devotionally made & hosted in India
Search
Mic
Android Play StoreIOS App Store
Ads Subscription Disabled
हि
Setting
Clock
Ads Subscription Disabledविज्ञापन हटायें
X

2026 एकादशी व्रत के दिन लँकेस्टर, California, संयुक्त राज्य अमेरिका के लिए

DeepakDeepak

2026 एकादशी के दिन

एकादशी
3 दिन शेष
जया एकादशी
माघ, शुक्ल एकादशी
लँकेस्टर, संयुक्त राज्य अमेरिका
28
जनवरी 2026
बुधवार
2026 एकादशी उपवास के दिन
[2082 - 2083] विक्रम सम्वत
जनवरी 2026
षटतिला एकादशी
जनवरी 13, 2026, मंगलवार
एकादशी
कृष्ण एकादशी
माघ, कृष्ण एकादशी
प्रारम्भ - 01:47 ए एम, जनवरी 13
समाप्त - 04:22 ए एम, जनवरी 14
जया एकादशी
जनवरी 28, 2026, बुधवार
एकादशी
शुक्ल एकादशी
माघ, शुक्ल एकादशी
प्रारम्भ - 03:05 ए एम, जनवरी 28
समाप्त - 12:25 ए एम, जनवरी 29
फरवरी 2026
विजया एकादशी
फरवरी 12, 2026, बृहस्पतिवार
एकादशी
कृष्ण एकादशी
फाल्गुन, कृष्ण एकादशी
प्रारम्भ - 10:52 पी एम, फरवरी 11
समाप्त - 12:55 ए एम, फरवरी 13
आमलकी एकादशी
फरवरी 27, 2026, शुक्रवार
एकादशी
शुक्ल एकादशी
फाल्गुन, शुक्ल एकादशी
प्रारम्भ - 11:03 ए एम, फरवरी 26
समाप्त - 09:02 ए एम, फरवरी 27
मार्च 2026
एकादशी
कृष्ण एकादशी
चैत्र, कृष्ण एकादशी
प्रारम्भ - 07:40 पी एम, मार्च 13
समाप्त - 08:46 पी एम, मार्च 14
कामदा एकादशी
मार्च 28, 2026, शनिवार
एकादशी
शुक्ल एकादशी
चैत्र, शुक्ल एकादशी
प्रारम्भ - 08:15 पी एम, मार्च 27
समाप्त - 07:16 पी एम, मार्च 28
अप्रैल 2026
वरूथिनी एकादशी
अप्रैल 13, 2026, सोमवार
एकादशी
कृष्ण एकादशी
वैशाख, कृष्ण एकादशी
प्रारम्भ - 12:46 पी एम, अप्रैल 12
समाप्त - 12:38 पी एम, अप्रैल 13
एकादशी
शुक्ल एकादशी
वैशाख, शुक्ल एकादशी
प्रारम्भ - 05:36 ए एम, अप्रैल 26
समाप्त - 05:45 ए एम, अप्रैल 27
मई 2026
अपरा एकादशी
मई 12, 2026, मंगलवार
एकादशी
कृष्ण एकादशी
ज्येष्ठ, कृष्ण एकादशी
प्रारम्भ - 02:22 ए एम, मई 12
समाप्त - 12:59 ए एम, मई 13
पद्मिनी एकादशी
मई 26, 2026, मंगलवार
एकादशी
शुक्ल एकादशी
ज्येष्ठ, शुक्ल एकादशी
प्रारम्भ - 04:40 पी एम, मई 25
समाप्त - 05:51 पी एम, मई 26
जून 2026
परम एकादशी
जून 11, 2026, बृहस्पतिवार
एकादशी
कृष्ण एकादशी
ज्येष्ठ, कृष्ण एकादशी
