

जानिए पण्डितजी के अनुसार आपका वर्ष कैसा रहेगा -
स्वास्थ्य: इस वर्ष आप शनि की साढ़ेसाती के साथ-साथ राहु के द्वादश गोचर के प्रभाव में रहेंगे। हड्डियों के रोग उत्पन्न हो सकते हैं। वर्ष के प्रथम महीने में ही आपको स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। गठिया और घुटनों के दर्द से पीड़ित जातकों की समस्या बढ़ने वाली है। वाहन चलाते समय विशेष सावधानी रखने की आवश्यकता रहेगी। आपकी जीवनशैली अव्यवस्थित हो सकती है। जुलाई से दिसम्बर के बीच आपको स्वास्थ्य के प्रति गम्भीर रहना चाहिये। हर तीन महीने में रूटीन चेकअप अवश्य करवा लें।
आर्थिक स्थिति: राहु के द्वादश भाव में गोचर के कारण आपको अचानक धन लाभ और अचानक धन हानि का सामना करना पड़ेगा। आपको मकान और वाहन सुख प्राप्त हो सकता है। आय के नवीन स्रोत विकसित होंगे। मार्च से जून के बीच गुरु की दृष्टि आय स्थान में होने से आपको पुराने निवेश से लाभ मिलेगा। रियल एस्टेट के क्रय-विक्रय से अधिक लाभ नहीं होगा। आभूषण और SIP आदि में बड़ा निवेश कर सकते हैं। सितम्बर में शनि की ढैया के कारण आर्थिक नुकसान हो सकता है।
कौटुम्बिक एवं सामाजिक: इस वर्ष समाज में आपकी छवि एक विद्वान् व्यक्ति के रूप में प्रस्तुत होगी। कानूनी विवादों से दूर रहने का प्रयास करें। बच्चों की पढ़ाई से सन्तुष्ट रहेंगे। राजनीति से जुड़े लोगों को काफी सावधानी रखनी चाहिये। आपकी वाणी से लोगों का मन विचलित हो सकता है। जुलाई से अक्टूबर के बीच में आपको सन्तान सुख भी प्राप्त होगा। माता के स्वास्थ्य का ध्यान रखें। विदेशी लोगों पर अधिक विश्वास न करें।
प्रणय जीवन: दाम्पत्य जीवन में प्रेम रहेगा। अविवाहितों के लिये नये रिश्ते आ सकते हैं। दाम्पत्य जीवन में संघर्ष है तो किसी तीसरे को मध्यस्थ के रूप में न रखें। प्रेम विवाह को परिवार की अनुमति मिल सकती है। जीवनसाथी को कुछ उपहार दे सकते हैं। वैवाहिक जीवन आमतौर पर सामान्य ही रहेगा। अप्रैल के बाद विवाह के योग प्रबल होंगे। अवैध सम्बन्धों से दूर रहना आपके लिये हितकर होगा। वर्ष के उत्तरार्ध में आपकी दाम्पत्य समस्याओं का निवारण होगा।
शिक्षा और करियर: वर्ष का पूर्वार्ध शिक्षा के लिये अनुकूल नहीं है। आपको विदेश यात्रा भी करनी पड़ सकती है। आपको बड़े कर्ज लेने से बचना चाहिये। सरकारी अधिकारियों के ऊपर काम का काफी दबाव रहेगा। प्राइवेट नौकरी में आपकी आय बढ़ सकती है। व्यापार में पार्टनरशिप से आपको बचना चाहिये। मार्च-जून में लापरवाही से उच्चाधिकारियों से बहसबाजी हो सकती है। नवम्बर-दिसम्बर के बीच अनावश्यक खर्चों से सावधान रहना चाहिये। शोध सम्बन्धी कार्यों के लिये वर्ष उत्तम है।
समाधान: नित्य शनिवार को बहते जल में नारियल और बादाम प्रवाहित करें। गाय को काला गुड़ खिलायें।
द्रिक पञ्चाङ्ग के पण्डितजी आपके मंगलमय वर्ष की कामना करते हैं।