पुष्पों से घिरी हुयी हैं
स्वयम्भूकुसुमप्रिया
938
ॐ स्वयम्भूकुसुमप्रियायै नमः।
Om Svayambhukusumapriyayai Namah।
जिन्हें कुसुम पुष्प प्रिय हैं
स्वयम्भूकुसुमादानलालसोन्मत्तमानसा
939
ॐ स्वयम्भूकुसुमादानलालसोन्मत्तमानसायै नमः।
Om Svayambhukusumadanalalasonmattamanasayai Namah।
जिनका मन कुसुम पुष्प की लालसा से आनन्दित हो उठता है
स्वयम्भूकुसुमानन्दलहरीस्निग्धदेहिनी
940
ॐ स्वयम्भूकुसुमानन्दलहरीस्निग्धदेहिन्यै नमः।
Om Svayambhukusumanandalaharisnigdhadehinyai Namah।
जिनका शरीर कुसुम पुष्प की आनन्द लहरों में लिप्त है
स्वयम्भूकुसुमाधारा
941
ॐ स्वयम्भूकुसुमाधारायै नमः।
Om Svayambhukusumadharayai Namah।
जो कुसुम पुष्प धारण करती हैं
स्वयम्भूकुसुमाकुला
942
ॐ स्वयम्भूकुसुमाकुलायै नमः।
Om Svayambhukusumakulayai Namah।
जो कुसुम पुष्प के समान हैं
स्वयम्भूपुष्पनिलया
943
ॐ स्वयम्भूपुष्पनिलयायै नमः।
Om Svayambhupushpanilayayai Namah।
जो स्वयम्भू पुष्प में विद्यमान हैं
स्वयम्भूपुष्पवासिनी
944
ॐ स्वयम्भूपुष्पवासिन्यै नमः।
Om Svayambhupushpavasinyai Namah।
जो स्वयम्भू पुष्प में निवास करती हैं
स्वयम्भूकुसुमस्निग्धा
945
ॐ स्वयम्भूकुसुमस्निग्धायै नमः।
Om Svayambhukusumasnigdhayai Namah।
जिन्हें कुसुम पुष्प अत्यन्त प्रिय हैं
स्वयम्भूकुसुमात्मिका
946
ॐ स्वयम्भूकुसुमात्मिकायै नमः।
Om Svayambhukusumatmikayai Namah।
जिनसे कुसुम पुष्प उत्पन्न हुये हैं
स्वयम्भूपुष्पकरिणी
947
ॐ स्वयम्भूपुष्पकरिण्यै नमः।
Om Svayambhupushpakarinyai Namah।
जो स्वयम्भू पुष्प को धारण करती हैं
स्वयम्भूपुष्पमालिका
948
ॐ स्वयम्भूपुष्पमालिकायै नमः।
Om Svayambhupushpamalikayai Namah।
जो स्वयम्भू पुष्प की माला धारण करती हैं
स्वयम्भूकुसुमन्यासा
949
ॐ स्वयम्भूकुसुमन्यासायै नमः।
Om Svayambhukusumanyasayai Namah।
जो कुसुम पुष्प में समाहित हैं
स्वयम्भूकुसुमप्रभा
950
ॐ स्वयम्भूकुसुमप्रभायै नमः।
Om Svayambhukusumaprabhayai Namah।
जो कुसुम पुष्प की आभा हैं
स्वयम्भूकुसुमज्ञाना
951
ॐ स्वयम्भूकुसुमज्ञानायै नमः।
Om Svayambhukusumajnanayai Namah।
जिन्हें कुसुम पुष्प का ज्ञान है
स्वयम्भूपुष्पभोगिनी
952
ॐ स्वयम्भूपुष्पभोगिन्यै नमः।
Om Svayambhupushpabhoginyai Namah।
जो स्वयम्भू पुष्प का उपयोग करती हैं
स्वयम्भूकुसुमोल्लासा
953
ॐ स्वयम्भूकुसुमोल्लासायै नमः।
Om Svayambhukusumollasayai Namah।
जो कुसुम पुष्प से उल्लसित होती हैं
स्वयम्भूपुष्पवर्षिणी
954
ॐ स्वयम्भूपुष्पवर्षिण्यै नमः।
Om Svayambhupushpavarshinyai Namah।
जिनपर स्वयम्भू पुष्पों की वर्षा होती है
स्वयम्भूकुसुमानन्दा
955
ॐ स्वयम्भूकुसुमानन्दायै नमः।
Om Svayambhukusumanandayai Namah।
जिन्हें कुसुम पुष्प से आनन्द प्राप्त होता है
स्वयम्भूपुष्पपुष्पिणी