प्रारम्भ - 12:27 पी एम, जून 10
समाप्त - 10:06 ए एम, जून 11
निर्जला एकादशी
जून 25, 2026, बृहस्पतिवार
एकादशी
शुक्ल एकादशी
ज्येष्ठ, शुक्ल एकादशी
प्रारम्भ - 05:42 ए एम, जून 24
समाप्त - 07:39 ए एम, जून 25
जुलाई 2026
योगिनी एकादशी
जुलाई 10, 2026, शुक्रवार
एकादशी
कृष्ण एकादशी
आषाढ़, कृष्ण एकादशी
प्रारम्भ - 07:46 पी एम, जुलाई 09
समाप्त - 04:52 पी एम, जुलाई 10
देवशयनी एकादशी
जुलाई 24, 2026, शुक्रवार
एकादशी
शुक्ल एकादशी
आषाढ़, शुक्ल एकादशी
प्रारम्भ - 08:42 पी एम, जुलाई 23
समाप्त - 11:04 पी एम, जुलाई 24
अगस्त 2026
कामिका एकादशी
अगस्त 8, 2026, शनिवार
एकादशी
कृष्ण एकादशी
श्रावण, कृष्ण एकादशी
प्रारम्भ - 01:29 ए एम, अगस्त 08
समाप्त - 10:34 पी एम, अगस्त 08
श्रावण पुत्रदा एकादशी
अगस्त 23, 2026, रविवार
एकादशी
शुक्ल एकादशी
श्रावण, शुक्ल एकादशी
प्रारम्भ - 01:30 पी एम, अगस्त 22
समाप्त - 03:48 पी एम, अगस्त 23
सितम्बर 2026
अजा एकादशी
सितम्बर 6, 2026, रविवार
एकादशी
कृष्ण एकादशी
भाद्रपद, कृष्ण एकादशी
प्रारम्भ - 06:59 ए एम, सितम्बर 06
समाप्त - 04:33 ए एम, सितम्बर 07
एकादशी
शुक्ल एकादशी
भाद्रपद, शुक्ल एकादशी
प्रारम्भ - 07:30 ए एम, सितम्बर 21
समाप्त - 09:13 ए एम, सितम्बर 22
अक्टूबर 2026
इन्दिरा एकादशी
अक्टूबर 6, 2026, मंगलवार
एकादशी
कृष्ण एकादशी
आश्विन, कृष्ण एकादशी
प्रारम्भ - 01:37 पी एम, अक्टूबर 05
समाप्त - 12:04 पी एम, अक्टूबर 06
पापांकुशा एकादशी
अक्टूबर 21, 2026, बुधवार
एकादशी
शुक्ल एकादशी
आश्विन, शुक्ल एकादशी
प्रारम्भ - 01:41 ए एम, अक्टूबर 21
समाप्त - 02:17 ए एम, अक्टूबर 22
नवम्बर 2026
रमा एकादशी
नवम्बर 4, 2026, बुधवार
एकादशी
कृष्ण एकादशी
कार्तिक, कृष्ण एकादशी
प्रारम्भ - 09:33 पी एम, नवम्बर 03
समाप्त - 09:05 पी एम, नवम्बर 04
एकादशी
शुक्ल एकादशी
कार्तिक, शुक्ल एकादशी
प्रारम्भ - 05:45 पी एम, नवम्बर 19
समाप्त - 05:01 पी एम, नवम्बर 20
दिसम्बर 2026
उत्पन्ना एकादशी
दिसम्बर 4, 2026, शुक्रवार
एकादशी
कृष्ण एकादशी
मार्गशीर्ष, कृष्ण एकादशी
प्रारम्भ - 09:33 ए एम, दिसम्बर 03
समाप्त - 10:14 ए एम, दिसम्बर 04
एकादशी
शुक्ल एकादशी
मार्गशीर्ष, शुक्ल एकादशी
प्रारम्भ - 08:39 ए एम, दिसम्बर 19
समाप्त - 06:44 ए एम, दिसम्बर 20

