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2026 कृष्ण पद्मनाभ द्वादशी का दिन और पूजा का समय लँकेस्टर, California, संयुक्त राज्य अमेरिका के लिये

DeepakDeepak

2026 कृष्ण पद्मनाभ द्वादशी

लँकेस्टर, संयुक्त राज्य अमेरिका
कृष्ण पद्मनाभ द्वादशी
5वाँ
नवम्बर 2026
Thursday / गुरुवार
गरुड़ पर सवार भगवान विष्णु
Lord Vishnu on Garuda

कृष्ण पद्मनाभ द्वादशी समय

कृष्ण पद्मनाभ द्वादशी बृहस्पतिवार, नवम्बर 5, 2026 को
6वाँ नवम्बर को, द्वादशी पारण समय - 06:18 ए एम से 08:25 ए एम
पारण के दिन द्वादशी सूर्योदय से पहले समाप्त हो जाएगी।
द्वादशी तिथि प्रारम्भ - नवम्बर 04, 2026 को 09:05 पी एम बजे
द्वादशी तिथि समाप्त - नवम्बर 05, 2026 को 09:00 पी एम बजे

टिप्पणी: सभी समय १२-घण्टा प्रारूप में लँकेस्टर, संयुक्त राज्य अमेरिका के स्थानीय समय और डी.एस.टी समायोजित (यदि मान्य है) के साथ दर्शाये गए हैं।
आधी रात के बाद के समय जो आगामि दिन के समय को दर्शाते हैं, आगामि दिन से प्रत्यय कर दर्शाये गए हैं। पञ्चाङ्ग में दिन सूर्योदय से शुरू होता है और पूर्व दिन सूर्योदय के साथ ही समाप्त हो जाता है।

कृष्ण पद्मनाभ द्वादशी 2026

हिन्दु पञ्चाङ्ग के अनुसार आश्विन शुक्ल द्वादशी को मनायी जाने वाली पद्मनाभ द्वादशी के लगभग पन्द्रह दिवस पश्चात् कृष्ण पक्ष द्वादशी को कृष्ण पद्मनाभ द्वादशी के नाम से जाना जाता है। जैसा कि इसके नाम से ही स्पष्ट होता है, यह द्वादशी भगवान पद्मनाभ को समर्पित है। भगवान विष्णु के विभिन्न नामों में से एक नाम पद्मनाभ भी है।

पद्मनाभ का अर्थ है, जिनकी नाभि से कमल उत्पन्न हुआ अथवा जिनकी नाभि कमल पुष्प के समान है। हिन्दु मान्यताओं के अनुसार आदिकाल में भगवान विष्णु की नाभि से एक दिव्य कमल पुष्प उत्पन्न हुआ था, जिस पुष्प से भगवान ब्रह्मा की उत्पत्ति हुयी थी। तदुपरान्त ब्रह्मा जी ने सृष्टि-सृजन का कार्य आरम्भ किया था।

भविष्यपुराण में प्राप्त वर्णन के अनुसार इस दिन गोवत्स द्वादशी व्रत भी किया जाता है। गोवत्स द्वादशी व्रत में गायों एवं उनके बछड़ों की पूजा की जाती है।

इस व्रत की विधि ज्ञात करने हेतु आश्विन शुक्ल द्वादशी को मनायी जाने वाली पद्मनाभ द्वादशी की विधि का अवलोकन करें।

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