बारह मास की द्वादशी व्रत कथायें
- मत्स्य द्वादशी व्रत कथा - हिन्दु पञ्चाङ्ग के अनुसार, मार्गशीर्ष माह के शुक्ल पक्ष की द्वादशी को मत्स्य द्वादशी के रूप में मनाया जाता है। मत्स्य द्वादशी के दिन भगवान विष्णु के मत्स्य अवतार की पूजा-अर्चना की जाती है।
- कूर्म द्वादशी व्रत कथा - हिन्दु पञ्चाङ्ग के अनुसार, पौष माह के शुक्ल पक्ष की द्वादशी को कूर्म द्वादशी के रूप में मनाया जाता है। कूर्म द्वादशी के दिन भगवान विष्णु के कूर्म अवतार का पूजन एवं व्रत किया जाता है।
- भीष्म द्वादशी व्रत कथा - हिन्दु पञ्चाङ्ग के अनुसार, माघ माह के शुक्ल पक्ष की द्वादशी को भीष्म द्वादशी के रूप में मनाया जाता है। भीष्म द्वादशी के पावन अवसर पर भगवान विष्णु का पूजन, व्रत एवं तिलदान करने से सौ वाजपेय यज्ञों का फल प्राप्त होता है।
- नृसिंह द्वादशी व्रत कथा - हिन्दु पञ्चाङ्ग के अनुसार, फाल्गुन माह के शुक्ल पक्ष की द्वादशी को नृसिंह द्वादशी के रूप में मनाया जाता है। नृसिंह द्वादशी के दिन भगवान विष्णु के नृसिंह अवतार की पूजा-अर्चना की जाती है।
- वामन द्वादशी व्रत कथा - हिन्दु पञ्चाङ्ग के अनुसार, चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की द्वादशी को वामन द्वादशी के रूप में मनाया जाता है। वामन द्वादशी के दिन भगवान विष्णु के वामन अवतार का पूजन एवं व्रत किया जाता है।
- परशुराम द्वादशी व्रत कथा - हिन्दु पञ्चाङ्ग के अनुसार, वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की द्वादशी को परशुराम द्वादशी के रूप में मनाया जाता है। परशुराम द्वादशी के दिन भगवान विष्णु के परशुराम अवतार के निमित्त व्रत एवं उनकी विशेष पूजा-अर्चना की जाती है।
- रामलक्ष्मण द्वादशी व्रत कथा - हिन्दु पञ्चाङ्ग के अनुसार, ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की द्वादशी को रामलक्ष्मण द्वादशी के रूप में मनाया जाता है। रामलक्ष्मण द्वादशी के दिन भगवान विष्णु के राम अवतार एवं श्रीलक्ष्मण जी का पूजन एवं व्रत किया जाता है।
- वासुदेव द्वादशी व्रत कथा - हिन्दु पञ्चाङ्ग के अनुसार, आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष की द्वादशी को वासुदेव द्वादशी के रूप में मनाया जाता है। वासुदेव द्वादशी के दिन भगवान विष्णु के वासुदेव रूप की भक्तिपूर्वक आराधना की जाती है।
- दामोदर द्वादशी व्रत कथा - हिन्दु पञ्चाङ्ग के अनुसार, श्रावण माह के शुक्ल पक्ष की द्वादशी को दामोदर द्वादशी के रूप में मनाया जाता है। दामोदर द्वादशी के दिन भगवान विष्णु के दामोदर रूप की आराधना की जाती है।
- कल्कि द्वादशी व्रत कथा - हिन्दु पञ्चाङ्ग के अनुसार, भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की द्वादशी को कल्कि द्वादशी के रूप में मनाया जाता है। कल्कि द्वादशी के दिन भगवान विष्णु के कल्कि अवतार की पूजा-अर्चना की जाती है।
- पद्मनाभ द्वादशी व्रत कथा - हिन्दु पञ्चाङ्ग के अनुसार, आश्विन माह के शुक्ल पक्ष की द्वादशी को पद्मनाभ द्वादशी के रूप में मनाया जाता है। पद्मनाभ द्वादशी के दिन भगवान विष्णु के पद्मनाभ रूप की उपासना की जाती है।
- योगेश्वर द्वादशी व्रत कथा - हिन्दु पञ्चाङ्ग के अनुसार, कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की द्वादशी को योगेश्वर द्वादशी के रूप में मनाया जाता है। योगेश्वर द्वादशी के दिन भगवान विष्णु के योगेश्वर रूप की पूजा-अर्चना एवं व्रत का पालन किया जाता है।
अन्य द्वादशी व्रत कथायें
मदन द्वादशी व्रत कथा - हिन्दु पञ्चाङ्ग के अनुसार, चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की द्वादशी को मदन द्वादशी व्रत किया जाता है। व्रत का सम्पूर्ण फल प्राप्त करने हेतु इस दिन मदन द्वादशी व्रत कथा का पाठ एवं श्रवण किया जाता है। इस व्रत के फलस्वरूप देवी दिति को पुत्र रूप में उनचास मरुद्गण की प्राप्ति हुयी थी।
गोवत्स द्वादशी व्रत कथा - हिन्दु पञ्चाङ्ग के अनुसार, धनतेरस से एक दिन पूर्व गोवत्स द्वादशी मनायी जाती है। इस दिन गायों एवं उनके बछड़ों की पूजा-अर्चना की जाती है। इसके अतिरिक्त इस दिन मातायें अपनी सन्तान की कुशलता एवं दीर्घायु की कामना से व्रत का पालन करती हैं।