टिप्पणी: सभी समय १२-घण्टा प्रारूप में लँकेस्टर, संयुक्त राज्य अमेरिका के स्थानीय समय और डी.एस.टी समायोजित (यदि मान्य है) के साथ दर्शाये गए हैं।
आधी रात के बाद के समय जो आगामि दिन के समय को दर्शाते हैं, आगामि दिन से प्रत्यय कर दर्शाये गए हैं। पञ्चाङ्ग में दिन सूर्योदय से शुरू होता है और पूर्व दिन सूर्योदय के साथ ही समाप्त हो जाता है।

2026 एकादशी उपवास के दिन

Goddess Ekadashi

हिन्दु कैलेण्डर में हर ११वीं तिथि को एकादशी उपवास किया जाता है। एक माह में दो एकादशी व्रत होते हैं जिसमे से एक शुक्ल पक्ष के समय और दूसरा कृष्ण पक्ष के समय होता है। भगवान विष्णु का आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए उनके भक्त एकादशी व्रत रखते हैं।

एकादशी उपवास तीन दिनों तक चलता है। यह सुनिश्चित करने के लिए कि अगले दिन पेट में भोजन का कोई अवशेष न रहे श्रद्धालु उपवास के एक दिन पहले केवल दोपहर में भोजन करते हैं। एकादशी के दिन श्रद्धालु कठोर उपवास रखते हैं और अगले दिन सूर्योदय के बाद ही उपवास समाप्त करते हैं। एकादशी उपवास के समय सभी तरह के अन्न का भोजन करना वर्जित होता है।

श्रद्धालु अपनी मनोशक्ति और शरीर की सामर्थ के अनुसार पानी के बिना, केवल पानी के साथ, केवल फलों के साथ अथवा एक समय सात्विक भोजन के साथ उपवास को करते हैं। उपवास के समय किस तरह का भोजन खाना है यह निर्णय उपवास शुरू करने से पहले लिया जाता है।

एकादशी व्रत

कभी कभी एकादशी व्रत लगातार दो दिनों के लिए हो जाता है। जब एकादशी व्रत दो दिन होता है तब स्मार्थ-परिवारजनों को पहले दिन एकादशी व्रत करना चाहिए। दुसरे दिन वाली एकादशी को दूजी एकादशी कहते हैं। सन्यासियों, विधवाओं और मोक्ष प्राप्ति के इच्छुक श्रद्धालुओं को दूजी एकादशी के दिन व्रत करना चाहिए। जब-जब एकादशी व्रत दो दिन होता है तब-तब दूजी एकादशी और वैष्णव एकादशी एक ही दिन होती हैं।

भगवान विष्णु का प्यार और स्नेह के इच्छुक परम भक्तों को दोनों दिन एकादशी व्रत करने की सलाह दी जाती है।

इस पृष्ठ के सभी एकादशी व्रतों के दिन स्मार्थों के लिए मान्य हैं। एकादशी व्रतों के दिन जो वैष्णव सम्प्रदाय के लिए मान्य है वैष्णव एकादशी उपवास पर सूचित किये गए हैं। साधारणतः वैष्णव एकादशी और स्मार्थ एकादशी का व्रत एक ही दिन होता है परन्तु साल में तीन-चार बार वैष्णव एकादशी का व्रत स्मार्थ एकादशी के एक दिन बाद होता है।

क्रमशः दो दिनों पर एकादशी एवं प्रदोष व्रत

अनेक भक्तगण एकादशी व्रत के साथ-साथ प्रदोष व्रत भी करते हैं। सामान्यतः एकादशी एवं प्रदोष व्रत के मध्य एक दिन का अन्तर होता है। यद्यपि, अनेक बार इन्हें निरन्तर दो दिन मनाया जाता है। अनेक भक्त जानना चाहते हैं कि, यदि एकादशी के अगले दिन प्रदोष व्रत भी पड़ रहा हो तो एकादशी व्रत का पारण कैसे करें। ऐसी स्थिति में केवल जल से प्रतीकात्मक एकादशी पारण करने तथा वास्तविक व्रत पारण किये बिना ही प्रदोष व्रत करने का सुझाव दिया जाता है। यद्यपि, यह कठिन प्रतीत होता है, किन्तु हिन्दु धर्म में निरन्तर दो दिन व्रत करना अति सामान्य है।

Name
Name
Email
द्रिकपञ्चाङ्ग पर टिप्पणी दर्ज करने के लिये गूगल अकाउंट से लॉग इन करें।
टिप्पणी
और लोड करें ↓
Kalash
कॉपीराइट नोटिस
PanditJi Logo
सभी छवियाँ और डेटा - कॉपीराइट
Ⓒ www.drikpanchang.com
प्राइवेसी पॉलिसी
द्रिक पञ्चाङ्ग और पण्डितजी लोगो drikpanchang.com के पञ्जीकृत ट्रेडमार्क हैं।
Android Play StoreIOS App Store
Drikpanchang Donation