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देवी कूष्माण्डा आरती - हिन्दी गीतिकाव्य

DeepakDeepak

कूष्माण्डा माता आरती

कूष्माण्डा जय जग सुखदानी आरती देवी कूष्माण्डा को समर्पित है। देवी कूष्माण्डा माता पार्वती के नौ अवतारों में से एक हैं और नवरात्रि के चौथे दिन उनकी पूजा की जाती है।

॥ आरती देवी कूष्माण्डा जी की ॥

कूष्माण्डा जय जग सुखदानी।मुझ पर दया करो महारानी॥

पिङ्गला ज्वालामुखी निराली।शाकम्बरी माँ भोली भाली॥

लाखों नाम निराले तेरे।भक्त कई मतवाले तेरे॥

भीमा पर्वत पर है डेरा।स्वीकारो प्रणाम ये मेरा॥

सबकी सुनती हो जगदम्बे।सुख पहुँचती हो माँ अम्बे॥

तेरे दर्शन का मैं प्यासा।पूर्ण कर दो मेरी आशा॥

माँ के मन में ममता भारी।क्यों ना सुनेगी अरज हमारी॥

तेरे दर पर किया है डेरा।दूर करो माँ संकट मेरा॥

मेरे कारज पूरे कर दो।मेरे तुम भण्डारे भर दो॥

तेरा दास तुझे ही ध्याये।भक्त तेरे दर शीश झुकाये॥

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