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भगवान विष्णु - सृष्टि के पालनकर्ता एवं संरक्षक

DeepakDeepak

भगवान विष्णु

भगवान विष्णु

भगवान विष्णु, हिन्दु धर्म के सर्वाधिक महत्त्वपूर्ण देवताओं में से एक हैं। भगवान शिव एवं भगवान ब्रह्मा के साथ ही भगवान विष्णु भी हिन्दु धर्म के तीन प्रमुख देवों, अतः त्रिमूर्ति में से एक हैं। भगवान विष्णु सृष्टि के संरक्षक एवं पालक हैं, तथा भगवान ब्रह्मा एवं भगवान शिव क्रमशः सृष्टि के निर्माता एवं संहारक हैं।

Lord Vishnu in Ksheer Sagar
क्षीर सागर में भगवान विष्णु

भगवान विष्णु, वैष्णव सम्प्रदाय के सर्वोच्च पूज्यनीय देवता हैं।

भगवान विष्णु कुटुम्ब

देवी लक्ष्मी, भगवान विष्णु की अर्धाङ्गिनी हैं, जो सम्पत्ति एवं समृद्धि की देवी हैं। यह मान्यता है कि, देवी लक्ष्मी भगवान विष्णु के हृदय में निवास करती हैं, तथा जो भक्तगण भगवान विष्णु की पूजा-अर्चना करते हैं, उन्हें सुख-समृद्धि एवं सम्पत्ति की प्राप्ति होती है।

दक्षिण भारतीय परम्पराओं के अनुसार, श्रीदेवी एवं भूमादेवी भगवान विष्णु की दो अर्धाङ्गिनी हैं। अतः कुछ चित्रों में भगवान विष्णु को दोनों देवियों के साथ दर्शाया जाता है।

भगवान विष्णु क्षीरसागर में निवास करते हैं। भगवान विष्णु शेषनाग की शैया पर विश्राम करते हैं। भगवान विष्णु की नाभि से एक कमल पुष्प प्रकट होता है, जो देवी लक्ष्मी का प्रिय पुष्प है तथा उस कमल पुष्प पर भगवान ब्रह्मा विराजमान होते हैं।

भगवान विष्णु एवं देवी लक्ष्मी के 18 पुत्र हैं, जिनका नाम देवसखा, चिक्लीत, आनन्द, कर्दम, श्रीप्रद, जातवेद, अनुराग, सम्वाद, विजय, वल्लभ, मद, हर्ष, बल, तेज, दमक, सलिल, गुग्गुल तथा कुरूण्टक है।

भगवान विष्णु उत्सव एवं उपवास

विष्णु मन्त्र

भगवान विष्णु के सर्वाधिक महत्त्वपूर्ण मूल मन्त्रों में से एक निम्नलिखित है -

ॐ नमोः नारायणाय। ॐ नमोः भगवते वासुदेवाय॥

भगवान विष्णु के अवतार एवं स्वरूप

भगवान विष्णु के 10 लोकप्रिय अवतार हैं, जिन्हें दशावतार के रूप में जाना जाता है।

  1. मत्स्य
  2. कूर्म
  3. वाराह
  4. भगवान नृसिंह
  5. वामन
  6. परशुराम
  7. भगवान राम
  8. बलराम
  9. भगवान कृष्ण
  10. कल्कि

दशावतार, भगवान विष्णु के अवतारों की सर्वाधिक लोकप्रिय सूचि है। यद्यपि, भगवान विष्णु के भक्तों के मध्य एक अन्य सूचि भी प्रचलित है, जिसमें भगवान विष्णु के 24 अवतारों को सूचिबद्ध किया गया है।

  1. आदि पुरुष अवतार - सृष्टि के प्राचीनतम् पुरुष
    सनत्कुमार - ब्रह्मा के मानस पुत्र
  2. वाराह अवतार - जँगली सूअर (वराह) का अवतार
  3. नारद अवतार
  4. नर-नारायण अवतार
  5. कपिल अवतार
  6. दत्तात्रेय अवतार - भगवान दत्ता का अवतार
  7. यज्ञ अवतार - प्रजापति एवं आकूति के यहाँ जन्म लेने वाले यज्ञ
  8. ऋषभ अवतार - ऋषभदेव का अवतार
  9. पृथु अवतार
  10. मत्स्य अवतार - मछली का अवतार
  11. कूर्म अवतार अथवा कच्छप अवतार - कछुये का अवतार
  12. धन्वन्तरि अवतार - औषधि के देवता
  13. मोहिनी अवतार - सर्वाधिक मनमोहक एवं आकर्षक स्त्री के रूप में अवतार
  14. नृसिंह अवतार - अर्ध मानव एवं अर्ध सिंह के रूप में अवतार
  15. वामन अवतार - छोटे से बटुक के रूप में अवतार
  16. परशुराम अवतार
  17. व्यास अवतार - वेदव्यास के रूप में अवतार
  18. श्री राम अवतार
  19. बलराम अवतार
  20. श्री कृष्ण अवतार
  21. बुद्ध अवतार
  22. हयग्रीव अवतार - अश्व के मुख वाला अवतार
  23. हंस अवतार - हंस के रूप में अवतार
  24. कल्कि अवतार - कलियुग के अन्त में भगवान विष्णु कल्कि के रूप में अवतार धारण करेंगे।

भगवान विष्णु देवालय

  1. पद्मनाभस्वामी मन्दिर, तिरुवनन्तपुरम
  2. श्री रंगनाथस्वामी मन्दिर, श्रीरंगम
  3. जगन्नाथ मन्दिर, पुरी
  4. बद्रीनाथ मन्दिर, बद्रीनाथ
  5. दशावतार मन्दिर, देवगढ़
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द्रिक पञ्चाङ्ग और पण्डितजी लोगो drikpanchang.com के पञ्जीकृत ट्रेडमार्क हैं।
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