956
ॐ स्वयम्भूपुष्पपुष्पिण्यै नमः।
Om Svayambhupushpapushpinyai Namah।
जो कुसुम पुष्प के समान कामुक हैं
स्वयम्भूकुसुमोत्साहा
957
ॐ स्वयम्भूकुसुमोत्साहायै नमः।
Om Svayambhukusumotsahayai Namah।
जो कुसुम पुष्प से उत्साहित होती हैं
स्वयम्भूपुष्परूपिणी
958
ॐ स्वयम्भूपुष्परूपिण्यै नमः।
Om Svayambhupushparupinyai Namah।
जो कुसुम पुष्प के रूप में स्थित हैं
स्वयम्भूकुसुमोन्मादा
959
ॐ स्वयम्भूकुसुमोन्मादायै नमः।
Om Svayambhukusumonmadayai Namah।
जो कुसुम पुष्प से उन्मादित हो जाती हैं
स्वयम्भूपुष्पसुन्दरी
960
ॐ स्वयम्भूपुष्पसुन्दर्यै नमः।
Om Svayambhupushpasundaryai Namah।
जो पुष्प के समान सुन्दर हैं
स्वयम्भूकुसुमाराध्या
961
ॐ स्वयम्भूकुसुमाराध्यायै नमः।
Om Svayambhukusumaradhyayai Namah।
जिनकी आराधना कुसुम पुष्प से की जाती है
स्वयम्भूकुसुमोद्भवा
962
ॐ स्वयम्भूकुसुमोद्भवायै नमः।
Om Svayambhukusumodbhavayai Namah।
जो कुसुम पुष्प से प्रकट हुयी हैं
स्वयम्भूकुसुमव्यग्रा
963
ॐ स्वयम्भूकुसुमव्यग्रायै नमः।
Om Svayambhukusumavyagrayai Namah।
जो कुसुम पुष्प हेतु व्याकुल हैं
स्वयम्भूपुष्पपूजिता
964
ॐ स्वयम्भूपुष्पपूजितायै नमः।
Om Svayambhupushpapujitayai Namah।
जो कुसुम पुष्प द्वारा पूजित हैं
स्वयम्भूपूजकप्राज्ञा
965
ॐ स्वयम्भूपूजकप्राज्ञायै नमः।
Om Svayambhupujakaprajnayai Namah।
जो शिव भक्त की बुद्धि के रूप में स्थित हैं
स्वयम्भूहोतृमात्रिका
966
ॐ स्वयम्भूहोतृमात्रिकायै नमः।
Om Svayambhuhotrimatrikayai Namah।
जो शिव हवन की मातृका हैं
स्वयम्भूदातृरक्षित्री
967
ॐ स्वयम्भूदातृरक्षित्र्यै नमः।
Om Svayambhudatrirakshitryai Namah।
जो भगवान शिव के वरदान की रक्षा करती हैं
स्वयम्भूभक्तभाविका
968
ॐ स्वयम्भूभक्तभाविकायै नमः।
Om Svayambhubhaktabhavikayai Namah।
जो शिव भक्तों से प्रसन्न होती हैं
स्वयम्भूकुसुमप्रीता
969
ॐ स्वयम्भूकुसुमप्रीतायै नमः।
Om Svayambhukusumapritayai Namah।
जो भगवान शिव को प्रिय हैं
स्वयम्भूपूजकप्रिया
970
ॐ स्वयम्भूपूजकप्रियायै नमः।
Om Svayambhupujakapriyayai Namah।
जो शिव भक्तों की प्रिय हैं
स्वयम्भूवन्दकाधारा
971
ॐ स्वयम्भूवन्दकाधारायै नमः।
Om Svayambhuvandakadharayai Namah।
जो शिव वन्दना करने वालों की आधार हैं
स्वयम्भूनिन्दकान्तका
972
ॐ स्वयम्भूनिन्दकान्तकायै नमः।
Om Svayambhunindakantakayai Namah।
जो शिव निन्दकों का अन्त करने वाली हैं
स्वयम्भूप्रदसर्वस्वा
973
ॐ स्वयम्भूप्रदसर्वस्वायै नमः।
Om Svayambhupradasarvasvayai Namah।
जिन्हें भगवान शिव ने सर्वस्व प्रदान किया है
स्वयम्भूप्रदपुत्रिणी
974
ॐ स्वयम्भूप्रदपुत्रिण्यै नमः।
Om Svayambhupradaputrinyai Namah।
जिन्हें भगवान शिव ने पुत्र प्रदान किया है
स्वयम्भूप्रदसस्मेरा
