devotionally made & hosted in India
Search
Mic
Android Play StoreIOS App Store
Ads Subscription Disabled
हि
Setting
Clock
Ads Subscription Disabledविज्ञापन हटायें
X

2007 सोम प्रदोष व्रत का दिन लँकेस्टर, California, संयुक्त राज्य अमेरिका के लिये

DeepakDeepak

2007 सोम प्रदोष व्रत

Location
लँकेस्टर, संयुक्त राज्य अमेरिका
सोम प्रदोष व्रत
28वाँ
मई 2007
Monday / सोमवार
भगवान शिव नन्दी पर सवारी करते हुये
Lord Shiva riding on Nandi

सोम प्रदोष

सोम अधिक शुक्ल प्रदोष व्रत सोमवार, मई 28, 2007 को
प्रदोष पूजा मुहूर्त - 07:58 पी एम से 09:55 पी एम
अवधि - 01 घण्टा 57 मिनट्स
दिन का प्रदोष समय - 07:58 पी एम से 09:55 पी एम
त्रयोदशी तिथि प्रारम्भ - मई 28, 2007 को 12:24 पी एम बजे
त्रयोदशी तिथि समाप्त - मई 29, 2007 को 02:38 पी एम बजे

टिप्पणी: सभी समय १२-घण्टा प्रारूप में लँकेस्टर, संयुक्त राज्य अमेरिका के स्थानीय समय और डी.एस.टी समायोजित (यदि मान्य है) के साथ दर्शाये गए हैं।
आधी रात के बाद के समय जो आगामि दिन के समय को दर्शाते हैं, आगामि दिन से प्रत्यय कर दर्शाये गए हैं। पञ्चाङ्ग में दिन सूर्योदय से शुरू होता है और पूर्व दिन सूर्योदय के साथ ही समाप्त हो जाता है।

2007 सोम प्रदोष

प्रदोष व्रत चन्द्र मास की दोनों त्रयोदशी के दिन किया जाता है जिसमे से एक शुक्ल पक्ष के समय और दूसरा कृष्ण पक्ष के समय होता है। जिस दिन त्रयोदशी तिथि प्रदोष काल के समय व्याप्त होती है उसी दिन प्रदोष का व्रत किया जाता है। प्रदोष काल सूर्यास्त से प्रारम्भ हो जाता है। जब त्रयोदशी तिथि और प्रदोष साथ-साथ होते हैं (जिसे त्रयोदशी और प्रदोष का अधिव्यापन भी कहते हैं) वह समय शिव पूजा के लिये सर्वश्रेष्ठ होता है।

जब प्रदोष का दिन सोमवार को पड़ता है, तो इसे सोम प्रदोष के नाम से जाना जाता है। सोम प्रदोष व्रत भगवान शिव के अत्यन्त प्रिय माने गये व्रतों में से एक है। यह व्रत मानसिक शान्ति, वैवाहिक सुख तथा पारिवारिक समृद्धि हेतु श्रेष्ठ होता है। वैदिक ज्योतिष के अनुसार कुण्डली में चन्द्रदेव से सम्बन्धित अशुभ योगों के निवारण हेतु यह व्रत अत्यन्त प्रभावशाली होता है।

विधिपूर्वक इस व्रत को करने से भगवान शिव की कृपा से मनोवाञ्छित फल प्राप्त होता है। दाम्पत्य जीवन में प्रेम, सामंजस्य एवं मधुरता की वृद्धि हेतु सोम प्रदोष व्रत का सुझाव दिया जाता है। इसके अतिरिक्त इस व्रत को मानसिक समस्याओं के निवारण के लिये भी उपयुक्त माना जाता है।

Name
Name
Email
द्रिकपञ्चाङ्ग पर टिप्पणी दर्ज करने के लिये गूगल अकाउंट से लॉग इन करें।
टिप्पणी
और लोड करें ↓
Kalash
कॉपीराइट नोटिस
PanditJi Logo
सभी छवियाँ और डेटा - कॉपीराइट
Ⓒ www.drikpanchang.com
प्राइवेसी पॉलिसी
द्रिक पञ्चाङ्ग और पण्डितजी लोगो drikpanchang.com के पञ्जीकृत ट्रेडमार्क हैं।
Android Play StoreIOS App Store
Drikpanchang Donation