

जानिए पण्डितजी के अनुसार आपका वर्ष कैसा रहेगा -
स्वास्थ्य: इस वर्ष राहु-केतु दशम और चतुर्थ भाव पर गोचर करते रहेंगे। इसके कारण आपको बीमारियों से परेशान होना पड़ सकता है। मार्च के महीने में सेहत से जुड़ी समस्या हो सकती है। फेफड़े सम्बन्धी समस्या हो सकती है। अगस्त-सितम्बर के महीने में पेट दर्द की शिकायत होगी। अपनी दिनचर्या में प्राणायाम और योग को अवश्य सम्मिलित करें। यदि कोई पुरानी बीमारी है तो आपको इलाज ठीक तरह से लेना चाहिये। नवम्बर के आसपास घुटनों का दर्द परेशान करेगा। गुरु का सिंह राशि में गोचर पुराने रोगों को दोबारा उभार सकता है।
आर्थिक स्थिति: इस वर्ष की शुरुआत आर्थिक दृष्टि से बहुत अच्छी रहने वाली है। व्यापार में धन लाभ होने से मन प्रसन्न रहेगा। शेयर मार्केट और म्यूचुअल फण्ड जैसे निवेश आपको काफी अच्छा लाभ देंगे। वर्ष के पूर्वार्ध में बृहस्पति की शनि पर दृष्टि होने से आपको जॉब में पदोन्नति से धन लाभ भी मिलेगा। जनवरी से मई तक का समय आपके लिये आर्थिक दृष्टि से शुभ रहेगा। दवाइयों पर आपके खर्चे बढ़ने के योग बन रहे हैं। सम्भव है कि आप व्यापार में बड़े निवेश कर सकते हैं। विदेश में व्यवसाय के बड़े अवसर मिल सकते हैं।
कौटुम्बिक एवं सामाजिक: सामाजिक सम्बन्धों में आप काफी ध्यान देंगे। आपको अपने मान-सम्मान की चिन्ता रहेगी। पिता के किसी सदस्य के स्वास्थ्य की चिन्ता रहेगी। मार्च के महीने में परिवार में कुछ परेशानी रहेगी। माता-पिता का स्वास्थ्य भी आपके लिये चिन्ता का विषय रहेगा। मई माह तक का समय सन्तान के लिये बहुत अच्छा रहेगा। नया घर खरीदने का विचार बना सकते हैं। लेकिन उसमें आपको अत्यधिक बाधा आयेगी। जून महीने के बाद आपको सफलता मिलेगी। सम्पत्ति को लेकर परिवार में तनाव हो सकता है। अक्टूबर माह में पड़ने वाला ग्रहण आपकी माता की सेहत को परेशान करेगा।
प्रणय जीवन: इस वर्ष वैवाहिक जीवन अत्यन्त शुभ रहने वाला है। आप प्रेम सम्बन्धों का काफी अच्छी तरह से आनन्द उठायेंगे। वर्ष की शुरुआत में ही आप अपने प्रेमी को प्रपोज कर सकते हैं। आप अपने जीवनसाथी को काफी समय देंगे। किन्तु मार्च और अक्टूबर माह के दौरान कई बार आपके और पार्टनर के साथ गम्भीर झगड़े हो सकते हैं। आपको हिंसा और कटु वचनों से बचना चाहिये। जून में गुरु के कर्क में जाने के बाद आप जीवनसाथी के साथ घूमने जा सकते हैं। इससे आपके रिश्तों में ताजगी आयेगी। जुलाई के बाद शनि जब वक्री होंगे तब ससुराल के लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ेगा।
शिक्षा और करियर: करियर के दृष्टिकोण से आप इस वर्ष अत्यन्त भाग्यशाली रहेंगे। गुरु की कृपादृष्टि से उच्च शिक्षा में उत्तम सफलता मिलेगी। नये व्यापार की शुरुआत करने के लिये धन की व्यवस्था हो जायेगी। फाइनेन्स से जुड़े मामलों में सफलता मिलेगी। प्रशासन और प्रबन्धन से जुड़े लोगों को इस वर्ष अत्यधिक यश मिलेगा। गुरु का कर्क में गोचर विदेश में जॉब में अवसर लेकर आयेगा। लेकिन जून में शनि के वक्री होने के बाद चलते हुये कार्यों में बाधा आयेगी।
समाधान: प्रत्येक माह के दोनों प्रदोष के दिन शिवजी का पूजन करें।
द्रिक पञ्चाङ्ग के पण्डितजी आपके मंगलमय वर्ष की कामना करते हैं।