975
ॐ स्वयम्भूप्रदसस्मेरायै नमः।
Om Svayambhupradasasmerayai Namah।
जिनके मुख पर शिव द्वारा प्रदत्त मुस्कान है
स्वयम्भूतशरीरिणी
976
ॐ स्वयम्भूतशरीरिण्यै नमः।
Om Svayambhutasharirinyai Namah।
जो भगवान शिव में निवास करती हैं
सर्वलोकोद्भवप्रीता
977
ॐ सर्वलोकोद्भवप्रीतायै नमः।
Om Sarvalokodbhavapritayai Namah।
जो समस्त लोकों में प्रिय हैं
सर्वलोकोद्भवात्मिका
978
ॐ सर्वलोकोद्भवात्मिकायै नमः।
Om Sarvalokodbhavatmikayai Namah।
जो सृष्टि का उद्भव हैं
सर्वकालोद्भवोद्भावा
979
ॐ सर्वकालोद्भवोद्भावायै नमः।
Om Sarvakalodbhavodbhavayai Namah।
जो समस्त कालों के उद्भव का स्रोत हैं
सर्वकालोद्भवोद्भवा
980
ॐ सर्वकालोद्भवोद्भवायै नमः।
Om Sarvakalodbhavodbhavayai Namah।
जो सभी कालों की रचना करती हैं
कुण्डपुष्पसमप्रीति
981
ॐ कुण्डपुष्पसमप्रीत्यै नमः।
Om Kundapushpasamaprityai Namah।
जिन्हें कुन्द पुष्प प्रिय हैं
कुण्डपुष्पसमारति
982
ॐ कुण्डपुष्पसमारत्यै नमः।
Om Kundapushpasamaratyai Namah।
जो कुन्द पुष्प के समान आनन्दमयी हैं
कुण्डगोलोद्भवप्रीता
983
ॐ कुण्डगोलोद्भवप्रीतायै नमः।
Om Kundagolodbhavapritayai Namah।
जिन्हें स्त्री-पुरुष के बीज का मिश्रण प्रिय है
कुण्डगोलोद्भवात्मिका
984
ॐ कुण्डगोलोद्भवात्मिकायै नमः।
Om Kundagolodbhavatmikayai Namah।
जो स्त्री-पुरुष के बीज के रूप में स्थित हैं
स्वयम्भू
985
ॐ स्वयम्भुवे नमः।
Om Svayambhuve Namah।
जो स्वयं प्रकट हुयी हैं
शिवा
986
ॐ शिवायै नमः।
Om Shivayai Namah।
जो शुभ हैं
शक्ता
987
ॐ शक्तायै नमः।
Om Shaktayai Namah।
जो शक्ति स्वरूपा हैं
पावनी
988
ॐ पावन्यै नमः।
Om Pavanyai Namah।
जो परम पवित्र एवं पावन हैं
लोकपावनी
989
ॐ लोकपावन्यै नमः।
Om Lokapavanyai Namah।
जो संसार को पवित्र करने वाली हैं
कीर्ति
990
ॐ कीर्त्यै नमः।
Om Kirtyai Namah।
जो स्वयं कीर्ति स्वरूपा हैं
यशस्विनी
991
ॐ यशस्विन्यै नमः।
Om Yashasvinyai Namah।
जिनका यश सम्पूर्ण सृष्टि में फैला हुआ है
मेधा
992
ॐ मेधायै नमः।
Om Medhayai Namah।
जो बुद्धि स्वरूपा हैं
विमेधा
993
ॐ विमेधायै नमः।
Om Vimedhayai Namah।
जो बुद्धिमत्ता के रूप में स्थित हैं
सुरसुन्दरी
994
ॐ सुरसुन्दर्यै नमः।
Om Surasundaryai Namah।
जो समस्त देवी-देवताओं में सर्वाधिक सुन्दर हैं
अश्विनी
995
ॐ अश्विन्यै नमः।
Om Ashvinyai Namah।
जो अश्विनी नक्षत्र के रूप में विद्यमान हैं
कृत्तिका
996
ॐ कृत्तिकायै नमः।
Om Krittikayai Namah।
जो कृत्तिका नक्षत्र के रूप में विद्यमान हैं
पुष्या
997
ॐ पुष्यायै नमः।
Om Pushyayai Namah।
जो पुष्य नक्षत्र के रूप में विद्यमान हैं
तेजस्विचन्द्रमण्डला
998
ॐ तेजस्विचन्द्रमण्डलायै नमः।
Om Tejasvichandramandalayai Namah।
जिनका तेज चन्द्रमण्डल के समान है
