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2026 शनि प्रदोष व्रत का दिन लँकेस्टर, California, संयुक्त राज्य अमेरिका के लिये

DeepakDeepak

2026 शनि प्रदोष व्रत

Location
लँकेस्टर, संयुक्त राज्य अमेरिका
शनि प्रदोष व्रत
21वाँ
नवम्बर 2026
Saturday / शनिवार
भगवान शिव एवं देवी पार्वती फल ग्रहण करते हुये
Lord Shiva eating fruits with Goddess Parvati

शनि प्रदोष

शनि शुक्ल प्रदोष व्रत शनिवार, नवम्बर 21, 2026 को
प्रदोष पूजा मुहूर्त - 04:44 पी एम से 07:30 पी एम
अवधि - 02 घण्टे 46 मिनट्स
दिन का प्रदोष समय - 04:44 पी एम से 07:30 पी एम
त्रयोदशी तिथि प्रारम्भ - नवम्बर 21, 2026 को 03:26 पी एम बजे
त्रयोदशी तिथि समाप्त - नवम्बर 22, 2026 को 01:06 पी एम बजे

टिप्पणी: सभी समय १२-घण्टा प्रारूप में लँकेस्टर, संयुक्त राज्य अमेरिका के स्थानीय समय और डी.एस.टी समायोजित (यदि मान्य है) के साथ दर्शाये गए हैं।
आधी रात के बाद के समय जो आगामि दिन के समय को दर्शाते हैं, आगामि दिन से प्रत्यय कर दर्शाये गए हैं। पञ्चाङ्ग में दिन सूर्योदय से शुरू होता है और पूर्व दिन सूर्योदय के साथ ही समाप्त हो जाता है।

2026 शनि प्रदोष

प्रदोष व्रत चन्द्र मास की दोनों त्रयोदशी के दिन किया जाता है जिसमे से एक शुक्ल पक्ष के समय और दूसरा कृष्ण पक्ष के समय होता है। जिस दिन त्रयोदशी तिथि प्रदोष काल के समय व्याप्त होती है उसी दिन प्रदोष का व्रत किया जाता है। प्रदोष काल सूर्यास्त से प्रारम्भ हो जाता है। जब त्रयोदशी तिथि और प्रदोष साथ-साथ होते हैं (जिसे त्रयोदशी और प्रदोष का अधिव्यापन भी कहते हैं) वह समय शिव पूजा के लिये सर्वश्रेष्ठ होता है।

जब प्रदोष का दिन शनिवार को पड़ता है, तो इसे शनि प्रदोष के नाम से जाना जाता है। शनि प्रदोष व्रत नाना प्रकार के संकटों एवं बाधाओं से मुक्ति हेतु किया जाता है। शनिवार के दिन को भगवान शनि शासित करते हैं। धर्मग्रन्थों में भगवान शिव को शनिदेव के गुरु के रूप में वर्णित किया गया है। अतः शनि प्रदोष व्रत को शनि ग्रह से सम्बन्धित विभिन्न दोषों सहित कालसर्प दोष तथा पितृ दोष आदि के निवारण हेतु भी उत्तम माना जाता है।

जो भक्तगण इस दिन शास्त्र सम्मत विधि से व्रत का पालन करते हैं, उन्हें भगवान शिव की कृपा से सभी ग्रह दोषों से मुक्ति प्राप्त होती है। शनि देव की कृपा होने के कारण इस व्रत को कर्मबन्धन काटने वाला व्रत कहा गया है।

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