devotionally made & hosted in India
Search
Mic
Android Play StoreIOS App Store
Ads Subscription Disabled
हि
Setting
Clock
Ads Subscription Disabledविज्ञापन हटायें
X

बुधवार आरती - हिन्दी गीतिकाव्य और वीडियो गीत

DeepakDeepak

बुधवार की आरती

बुधवार का दिन बुध ग्रह को समर्पित होता है तथा बुधवार का व्रत मुख्य रूप से बुध ग्रह की आराधना हेतु किया जाता है।

बुध ग्रह के अतिरिक्त, महाराष्ट्र में भगवान विट्ठल की पूजा की जाती है, जो भगवान श्रीकृष्ण के अवतार माने जाते हैं। कुछ क्षेत्रों में भगवान विष्णु की भी उपासना की जाती है। भगवान श्रीकृष्ण एवं भगवान विष्णु के अतिरिक्त कुछ स्थानों पर बुधवार के दिन भगवान गणेश एवं भगवान शिव की भी पूजा की जाती है।

यहाँ हमने युगल किशोर आरती प्रदान की है, जो भगवान श्रीकृष्ण की महिमा का गुणगान करती है। जो भक्त बुधवार के दिन अन्य देवताओं की पूजा करते हैं, वे भगवान गणेश की आरती, भगवान शिव की आरती तथा भगवान विट्ठल की आरती का पाठ कर सकते हैं।

आरती युगल किशोर की कीजै भगवान श्रीकृष्ण की प्रसिद्ध एवं लोकप्रिय आरतियों में से एक है। भगवान श्रीकृष्ण से सम्बन्धित अधिकांश अवसरों पर इस आरती का पाठ किया जाता है।

X

॥ श्री कृष्ण की आरती ॥

आरती युगलकिशोर की कीजै।तन मन धन न्यौछावर कीजै॥

गौरश्याम मुख निरखन लीजै,हरि का स्वरूप नयन भरि पीजै।

रवि शशि कोटि बदन की शोभा,ताहि निरखि मेरो मन लोभा।

ओढ़े नील पीत पट सारी,कुन्जबिहारी गिरिवरधारी।

फूलन की सेज फूलन की माला,रत्न सिंहासन बैठे नन्दलाला।

कंचन थाल कपूर की बाती,हरि आये निर्मल भई छाती।

श्री पुरुषोत्तम गिरिवरधारी,आरती करें सकल ब्रजनारी।

नन्दनन्दन बृजभान किशोरी,परमानन्द स्वामी अविचल जोरी।

Name
Name
Email
द्रिकपञ्चाङ्ग पर टिप्पणी दर्ज करने के लिये गूगल अकाउंट से लॉग इन करें।
टिप्पणी
और लोड करें ↓
Kalash
कॉपीराइट नोटिस
PanditJi Logo
सभी छवियाँ और डेटा - कॉपीराइट
Ⓒ www.drikpanchang.com
प्राइवेसी पॉलिसी
द्रिक पञ्चाङ्ग और पण्डितजी लोगो drikpanchang.com के पञ्जीकृत ट्रेडमार्क हैं।
Android Play StoreIOS App Store
Drikpanchang Donation