सूक्ष्मासूक्ष्मप्रदा
999
ॐ सूक्ष्मासूक्ष्मप्रदायै नमः।
Om Sukshmasukshmapradayai Namah।
जो सूक्ष्म एवं असूक्ष्म दोनों प्रदान करने वाली हैं
सूक्ष्मासूक्ष्मभयविनाशिनी
1000
ॐ सूक्ष्मासूक्ष्मभयविनाशिन्यै नमः।
Om Sukshmasukshmabhayavinashinyai Namah।
जो सूक्ष्म एवं असूक्ष्म भय का नाश करती हैं
वरदा
1001
ॐ वरदायै नमः।
Om Varadayai Namah।
जो वर प्रदान करने वाली हैं
अभयदा
1002
ॐ अभयदायै नमः।
Om Abhayadayai Namah।
जो अभय प्रदान करने वाली हैं
मुक्तिबन्धविनाशिनी
1003
ॐ मुक्तिबन्धविनाशिन्यै नमः।
Om Muktibandhavinashinyai Namah।
जो मुक्तिमार्ग की बाधाओं को नष्ट करती हैं
कामुकी
1004
ॐ कामुक्यै नमः।
Om Kamukyai Namah।
जो कामुक हैं
कामदा
1005
ॐ कामदायै नमः।
Om Kamadayai Namah।
जो कामनाओं की पूर्ति करती हैं
क्षान्ता
1006
ॐ क्षान्तायै नमः।
Om Kshantayai Namah।
जो धैर्यशालिनी हैं
कामाख्या
1007
ॐ कामाख्यायै नमः।
Om Kamakhyayai Namah।
जो इच्छाओं को पूर्ण करती हैं
कुलसुन्दरी
1008
ॐ कुलसुन्दर्यै नमः।
Om Kulasundaryai Namah।
जो अपने कुल में सर्वाधिक सौन्दर्य से युक्त हैं
सुखदा
1009
ॐ सुखदायै नमः।
Om Sukhadayai Namah।
जो सुख प्रदान करने वाली हैं
दुःखदा
1010
ॐ दुःखदायै नमः।
Om Duhkhadayai Namah।
जो दुख प्रदान करने वाली हैं
मोक्षा
1011
ॐ मोक्षायै नमः।
Om Mokshayai Namah।
जो स्वयं मोक्ष स्वरूपा हैं
मोक्षदार्थप्रकाशिनी
1012
ॐ मोक्षदार्थप्रकाशिन्यै नमः।
Om Mokshadarthaprakashinyai Namah।
जो मोक्ष प्रदान करने हेतु प्रकट हुयी हैं
दुष्टादुष्टमति
1013
ॐ दुष्टादुष्टमत्यै नमः।
Om Dushtadushtamatyai Namah।
जो उत्पाती एवं उपद्रवी हैं
सर्वकार्यविनाशिनी
1014
ॐ सर्वकार्यविनाशिन्यै नमः।
Om Sarvakaryavinashinyai Namah।
जो समस्त कार्यों का विनाश करने वाली हैं
शुक्राधारा
1015
ॐ शुक्राधारायै नमः।
Om Shukradharayai Namah।
जो शुक्र का आधार हैं
शुक्ररूपा
1016
ॐ शुक्ररूपायै नमः।
Om Shukrarupayai Namah।
जो शुक्र के रूप में स्थित हैं
शुक्रसिन्धुनिवासिनी
1017
ॐ शुक्रसिन्धुनिवासिन्यै नमः।
Om Shukrasindhunivasinyai Namah।
जो शुक्र के सागर में निवास करती हैं
शुक्रालया
1018
ॐ शुक्रालयायै नमः।
Om Shukralayayai Namah।
जो शुक्र का निवास हैं
शुक्रभोगा
1019
ॐ शुक्रभोगायै नमः।
Om Shukrabhogayai Namah।
जो शुक्र का आनन्द लेने वाली हैं
शुक्रपूजासदारति
1020
ॐ शुक्रपूजासदारत्यै नमः।
Om Shukrapujasadaratyai Namah।
जो सदैव शुक्र पूजा में लीन रहती हैं
शुक्रपूज्या
1021
ॐ शुक्रपूज्यायै नमः।
Om Shukrapujyayai Namah।
जो शुक्र के द्वारा पूजनीय हैं
शुक्रहोमसन्तुष्टा
1022
ॐ शुक्रहोमसन्तुष्टायै नमः।
Om Shukrahomasantushtayai Namah।
जो शुक्र हवन द्वारा प्रसन्न होती हैं
शुक्रवत्सला
1023
