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श्री लक्ष्मी नारायण अष्टकम् | श्री लक्ष्मीनारायणाष्टकम् - संस्कृत बोल एवं वीडियो गीत

DeepakDeepak

श्री लक्ष्मीनारायण अष्टकम्

श्री लक्ष्मीनारायण अष्टकम्, भगवान विष्णु के सर्वाधिक प्रचलित अष्टकमों में से है। यह अष्टकम् भगवान विष्णु के श्री लक्ष्मीनारायण स्वरूप को समर्पित है। अतः इसके पाठ से भगवान विष्णु के साथ-साथ देवी लक्ष्मी का आशीर्वाद भी प्राप्त होता है। दाम्पत्य सुखों में वृद्धि एवं कुटुम्ब की समृद्धि की कामना से इस दिव्य अष्टकम् का पाठ किया जाता है। एकादशी एवं विष्णु जी से सम्बन्धित दिनों पर इसका पाठ करने से विशेष लाभ होता है।

॥ श्री लक्ष्मीनारायणाष्टकम् ॥

आर्तानां दुःखशमने दीक्षितं प्रभुमव्ययम्।

अशेषजगदाधारं लक्ष्मीनारायणं भजे॥1॥

अपारकरुणाम्भोधिं आपद्बान्धवमच्युतम्।

अशेषदुःखशान्त्यर्थं लक्ष्मीनारायणं भजे॥2॥

भक्तानां वत्सलं भक्तिगम्यं सर्वगुणाकरम्।

अशेषदुःखशान्त्यर्थं लक्ष्मीनारायणं भजे॥3॥

सुहृदं सर्वभूतानां सर्वलक्षणसंयुतम्।

अशेषदुःखशान्त्यर्थं लक्ष्मीनारायणं भजे॥4॥

चिदचित्सर्वजन्तूनां आधारं वरदं परम्।

अशेषदुःखशान्त्यर्थं लक्ष्मीनारायणं भजे॥5॥

शङ्खचक्रधरं देवं लोकनाथं दयानिधिम्।

अशेषदुःखशान्त्यर्थं लक्ष्मीनारायणं भजे॥6॥

पीताम्बरधरं विष्णुं विलसत्सूत्रशोभितम्।

अशेषदुःखशान्त्यर्थं लक्ष्मीनारायणं भजे॥7॥

हस्तेन दक्षिणेन यजं अभयप्रदमक्षरम्।

अशेषदुःखशान्त्यर्थं लक्ष्मीनारायणं भजे॥8॥

यः पठेत् प्रातरुत्थाय लक्ष्मीनारायणाष्टकम्।

विमुक्तस्सर्वपापेभ्यः विष्णुलोकं स गच्छति॥

॥ इति श्रीलक्ष्मीनारायणाष्टकं सम्पूर्णम् ॥
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