ॐ शुक्रवत्सलायै नमः।
Om Shukravatsalayai Namah।
जिन्हें शुक्र प्रिय हैं
शुक्रमूर्ति
1024
ॐ शुक्रमूर्त्यै नमः।
Om Shukramurtyai Namah।
जो शुक्र का मूर्त स्वरूप हैं
शुक्रदेहा
1025
ॐ शुक्रदेहायै नमः।
Om Shukradehayai Namah।
जो शुक्र के रूप में स्थित हैं
शुक्रपूजकपुत्रिणी
1026
ॐ शुक्रपूजकपुत्रिण्यै नमः।
Om Shukrapujakaputrinyai Namah।
जो शुक्र पूजन करने वालों की पुत्री स्वरूपा हैं
शुक्रस्था
1027
ॐ शुक्रस्थायै नमः।
Om Shukrasthayai Namah।
जो शुक्र में स्थित हैं
शुक्रिणी
1028
ॐ शुक्रिण्यै नमः।
Om Shukrinyai Namah।
जो शुक्र की शक्ति हैं
शुक्रसंस्पृहा
1029
ॐ शुक्रसंस्पृहायै नमः।
Om Shukrasamsprihayai Namah।
जो शुक्र के लिये व्याकुल हैं
शुक्रसुन्दरी
1030
ॐ शुक्रसुन्दर्यै नमः।
Om Shukrasundaryai Namah।
जो शुक्र की सुन्दरता के रूप में विद्यमान हैं
शुक्रस्नाता
1031
ॐ शुक्रस्नातायै नमः।
Om Shukrasnatayai Namah।
जो शुक्र से स्नान करती हैं
शुक्रकरी
1032
ॐ शुक्रकर्यै नमः।
Om Shukrakaryai Namah।
जो शुक्र का निर्माण करने वाली हैं
शुक्रसेव्या
1033
ॐ शुक्रसेव्यायै नमः।
Om Shukrasevyayai Namah।
शुक्र जिनकी सेवा में तत्पर है
अतिशुक्रिणी
1034
ॐ अतिशुक्रिण्यै नमः।
Om Atishukrinyai Namah।
जिनमें शुक्र की प्रचुरता है
महाशुक्रा
1035
ॐ महाशुक्रायै नमः।
Om Mahashukrayai Namah।
जो सर्वोत्तम शुक्र के रूप में विद्यमान हैं
शुक्रभवा
1036
ॐ शुक्रभवायै नमः।
Om Shukrabhavayai Namah।
जो शुक्र के अस्तित्व के रूप में स्थित हैं
शुक्रवृष्टिविधायिनी
1037
ॐ शुक्रवृष्टिविधायिन्यै नमः।
Om Shukravrishtividhayinyai Namah।
जो शुक्र की वर्षा करने वाली हैं
शुक्राभिधेया
1038
ॐ शुक्राभिधेयायै नमः।
Om Shukrabhidheyayai Namah।
जो शुक्र का लक्ष्य हैं
शुक्रार्हा
1039
ॐ शुक्रार्हायै नमः।
Om Shukrarhayai Namah।
जो शुक्र के योग्य हैं
शुक्रवन्दकवन्दिता
1040
ॐ शुक्रवन्दकवन्दितायै नमः।
Om Shukravandakavanditayai Namah।
जो शुक्र पूजन करने वालों की वन्दना करती हैं
शुक्रानन्दकरी
1041
ॐ शुक्रानन्दकर्यै नमः।
Om Shukranandakaryai Namah।
जो शुक्र का आनन्द प्रदान करने वाली हैं
शुक्रसदानन्दविधायिनी
1042
ॐ शुक्रसदानन्दविधायिन्यै नमः।
Om Shukrasadanandavidhayinyai Namah।
जो शुक्र एवं निरन्तर आनन्द प्रदान करती हैं
शुक्रोत्साहा
1043
ॐ शुक्रोत्साहायै नमः।
Om Shukrotsahayai Namah।
जो शुक्र से उत्साहित होती हैं
सदाशुक्रपूर्णा
1044
ॐ सदाशुक्रपूर्णायै नमः।
Om Sadashukrapurnayai Namah।
जो सदैव शुक्र की आपूर्ति करती हैं
शुक्रमनोरमा
1045
ॐ शुक्रमनोरमायै नमः।
Om Shukramanoramayai Namah।
जिनका मन शुक्र से आकर्षित होता है
शुक्रपूजकसर्वस्वा
1046
ॐ शुक्रपूजकसर्वस्वायै नमः।
Om Shukrapujakasarvasvayai Namah।
जो शुक्र पूजन करने वालों की सर्वस्व हैं
शुक्रनिन्दकनाशिनी
1047
ॐ शुक्रनिन्दकनाशिन्यै नमः।
Om Shukranindakanashinyai Namah।
जो शुक्र की निन्दा करने वालों का नाश करती हैं
शुक्रात्मिका
1048
ॐ शुक्रात्मिकायै नमः।
Om Shukratmikayai Namah।
जो शुक्र की आत्मा हैं
शुक्रसम्पत्
1049
ॐ शुक्रसम्पदे नमः।
Om Shukrasampade Namah।
जो शुक्र रूपी सम्पदा से युक्त हैं
शुक्राकर्षणकारिणी
1050
ॐ शुक्राकर्षणकारिण्यै नमः।
Om Shukrakarshanakarinyai Namah।
जो शुक्र को आकर्षित करने वाली हैं
रक्ताशया
1051
ॐ रक्ताशयायै नमः।
Om Raktashayayai Namah।
जो रक्त से परिपूर्ण हैं
रक्तभोगा
1052
ॐ रक्तभोगायै नमः।
Om Raktabhogayai Namah।
जो रक्त का आनन्द उठाती हैं
रक्तपूजासदारति
1053
ॐ रक्तपूजासदारत्यै नमः।
Om Raktapujasadaratyai Namah।
जो सदैव रक्त पूजन में लीन रहती हैं
रक्तपूज्या
1054
ॐ रक्तपूज्यायै नमः।
Om Raktapujyayai Namah।
जो रक्त द्वारा पूजी जाने वाली हैं
रक्तहोमा
1055
ॐ रक्तहोमायै नमः।
Om Raktahomayai Namah।
जो रक्त के हवन के रूप में स्थित हैं
रक्तस्था
1056
ॐ रक्तस्थायै नमः।
Om Raktasthayai Namah।
जो रक्त में स्थित हैं
रक्तवत्सला
1057
ॐ रक्तवत्सलायै नमः।
Om Raktavatsalayai Namah।
जो रक्त की रक्षा करने वाली हैं
रक्तपूर्णारक्तदेहा
1058
ॐ रक्तपूर्णारक्तदेहायै नमः।
Om Raktapurnaraktadehayai Namah।
जो रक्त क्षेत्र में रक्त के रूप में स्थित हैं
रक्तपूजकपुत्रिणी
1059
ॐ रक्तपूजकपुत्रिण्यै नमः।
Om Raktapujakaputrinyai Namah।
जो रक्त पूजन करने वालों की पुत्री के रूप में स्थित हैं
रक्ताख्या
1060
ॐ रक्ताख्यायै नमः।
Om Raktakhyayai Namah।
जो रक्त प्रदान करने वाली हैं
रक्तिनी
1061
ॐ रक्तिन्यै नमः।
Om Raktinyai Namah।
जो रक्तरञ्जित हैं
रक्तसंस्कृता
1062
ॐ रक्तसंस्कृतायै नमः।
Om Raktasamskritayai Namah।
जो रक्त में स्थित हैं
रक्तसुन्दरी
1063
ॐ रक्तसुन्दर्यै नमः।
Om Raktasundaryai Namah।
जो रक्त की देवी हैं
रक्ताभिदेहा
1064
ॐ रक्ताभिदेहायै नमः।
Om Raktabhidehayai Namah।
जो लाल देह वाली हैं
रक्तार्हा
1065
ॐ रक्तार्हायै नमः।
Om Raktarhayai Namah।
जो रक्त द्वारा पूजी जाती हैं
रक्तवन्दकवन्दिता
1066
ॐ रक्तवन्दकवन्दितायै नमः।
Om Raktavandakavanditayai Namah।
जो रक्तपूजन करने वालों का वन्दन करती हैं
महारक्ता
1067
ॐ महारक्तायै नमः।
Om Maharaktayai Namah।
जो स्वयं दिव्य रक्त स्वरूपा हैं
रक्तभवा
1068
ॐ रक्तभवायै नमः।
Om Raktabhavayai Namah।
जो रक्त के रूप में विद्यमान हैं
रक्तवृष्टिविधायिनी
1069
ॐ रक्तवृष्टिविधायिन्यै नमः।
Om Raktavrishtividhayinyai Namah।
जो रक्त की वर्षा करती हैं
रक्तस्नाता
1070
ॐ रक्तस्नातायै नमः।
Om Raktasnatayai Namah।
जो रक्त से स्नान करती हैं
रक्तप्रीता
1071
ॐ रक्तप्रीतायै नमः।
Om Raktapritayai Namah।
जिन्हें रक्त अतिप्रिय है
रक्तसेव्यातिरक्तिनी
1072
ॐ रक्तसेव्यातिरक्तिन्यै नमः।
Om Raktasevyatiraktinyai Namah।
जो रक्त द्वारा सेवित एवं रक्तमयी हैं
रक्तानन्दकरी
1073
ॐ रक्तानन्दकर्यै नमः।
Om Raktanandakaryai Namah।
जो रक्त से आनन्दित होती हैं
रक्तसदानन्दविधायिनी
1074
ॐ रक्तसदानन्दविधायिन्यै नमः।
Om Raktasadanandavidhayinyai Namah।
जो रक्त एवं आनन्द प्रदान करने वाली हैं
रक्तारक्ता
1075
ॐ रक्तारक्तायै नमः।
Om Raktaraktayai Namah।
जो रक्त एवं अरक्त स्वरूप में हैं
रक्तपूर्णा
1076
ॐ रक्तपूर्णायै नमः।
Om Raktapurnayai Namah।
जो रक्त की पूर्ति करने वाली हैं
रक्तसव्येक्षणीरमा
1077
ॐ रक्तसव्येक्षणीरमायै नमः।
Om Raktasavyekshaniramayai Namah।
जो रक्त पूजन करने वालों से शीघ्र प्रसन्न होती हैं
रक्तसेवकसर्वस्वा
1078
ॐ रक्तसेवकसर्वस्वायै नमः।
Om Raktasevakasarvasvayai Namah।
जो रक्त पूजन करने वालों की सर्वस्व हैं
रक्तनिन्दकनाशिनी
1079
ॐ रक्तनिन्दकनाशिन्यै नमः।
Om Raktanindakanashinyai Namah।
जो रक्त की निन्दा करने वालों का नाश करती हैं
रक्तात्मिका
1080
ॐ रक्तात्मिकायै नमः।
Om Raktatmikayai Namah।
जो रक्त का मूल तत्व हैं
रक्तरूपा
1081
ॐ रक्तरूपायै नमः।
Om Raktarupayai Namah।
जो स्वयं रक्त के रूप में विद्यमान हैं
रक्ताकर्षणकारिणी
1082
ॐ रक्ताकर्षणकारिण्यै नमः।
Om Raktakarshanakarinyai Namah।
जो रक्त को आकर्षित करने वाली हैं
रक्तोत्साहा
1083
ॐ रक्तोत्साहायै नमः।
Om Raktotsahayai Namah।
जो रक्त द्वारा उत्साहित होती हैं
रक्तव्यग्रा
1084
ॐ रक्तव्यग्रायै नमः।
Om Raktavyagrayai Namah।
जो रक्त के लिये व्याकुल रहती हैं
रक्तपानपरायणा
1085
ॐ रक्तपानपरायणायै नमः।
Om Raktapanaparayanayai Namah।
जो निरन्तर रक्त पान करती हैं
शोणितानन्दजननी
1086
ॐ शोणितानन्दजनन्यै नमः।
Om Shonitanandajananyai Namah।
जो पिशाचों की माता हैं
कल्लोलस्निग्धरूपिणी
1087
ॐ कल्लोलस्निग्धरूपिण्यै नमः।
Om Kallolasnigdharupinyai Namah।
जो प्रसन्न एवं दिव्य रूप में स्थित हैं
साधकान्तर्गता
1088
ॐ साधकान्तर्गतायै नमः।
Om Sadhakantargatayai Namah।
जो साधक के ध्यान में प्रतिष्ठित होती हैं
देवी
1089
ॐ देव्यै नमः।
Om Devyai Namah।
जो सर्वोच्च शक्ति हैं
पार्वती
1090
ॐ पार्वत्यै नमः।
Om Parvatyai Namah।
जो देवी पार्वती स्वरूपा हैं
पापनाशिनी
1091
ॐ पापनाशिन्यै नमः।
Om Papanashinyai Namah।
जो पापों का नाश करने वाली हैं
साधूनां हृदि संस्थात्री
1092
ॐ साधूनां हृदि संस्थात्र्यै नमः।
Om Sadhunam Hridi Samsthatryai Namah।
जो साधुओं के हृदय में स्थित रहती हैं
साधकानन्दकारिणी
1093
ॐ साधकानन्दकारिण्यै नमः।
Om Sadhakanandakarinyai Namah।
जो साधकों के आनन्द का कारण हैं
साधकानां जननी
1094
ॐ साधकानां जनन्यै नमः।
Om Sadhakanam Jananyai Namah।
जो साधकों की माता हैं
साधकप्रियकारिणी
1095
ॐ साधकप्रियकारिण्यै नमः।
Om Sadhakapriyakarinyai Namah।
जो साधकों पर कृपा करती हैं
साधकप्रचुरानन्दसम्पत्तिसुखदायिनी
1096
ॐ साधकप्रचुरानन्दसम्पत्तिसुखदायिन्यै नमः।
Om Sadhakaprachuranandasampattisukhadayinyai Namah।
जो साधकों को असीम आनन्द, सम्पत्ति एवं सुख प्रदान करने वाली हैं
साधकासाधकप्राणा
1097
ॐ साधकासाधकप्राणायै नमः।
Om Sadhakasadhakapranayai Namah।
जो साधकों के भक्तों की प्राण स्वरूपा हैं
साधकासक्तमानसा
1098
ॐ साधकासक्तमानसायै नमः।
Om Sadhakasaktamanasayai Namah।
जिन्हें साधक प्रिय हैं
साधकोत्तमसर्वस्वा
1099
ॐ साधकोत्तमसर्वस्वायै नमः।
Om Sadhakottamasarvasvayai Namah।
जो साधकों की सर्वस्व हैं
साधका
1100
ॐ साधकायै नमः।
Om Sadhakayai Namah।
जो साधना करने वाली हैं
भक्तरक्तपा
1101
ॐ भक्तरक्तपायै नमः।
Om Bhaktaraktapayai Namah।
समस्त डाकिनी जिनकी भक्त हैं
साधकानन्दसन्तोषा
1102
ॐ साधकानन्दसन्तोषायै नमः।
Om Sadhakanandasantoshayai Namah।
जो साधकों के आनन्द एवं सन्तोष के रूप में स्थित हैं
साधकारिविनाशिनी
1103
ॐ साधकारिविनाशिन्यै नमः।
Om Sadhakarivinashinyai Namah।
जो साधकों का अहित करने वाले विकारों को नष्ट करती हैं
आत्मविद्या
1104
ॐ आत्मविद्यायै नमः।
Om Atmavidyayai Namah।
जो आत्मविद्या रूप में स्थित हैं
ब्रह्मविद्या
1105
ॐ ब्रह्मविद्यायै नमः।
Om Brahmavidyayai Namah।
जो ब्रह्मविद्या के रूप में स्थित हैं
परब्रह्मकुटुम्बिनी
1106
ॐ परब्रह्मकुटुम्बिन्यै नमः।
Om Parabrahmakutumbinyai Namah।
जो परब्रह्म परमात्मा की शक्ति हैं
त्रिकूटस्था
1107
ॐ त्रिकूटस्थायै नमः।
Om Trikutasthayai Namah।
जो त्रिकूट चक्र में स्थित अथवा त्रिकूट पर्वत पर स्थित हैं
पञ्चकूटा
1108
ॐ पञ्चकूटायै नमः।
Om Panchakutayai Namah।
जो पञ्चकूट के रूप में स्थित हैं
सर्वकूटशरीरिणी
1109
ॐ सर्वकूटशरीरिण्यै नमः।
Om Sarvakutasharirinyai Namah।
जो समस्त पर्वतों के रूप में स्थित हैं
सर्ववर्णमयी
1110
ॐ सर्ववर्णमय्यै नमः।
Om Sarvavarnamayyai Namah।
जो सभी वर्णों से युक्त हैं
वर्णजपमालाविधायिनी
1111
ॐ वर्णजपमालाविधायिन्यै नमः।
Om Varnajapamalavidhayinyai Namah।
जो वर्ण को जप माला के रूप में धारण करती हैं
Name
Name
Email
द्रिकपञ्चाङ्ग पर टिप्पणी दर्ज करने के लिये गूगल अकाउंट से लॉग इन करें।
टिप्पणी
और लोड करें ↓
Kalash
कॉपीराइट नोटिस
PanditJi Logo
सभी छवियाँ और डेटा - कॉपीराइट
Ⓒ www.drikpanchang.com
प्राइवेसी पॉलिसी
द्रिक पञ्चाङ्ग और पण्डितजी लोगो drikpanchang.com के पञ्जीकृत ट्रेडमार्क हैं।
Android Play StoreIOS App Store
Drikpanchang Donation